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धुंध छंटी, दमघोंटू हवा का कहर जारी
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Nov 2017 01:43 AM IST
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कोहरे में पहुंच रही ट्रेन।
- फोटो : amar ujala
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मुरादाबाद में तीन दिनों से छाई प्रदूषणकारी धुंध बृहस्पतिवार की दोपहर के बाद छंट गई। लेकिन हवा में घुला जहर में मामूली कमी आई है।फिलहाल प्रदेश के सबसे दूषित शहरों में गुरुवार को मुरादाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 414 प्रति घन मीटर दर्ज किया गया जो छठे नंबर पर रहा। विशेषज्ञों के अनुसार वायु प्रदूषण की स्थिति किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को बीमार करने के लिहाज से अभी भी खतरनाक है।
पिछले तीन दिन से वातावरण में छाई धुंध की परत मुरादाबाद वासियों के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। गुरुवार को सुबह धुंध छंटने के बाद धूप निकली लेकिन हवा काफी जहरीली है। इसकी वजह यह है कि यहां अभी भी गिरावट दर्ज करने के बावजूद एक्यूआई चार सौ प्रति घन मीटर से ऊपर आ रहा है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि मौसम में आए बदलाव और स्थिर हुई हवा ने जिले को वायु प्रदूषण और धुंध की चपेट में ला दिया है। हवा के स्थिर होने की वजह से प्रदूषण बढ़ाने वाले धूल और हानिकारक गैसों के कण छंट नहीं पा रहे हैं। यही वजह है कि हानिकारक कण हवा में मौजूद हैं।
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पर्यावरणविद् डॉ. अनामिका त्रिपाठी ने बताया कि यह हवा सामान्य व्यक्ति को भी लंबे समय तक संपर्क में रहने पर बीमार बना सकती है। इससे आंखों में जलन और सांस की बीमारी से लेकर हाइपरटेंशन, उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अस्थमा के मरीजों को प्रदूषित हवा में जाने से बचना चाहिए।
गैस चैंबर बने हुए प्रदेश के शहर
शहर सात नवंबर आठ नवंबर नौ नवंबर
मुरादाबाद 500 439 414
वाराणसी 291 318 358
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पिछले तीन दिन से वातावरण में छाई धुंध की परत मुरादाबाद वासियों के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। गुरुवार को सुबह धुंध छंटने के बाद धूप निकली लेकिन हवा काफी जहरीली है। इसकी वजह यह है कि यहां अभी भी गिरावट दर्ज करने के बावजूद एक्यूआई चार सौ प्रति घन मीटर से ऊपर आ रहा है।
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वैज्ञानिकों का मानना है कि मौसम में आए बदलाव और स्थिर हुई हवा ने जिले को वायु प्रदूषण और धुंध की चपेट में ला दिया है। हवा के स्थिर होने की वजह से प्रदूषण बढ़ाने वाले धूल और हानिकारक गैसों के कण छंट नहीं पा रहे हैं। यही वजह है कि हानिकारक कण हवा में मौजूद हैं।
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पर्यावरणविद् डॉ. अनामिका त्रिपाठी ने बताया कि यह हवा सामान्य व्यक्ति को भी लंबे समय तक संपर्क में रहने पर बीमार बना सकती है। इससे आंखों में जलन और सांस की बीमारी से लेकर हाइपरटेंशन, उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अस्थमा के मरीजों को प्रदूषित हवा में जाने से बचना चाहिए।
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मुरादाबाद 500 439 414
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