फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   treasury scam suspect ran to police station bilari

ट्रेजरी घोटाला  : अभियुक्त बिलारी कोतवाली से भागा

Thu, 05 Jul 2018 02:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद Updated Thu, 05 Jul 2018 02:19 AM IST
विज्ञापन
treasury scam suspect ran to police station bilari
crime

दस करोड़ रुपये से ज्यादा के ट्रेजरी घोटाले का अहम अभियुक्त सोनू गिरी बुधवार को पुलिस को चकमा देकर बिलारी कोतवाली से भाग गया। तहसील के दो संग्रह अमीनों ने उसे पकड़कर बिलारी पुलिस के हवाले किया था। सोनू के खाते में गए घोटाले के 4.16 लाख रुपये वसूलने के लिए उसके खिलाफ आरसी भी जारी की गई थी। एसडीएम बिलारी ने इंस्पेक्टर की लापरवाही बताते हुए रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। डीएम ने मामले में जांच बैठा दी है। अभियुक्त की तलाश के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं।

विज्ञापन


बिलारी के मोहल्ला ऋषिपुरम निवासी सोनू गिरी तहसील में लेखपाल के मुंशी के रूप में काम करता था। घोटाले की जांच में लगे धिकारी उसे ट्रेजरी घोटाले के मास्टरमाइंड पूर्व लेखपाल अरुण कुमार भटनागर का मुख्य सहयोगी बता रहे हैं। सिविल लाइंस थाने में दर्ज ट्रेजरी घोटाले के मुकदमे में अरुण भटनागर के साथ सोनू का भी नाम है। पुलिस करीब दो महीने से उसकी तलाश में जुटी थी।
विज्ञापन


एसडीएम बिलारी ने डीएम राकेश कुमार सिंह को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि बुधवार सुबह आरसी वसूली के लिए पहुंचे तहसील के तीन संग्रह अमीनों मनमोहन शर्मा, नफासत हुसैन और शाहे आलम ने सोनू को गिरफ्तार किया था। तहसीलदार ने इसकी सूचना ट्रेजरी घोटाले के विवेचक सिविल लाइंस में तैनात दरोगा प्रेमपाल सिंह को दी। विवेचक ने तहसीलदार से कहा कि सोनू को बिलारी पुलिस के सुपुर्द कर दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सोनू को सुबह करीब दस बजे बिलारी कोतवाल के सुपुर्द कर दिया गया था। लेकिन पुलिस की लापरवाही की वजह से वह साढ़े बारह बजे बिलारी कोतवाली से भाग गया। पुलिस का कहना है कि सोनू को हवालात के बजाए कार्यालय में बैठाया गया था। शौच का बहाना करके वह दो होमगार्डों के साथ शौचालय तक गया और चकमा देकर फरार हो गया। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में कोतवाली प्रभारी कमरूल हसन खां की लापरवाही को फरारी की वजह बताया है।

तहसील हवालात में रखते : कोतवाल

कोतवाली से ट्रेजरी घोटाले के अभियुक्त की फरारी पर कोतवाल कमरूल हसन खां से पूरी तोहमत तहसील स्टाफ पर मढ़ी है। कोतवाल का कहना है कि तहसील स्टाफ ने बिना किसी लिखा -पढ़ी के सोनू को कोतवाली भेजा था। इंस्पेक्टर का कहना है कि वह बड़ा बकाएदार था तो तहसीलदार उसे तहसील की हवालात में रखते या फिर जिला कारागार भेजते। उसे थाने क्यों भेजा गया।

तहसीलदार राजेश कुमार का कहना है कि सोनू गिरी ट्रेजरी घोटाले का अभियुक्त है। इसी घोटाले की रकम वसूलने के लिए उसके खिलाफ चार लाख रुपये से ज्यादा की आरसी जारी है। संग्रह अमीनों ने बुधवार को जैसे ही सोनू को पकड़ा तो तुरंत इसकी सूचना ट्रेजरी घोटाले की जांच कर रहे एडीएम प्रशासन को दी गई। एडीएम और ट्रेजरी घोटाले के विवेचक के कहने पर ही सोनू को बिलारी पुलिस के सुपुर्द किया गया ताकि सिविल लाइंस पुलिस वहां से उसे ले जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed