फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Daughters are kicking their career with passion

Moradabad News: जुनून से कॅरिअर को किक मार रहीं बेटियां

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 14 Jun 2025 01:54 AM IST
विज्ञापन
Daughters are kicking their career with passion
मुरादाबाद। सोनकपुर स्टेडियम में धूल भरे मैदान पर दाैड़ते हुए फुटबाल को अपने पैरों से साधकर गोल पोस्ट की ओर बढ़ती बेटियां जुनून के बल पर अपने कॅरिअर को नई दिशा दे रही हैं। संसाधनों के अभाव में भी बेटियाें का जज्बा कम नहीं है। खेल के मैदान पर पसीना बहाती यह होनहार बेटियां अपनी मेहनत से सफलता की कहानी लिख रही हैं।
विज्ञापन

बड़े शहरों या प्राइवेट एकेडमी की खिलाड़ियों के पास आधुनिक प्रशिक्षण, कोचिंग स्टाफ, जूते, किट और डाइटिशियन की सुविधा होती है, लेकिन सोनकपुर स्टेडियम की इन लड़कियों के पास सिर्फ हौसला है। न तो मैदान की समुचित देखरेख है और न ही पर्याप्त उपकरण। कई खिलाड़ी अपनी किट भी खुद जुटाती हैं। तमाम कठिनाइयों के बीच भी उनके उत्साह में कोई कमी नहीं है।
विज्ञापन

स्टेडियम में मौजूदा समय में दर्जनभर महिला खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। इन खिलाड़ियों के माता-पिता भी बेटियों के इस जुनून में उनका साथ दे रहे हैं। स्टेडियम में अभ्यास करने वाली खिलाड़ी सानिया कहती हैं कि शुरू में लोग ताने मारते थे कि लड़की होकर फुटबाल क्यों खेलती हो। अब जब हम अच्छा कर रहे हैं तो वही लोग हमें प्रोत्साहित कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, रूचिका और हिबा का कहना है कि लड़कियों की कम संख्या है, इसलिए लड़कों के साथ ही अभ्यास करना पड़ता है। जूनियर लड़कों के साथ खेलने पर उनके खेल में भी काफी सुधार होता है। उन्हें तकनीक सुधारने में भरपूर मदद मिलती है।

-----------
इन सुविधाओं की है कमी

अभ्यास करने वाली खिलाड़ियों का कहना है कि फुटबाल के मैदान में घास होनी चाहिए, लेकिन यहां धूल उड़ती है। अभ्यास के लिए जो पर्याप्त स्थान होना चाहिए वह भी नसीब नहीं है। अभ्यास करते समय एथलेटिक्स व अन्य खेलों के खिलाड़ियों की वजह से काफी ध्यान भटकता है। इससे उनका खेल भी प्रभावित होता है। उन्हें अभ्यास के लिए गेंद भी नहीं मिलती है। कई बार तो वह खुद ही पैसे जुटाकर फुटबाल का इंतजाम करती हैं। इन खिलाड़ियों का कहना है कि अगर कुछ बुनियादी सुविधाएं मुहैया हो जाएं तो वह और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।

-----------
राज्य स्तर तक दिखा चुकी हैं प्रतिभा
बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बावजूद यहां की खिलाड़ी जिले का नाम रोशन कर रही हैं। स्टेडियम में मौजूदा समय में चार खिलाड़ी राज्य स्तर और दो खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं। हाल ही में गुलनाज ने प्रदेशीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए एक टूर्नामेंट में टीम को चैंपियन बनाया है।

------------
खिलाड़ियों का दर्द
मैदान बहुत छोटा है। कई खेल के खिलाड़ी एक साथ अभ्यास करते हैं। इससे अभ्यास करने में परेशानी आती है। फिर भी हम पहले से बहुत अच्छा खेल खेल रहे हैं। - विनीता
-----------
मैदान में धूल उड़ती है और कई तरह की परेशानी होती है। फिर भी हमें आगे बढ़ना है तो अपने खेल पर ध्यान देना होगा। हम आगे की प्रतियोगिता के लिए तैयारी कर रहे हैं। - गुलनाज
-------
शुरुआत की थी तो नहीं लगा था कि खेल पाऊंगी। अब मुझे फुटबाल में बड़ा नाम बनाना है। जरूरी नहीं की सभी सुविधाएं मिलें तभी कॅरिअर में आगे बढ़ा जा सकता है। मैं आगे बढ़ने के लिए संघर्ष कर रही हूं। - निशिता

----------
स्टेडियम में खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। महिला और पुरुष खिलाड़ी दोनों ही कई प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। जो जरूरी सुविधाएं होती हैं, उन्हें स्टेडियम की ओर से मुहैया करा दिया जाता है। - सचिन विश्नोई, फुटबाल कोच
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed