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Moradabad News: शिवालयों में शिव आराधना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2024 07:01 AM IST
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Crowd of devotees to worship Shiva in Shiva temples
मुरादाबाद। सावन की शविरात्रि पर शिवालयों में जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगीं रहीं। शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही कांवड़ियों का पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। मंदिर में तड़के ही श्रद्धालुओं की लाइनें लग गई थीं। बेलपत्र, फल-फूल भोलेनाथ को अर्पित किए। कावंड़ियों ने भी गंगाजल से जलाभिषेक कर सुख-सौहार्द की प्रार्थना की।
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जलाभिषेक को लेकर मंदिरों में विशेष तैयारियां की गई थीं। बृहस्पतिवार को दिन में दिल्ली रोड पर लगी भोलेनाथ की पताकाओं से माहौल शिवमय हो गया। बृहस्पतिवार रात तक हरिद्वार और ब्रजघाट से श्रद्धालु कांवड़ लेकर मंदिरों में पहुंच गए थे। शुक्रवार सुबह बाद से ही मुरादाबाद के शिवालयों में जलाभिषेक शुरू हो गया था। भोलेनाथ के जयकारों से मंदिर गुंजायमान रहे। प्राचीन शिव मंदिर चौरासी घंटा, झारखंडी महादेव मंदिर, पुलिस लाइन शिव मंदिर, मनोकामना मंदिर, झांझनपुर स्थित शिव मंदिर, ढाब वाला मंदिर, श्री शिव हरि मंदिर, ऋणमुक्तेश्वर मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर, श्री सत्य शिव मंदिर, नटबाबा मंदिर, दुर्गा माता मंदिर आदि में भगवान की पूजा-अर्चना की गई। भगवान का जलाभिषेक कर उपवास किया।
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किसरौल स्थित चौरासी घंटा मंदिर के महंत पंडित विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि मंदिर में भगवान भोलेनाथ की पूजा के लिए श्रद्धालुओं का सुबह चार बजे से ही आना शुरू हो गया था। मंदिर में सुबह पांच बजे आरती की गई। इसके बाद श्रद्धालु ने जलाभिषेक करना शुरू कर दिया था। भगवान को स्नान कराने के बाद चंदन, मोगरा, गुलाब, बेलपत्र आदि से भगवान शिव का श्रृंगार किया गया। रात आठ बजे महाआरती कर भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा। पूरे सावन भक्त मंदिर में दीपक जलाने आते हैं। मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से भी श्रद्धालु आते हैं। इसलिए एक द्वार से श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया जाता है, जबकि दूसरे द्वार से निकलने की व्यवस्था की जाती है। झारखंडी मंदिर के महंत भोलेनाथ योगीराज ने बताया कि मंदिर में सुबह चार बजे कांवड़ियों के जत्थों ने मंदिर में जल चढ़ाया हैं। पांच बजे मंदिर में आरती की गई। शाम को भगवान शिव का गुलाब, चंपा आदि फूलों से शृंगार किया।
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शाम से ही गूंजने लगी डीजे की धुन
बृहस्पतिवार शाम से ही भोलेनाथ के भक्त कांवड़ लेने के लिए ब्रजघाट रवाना हो गए थे। डीजे पर भोलेनाथ के भजन बज रहे थे और श्रद्धालु भक्ति में झूम रहे थे। जय भोलेनाथ और हर-हर महादेव के जयकारे गूंज रहे थे। वाहनों पर भोलेनाथ की पताकाओं के साथ तिरंगा झंडा लगाकर भी श्रद्धालु कांवड़ लेने के लिए गए।
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