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कोर्ट में हाजिर अरविंद बोला - शीतल के परिवार ने कराया डबल मर्डर
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Fri, 24 Mar 2017 02:47 AM IST
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अरविन्द्र को जेल ले जाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
मझोला के शीतल-महेंद्र हत्याकांड के मुख्य आरोपी अरविंद ने गुरुवार दोपहर सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट में उसने कहा कि शीतल और महेंद्र की हत्या उसने नहीं की है, पुलिस अपनी नाकामी छुपाने को उसे झूठा फंसा रही है। उसने दावा किया महेंद्र और शीतल में निकटता थी लिहाजा शीतल के घर वालों ने ही दोनों को मार डाला।
अलबत्ता कोर्ट ने अरविंद को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ करेगी। मझोला थानाक्षेत्र के सिरकोई निवासी ग्यारहवीं की छात्रा शीतल और भूड़ निवासी महेंद्र 16 फरवरी को एक साथ गायब हुए थे। दोनों के शव मिल चुके हैं।
शव मिलने से पहले ही दोनों के परिजनों का शक था कि उन्हें सिरकोई भूड़ निवासी प्रापर्टी डीलर अरविंद ने अगवा किया है। लेकिन पुलिस शव मिलने से पहले हरकत में नहीं आई। शव मिलने के बाद अरविंद के पिता श्रीकृष्ण को पुलिस ने जेल भेजा था।
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पुलिस सरगर्मी से मुख्य आरोपी अरविंद की तलाश में जुटी थी लेकिन गुरुवार को उसने खामोशी से सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट में सरेंडर करने के बाद अरविंद ने दावा किया दोनों हत्याओं से उसका या उसके परिजनों का कोई वास्ता नहीं है।
उसने दावा किया कि महेंद्र और शीतल के बीच निकटता थी जिसकी भनक शीतल के घर वालों को हो गई थी। अरविंद ने दावा किया दोनों ने घर से अपनी मर्जी से गए थे और इसके बाद शीतल के घर वालों ने दोनों को खोजकर मार डाला।
अरविंद ने दावा किया कि यदि वह गुनहगार होता तो पुलिस कड़ी पूछताछ के बाद उसे क्यों छोड़ती। पुलिस ने दोनों के लापता होने के बाद अरविंद से पूछताछ की थी लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा तो उसे छोड़ दिया था।
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अलबत्ता कोर्ट ने अरविंद को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ करेगी। मझोला थानाक्षेत्र के सिरकोई निवासी ग्यारहवीं की छात्रा शीतल और भूड़ निवासी महेंद्र 16 फरवरी को एक साथ गायब हुए थे। दोनों के शव मिल चुके हैं।
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शव मिलने से पहले ही दोनों के परिजनों का शक था कि उन्हें सिरकोई भूड़ निवासी प्रापर्टी डीलर अरविंद ने अगवा किया है। लेकिन पुलिस शव मिलने से पहले हरकत में नहीं आई। शव मिलने के बाद अरविंद के पिता श्रीकृष्ण को पुलिस ने जेल भेजा था।
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पुलिस सरगर्मी से मुख्य आरोपी अरविंद की तलाश में जुटी थी लेकिन गुरुवार को उसने खामोशी से सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट में सरेंडर करने के बाद अरविंद ने दावा किया दोनों हत्याओं से उसका या उसके परिजनों का कोई वास्ता नहीं है।
उसने दावा किया कि महेंद्र और शीतल के बीच निकटता थी जिसकी भनक शीतल के घर वालों को हो गई थी। अरविंद ने दावा किया दोनों ने घर से अपनी मर्जी से गए थे और इसके बाद शीतल के घर वालों ने दोनों को खोजकर मार डाला।
अरविंद ने दावा किया कि यदि वह गुनहगार होता तो पुलिस कड़ी पूछताछ के बाद उसे क्यों छोड़ती। पुलिस ने दोनों के लापता होने के बाद अरविंद से पूछताछ की थी लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा तो उसे छोड़ दिया था।