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कलक्ट्रेट में महिला सिपाही के पति ने किया जहरीले पदार्थ का सेवन
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रामपुर। पत्नी एवं ससुरालियों से तंग आकर महिला सिपाही के पति ने जहरीला पदार्थ खा लिया और जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर आकर लेट गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना पर अपर जिलाधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए और उसे वहां से उठाकर अपनी ही कार से जिला अस्पताल भिजवाया। उसने जहरीले पदार्थ का सेवन करने की बात कही थी। वहीं, युवक के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए हैं। युवक की हालत में सुधार बताया जा रहा है।
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र के ग्राम नहर वाले गांव निवासी जितेंद्र यादव की पांच साल पहले शादी हुई थी। उसकी शादी बिजनौर जनपद के स्योहारा के ग्राम चकनपुरी में पूरन की बेटी रविता यादव के साथ हुई। जितेंद्र की चार साल की बेटी भी है। उसकी पत्नी रविता यादव यूपी पुलिस में कांस्टेबल है, वर्तमान में उसकी तैनाती शाहबाद थाने में है। दोनों के बीच बेटी को पास में रखने को लेकर विवाद चल रहा था। महिला कांस्टेबल ने इसको लेकर शिकायत की थी तो एएसपी ने दोनों को बात करने के लिए बुलाया था। इस बीच जितेंद्र जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर आकर लेट गया। जितेंद्र ने लोगों को बताया कि उसने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया है। सूचना मिलने पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन जगदंबा प्रसाद भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जितेंद्र का देखा, जिसके बाद अपनी ही कार से उसे जिला अस्पताल पहुंचवाया।
जितेंद्र के पास से दो पन्नों का एक पत्र भी मिला है जिसमें कहा गया है कि करीब पंद्रह दिन पहले जितेंद्र की बेटी अपनी मां के पास आई थी। वह भी 27 जून को अपनी बेटी और पत्नी से मिलने आ गया। इस बीच बेटी ने दादा-दादी के पास जाने की जिद की, लेकिन पत्नी के मना करने की वजह से ऐसा नहीं हो सका। इसके बाद वह अपनी बेटी को बिना बताए ही दादा-दादी के पास ले गया। इस बीच रविता यादव ने अपर पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में बेटी के अपहरण की सूचना दे दी, इसके बाद एएसपी ने जितेंद्र को बुला लिया। दोनों पति-पत्नी को आमने सामने बैठाया। आरोप है कि रविता ने जितेंद्र के मां, पिता के प्रति झूठ बोला। एएसपी ने भी सिपाही की बात को सही मानकर जितेंद्र को खूब हड़काया। कहा कि बेटी अपनी मां के पास ही रहेगी। अपहरण का मुकदमा लिखने की बात कही, जिस पर जितेंद्र अपना मानसिक संतुलन खो बैठा। उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। उसने पुलिस-प्रशासन को इस बात के लिए लानत दी है कि मेरी ही बेटी और मेरे खिलाफ ही अपहरण के मुकदमा की चेतावनी। इस मामले में महिला कांस्टेबल का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। शाहबाद कोतवाल ने बताया कि रविता यहां नहीं है। मोबाइल नंबर पर फोन करने पर उसने फोन रिसीव नहीं किया।
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मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र के ग्राम नहर वाले गांव निवासी जितेंद्र यादव की पांच साल पहले शादी हुई थी। उसकी शादी बिजनौर जनपद के स्योहारा के ग्राम चकनपुरी में पूरन की बेटी रविता यादव के साथ हुई। जितेंद्र की चार साल की बेटी भी है। उसकी पत्नी रविता यादव यूपी पुलिस में कांस्टेबल है, वर्तमान में उसकी तैनाती शाहबाद थाने में है। दोनों के बीच बेटी को पास में रखने को लेकर विवाद चल रहा था। महिला कांस्टेबल ने इसको लेकर शिकायत की थी तो एएसपी ने दोनों को बात करने के लिए बुलाया था। इस बीच जितेंद्र जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर आकर लेट गया। जितेंद्र ने लोगों को बताया कि उसने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया है। सूचना मिलने पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन जगदंबा प्रसाद भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जितेंद्र का देखा, जिसके बाद अपनी ही कार से उसे जिला अस्पताल पहुंचवाया।
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जितेंद्र के पास से दो पन्नों का एक पत्र भी मिला है जिसमें कहा गया है कि करीब पंद्रह दिन पहले जितेंद्र की बेटी अपनी मां के पास आई थी। वह भी 27 जून को अपनी बेटी और पत्नी से मिलने आ गया। इस बीच बेटी ने दादा-दादी के पास जाने की जिद की, लेकिन पत्नी के मना करने की वजह से ऐसा नहीं हो सका। इसके बाद वह अपनी बेटी को बिना बताए ही दादा-दादी के पास ले गया। इस बीच रविता यादव ने अपर पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में बेटी के अपहरण की सूचना दे दी, इसके बाद एएसपी ने जितेंद्र को बुला लिया। दोनों पति-पत्नी को आमने सामने बैठाया। आरोप है कि रविता ने जितेंद्र के मां, पिता के प्रति झूठ बोला। एएसपी ने भी सिपाही की बात को सही मानकर जितेंद्र को खूब हड़काया। कहा कि बेटी अपनी मां के पास ही रहेगी। अपहरण का मुकदमा लिखने की बात कही, जिस पर जितेंद्र अपना मानसिक संतुलन खो बैठा। उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। उसने पुलिस-प्रशासन को इस बात के लिए लानत दी है कि मेरी ही बेटी और मेरे खिलाफ ही अपहरण के मुकदमा की चेतावनी। इस मामले में महिला कांस्टेबल का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। शाहबाद कोतवाल ने बताया कि रविता यहां नहीं है। मोबाइल नंबर पर फोन करने पर उसने फोन रिसीव नहीं किया।
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