फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   history sheeter travling with fake passport last six years

छह साल से फर्जी पासपोर्ट पर घूम रहा हिस्ट्रीशीटर गुलफाम

Sat, 28 Jul 2018 02:45 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, मुरादाबाद
ब्यूरो /अमर उजाला, मुरादाबाद Updated Sat, 28 Jul 2018 02:45 AM IST
विज्ञापन
history sheeter travling with fake passport last six years
passport
मूंढापांडे के अफजलपुर गांव में रहने वाले एक हिस्ट्रीशीटर ने नाम बदलकर पासपोर्ट तैयार करवा लिया है। छह साल से वह फर्जी पासपोर्ट लेकर घूमता रहा है, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लग सकी। अब एक सजग ग्रामीण की वजह से आरोपी के फर्जीवाडे़ का पता चला तो पुलिस ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। सूत्रों का दावा है कि आरोपी के संबंध पाकिस्तान सहित अन्य देशों में रहने वाले लोगों से है।
विज्ञापन


ऐसे में खुफिया एजेंसियां भी आरोपी के बारे में जानकारी जुटा रहीं हैं। इसमें पुलिस और एलआईयू की लापरवाही भी उजागर हुई है। अफजलपुर गांव में रहने वाले गुलफाम के खिलाफ आधे दर्जन से अधिक आपराधिक मामले मूंढापांडे थाने में ही दर्ज है। इस वजह से उसे पासपोर्ट बनवाने में दिक्कत आ रही थी। पुलिस सत्यापन में उसे अपने खिलाफ रिपोर्ट जाने का डर था। इस वजह से उसने 2012 में इरफान के नाम से पासपोर्ट के लिए आवेदन किया।
विज्ञापन


गुलफाम के पासपोर्ट के लिए इरफान के नाम से आए आवेदन पत्र को स्वीकार कर लिया गया। खुफिया तंत्र और पुलिस आरोपी के फर्जीवाडे़ को पकड़ने में पूरी तरह से फेल रही। उसके पासपोर्ट बनवाने के लिए आए आवेदन को सही ठहराते हुए रिपोर्ट आगे भेजी गई, जिसमें पुष्टि हुई है कि इरफान के नाम से गुलफाम ने पासपोर्ट बनवा लिया। जनवरी में ग्रामीण मोहम्मद फैजान की नजर इरफान के पासपोर्ट पर पड़ी, जिसमें फोटो गुलफाम का लगा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


फैजान ने पूछताछ की तो गुलफाम ने स्वीकार किया कि उसने नाम बदलकर पासपोर्ट तैयार करवाया है। फै जान ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, जांच एलआईयू से करवाई गई तो आरोप सही पाए गए। एसपी सिटी अंकित मित्तल ने बताया कि मंगलवार रात रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी के बारे में जानकारी की जा रही है। उसने फर्जी पासपोर्ट से कहां पर यात्राएं की? फर्जी पासपोर्ट बनवाने के पीछे मकसद क्या है? पुलिस वेरिफिकेशन मे किसने लापरवाही बरती है? आरोपी की किसी से मिली भगत तो नहीं है? इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed