{"_id":"57c680784f1c1b0b4b2cc670","slug":"four-year-old-child-ate-hair-dye-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेल-खेल में चार साल के बच्चे ने खाई हेयर डाई, मौत ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
खेल-खेल में चार साल के बच्चे ने खाई हेयर डाई, मौत
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Wed, 31 Aug 2016 12:30 PM IST
विज्ञापन
लापरवाही
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आपकी जरा सी लापरवाही मासूमों पर भारी पड़ रही है। अनजाने में मासूम ऐसा कुछ कर बैठते हैं, जिसकी वजह से उनकी जान तक चली जाती है। ऐसा ही एक मामला स्वार में सामने आया है, जहां पर चार साल का बच्चा खेल-खेल में हेयर डाई का पैकेट फाड़कर खा गया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए। वहां पर उपचार के दौरान बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
नगर के मोहल्ला रसूलपुर अगलगा निवासी आसिफ का चार साल का बेटा काशिफ सोमवार की देरशाम अपने चाचा शाकिर की दुकान पर खेल रहा था। बताते हैं कि शाकिर अपने काम में व्यस्त थे। इसी बीच काशिफ ने खेलते वक्त हेयर डाई का पैकेट निकाल लिया और उसे फाड़कर खा गया। थोड़ी ही देर में बच्चे की हालत बिगड़नी शुरू हो गई। बच्चे की हालत देख परिजन घबरा गए। आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां उसकी हालत चिंताजनक देखकर डॉक्टर ने उसे रेफर कर दिया। जिस पर परिजन उसे जिला चिकित्सालय ले गये। जहां पर कोई सुधार न होने पर परिजन बच्चे को लेकर मुरादाबाद जा रहे थे। रास्ते में काशिफ ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। घरवालों का बुरा हाल है।
पहले भी कई मासूमों की जा चुकी है जान
स्वार। जिले से लेकर आसपास के जनपदों में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी है। 29 अप्रैल को तहसील स्वार क्षेत्र के गांव सोनकपुर निवासी जाबिर हुसैन का दो वर्षीय बेटा फैज अली की पानी की बाल्टी में डूब जाने से, 27 मई को गांव दूंदावाला में सलीम अहमद की बेटी अनम शाह नूरी की कीटनाशक दवा का सेवन करने से मौत हो चुकी है। इससे पहले भी अमरोहा में एक, संभल में दो, बच्चों की जाने लापरवाही की भेंट चढ़ गई। ऐसी दर्दनाक घटनाओं से बचने के लिये जरूरी है अभिभावक बच्चाें के खेल कूद के दौरान उन पर नजर बनाये रखे।
विज्ञापन
इन बातों की सावधानियां बरतें
स्वार। बाल्टी, भगौने, पानी के टैंक में मासूमों के गिर जाने, जहरीले एवं कीटनाशक पदार्थ के सेवन कर लेने सेे न जाने कितने ही घरों के चिराग बुझ गए है। थोड़ी सी सावधानी बरतने के बाद इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है। इनको रोकने के लिये ये सावधानियां बरते।
1- घर के गड्ढे या हौद ढक कर रखने चाहिए।
2- पानी से भरी बाल्टी या भगौने आंगन में न रखें।
3- रसोई व स्नानघर, जीने का दरवाजा बंद रखना चाहिए।
4- घर के सामने नाला या गटर खुला नहीं रखना चाहिए।
5- बिजली की पहुंच से बच्चों को दूर रखें।
6- घर के अंदर खुले में कीटनाशक दवाएं व जहरीले पदार्थ बच्चों की पहुंच से दूर रखे।
7- घर के अंदर इनवर्टर बैटरा आदि बच्चों से दूर रखे।
विज्ञापन
नगर के मोहल्ला रसूलपुर अगलगा निवासी आसिफ का चार साल का बेटा काशिफ सोमवार की देरशाम अपने चाचा शाकिर की दुकान पर खेल रहा था। बताते हैं कि शाकिर अपने काम में व्यस्त थे। इसी बीच काशिफ ने खेलते वक्त हेयर डाई का पैकेट निकाल लिया और उसे फाड़कर खा गया। थोड़ी ही देर में बच्चे की हालत बिगड़नी शुरू हो गई। बच्चे की हालत देख परिजन घबरा गए। आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां उसकी हालत चिंताजनक देखकर डॉक्टर ने उसे रेफर कर दिया। जिस पर परिजन उसे जिला चिकित्सालय ले गये। जहां पर कोई सुधार न होने पर परिजन बच्चे को लेकर मुरादाबाद जा रहे थे। रास्ते में काशिफ ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। घरवालों का बुरा हाल है।
विज्ञापन
पहले भी कई मासूमों की जा चुकी है जान
स्वार। जिले से लेकर आसपास के जनपदों में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी है। 29 अप्रैल को तहसील स्वार क्षेत्र के गांव सोनकपुर निवासी जाबिर हुसैन का दो वर्षीय बेटा फैज अली की पानी की बाल्टी में डूब जाने से, 27 मई को गांव दूंदावाला में सलीम अहमद की बेटी अनम शाह नूरी की कीटनाशक दवा का सेवन करने से मौत हो चुकी है। इससे पहले भी अमरोहा में एक, संभल में दो, बच्चों की जाने लापरवाही की भेंट चढ़ गई। ऐसी दर्दनाक घटनाओं से बचने के लिये जरूरी है अभिभावक बच्चाें के खेल कूद के दौरान उन पर नजर बनाये रखे।
विज्ञापन
इन बातों की सावधानियां बरतें
स्वार। बाल्टी, भगौने, पानी के टैंक में मासूमों के गिर जाने, जहरीले एवं कीटनाशक पदार्थ के सेवन कर लेने सेे न जाने कितने ही घरों के चिराग बुझ गए है। थोड़ी सी सावधानी बरतने के बाद इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है। इनको रोकने के लिये ये सावधानियां बरते।
1- घर के गड्ढे या हौद ढक कर रखने चाहिए।
2- पानी से भरी बाल्टी या भगौने आंगन में न रखें।
3- रसोई व स्नानघर, जीने का दरवाजा बंद रखना चाहिए।
4- घर के सामने नाला या गटर खुला नहीं रखना चाहिए।
5- बिजली की पहुंच से बच्चों को दूर रखें।
6- घर के अंदर खुले में कीटनाशक दवाएं व जहरीले पदार्थ बच्चों की पहुंच से दूर रखे।
7- घर के अंदर इनवर्टर बैटरा आदि बच्चों से दूर रखे।