फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   कातिल ने मुंह दबाकर की कविता की हत्या

कातिल ने मुंह दबाकर की कविता की हत्या

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 03 Apr 2019 02:12 AM IST
विज्ञापन
कातिल ने मुंह दबाकर की कविता की हत्या
मुरादाबाद। आवास विकास फेस टू के सुनसान इलाके में बने तीन मंजिला घर में अकेली रह रही हेड कांस्टेबिल कविता चौधरी को कातिल ने नृशंसता से मार डाला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कविता की मौत की वजह स्मूदरिंग बताई गई है। यानी कातिल ने तकिए जैसी किसी चीज से मुंह और नाक एक साथ बंद करके कविता की ऑक्सीजन बंद कर दी। पोस्टमार्टम में कविता के शरीर पर एंटी मार्टम चोटें भी मिली हैं। यानी हत्या से पहले उसके साथ मारपीट भी की गई। लेकिन महिला सिपाही का दरोगा पति हत्या की वारदात को झुठला रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को नकारते हुए उसका कहना है कि कविता की हत्या नहीं हुई बल्कि उसकी सामान्य मौत हुई है।
विज्ञापन

छह मार्च को मझोला थाने के सामने दुर्घटना में घायल होने के कारण कविता इन दिनों छुट्टी पर थी। पुलिस को बताया गया है कि कविता की अपने पति के साथ अनबन चल रही थी। पाकबड़ा थाने के एसओ नीरज शर्मा ने बताया कि सोमवार की शाम करीब साढे़ सात बजे कविता की बहन ने फोन पर बताया कि कविता का फोन सुबह से नही उठ रहा है। इसके बाद एक सिपाही को कविता के घर भेजा गया तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार घंटी बजाने पर भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो सिपाही वापस आ गया। इसकी जानकारी कविता की बहन को दी गई। देर रात को कविता की बहन ने दोबारा फोन कर अनहोनी की आशंका जताई तो पुलिस ने कविता के पति से फोन पर बातचीत की। पति प्रमोद ने बताया कि कविता पहली मंजिल पर बने कमरे में रहती है। इसके बाद परिवार वालों से बातचीत कर पुलिस सीढ़ी लगाकर कविता के घर के अंदर पहली मंजिल की बालकनी तक पहुंची। बालकनी से सटे कमरे का दरवाजा खुला था। अंदर पलंग पर कविता का शव पड़ा था। देर रात कविता के परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए। रामपुर के सैफनी थाने में तैनात महिला का पति प्रमोद भी मौके पर आया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुंह दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है।
विज्ञापन

इस बीच कविता की ममेरी बहन रेणु ने कविता के पति पर ही हत्या का शक जताकर हत्याकांड को नया मोड़ दे दिया है। लेकिन इन आरोपों के बावजूद पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव प्रमोद के सुपुर्द कर दिया है। परिजन शव को मेरठ के हस्तिनापुर स्थित अपने मूल निवास ले गए हैं। मामला पुलिस महकमे की एक आरक्षी की हत्या से जुड़ा होने और पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि होने के बावजूद पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। सीओ सिविल लाइन राजेश कुमार का कहना है कि परिवार वालों ने देर शाम तक रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर ही नहीं दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वीडियो भेजकर बताई थी उत्पीड़न की कहानी
- रेणु के दावों और वीडियो को परखेगी पुलिस
मुरादाबाद।
कविता की बहन रेणु का दावा है कि कविता को पहले से अपनी हत्या का अंदेशा था। रेणु के मुताबिक कविता ने शनिवार को ही अपना एक वीडियो बनाकर उन्हें व्हाट्सएप किया था। जिसमें कहा था कि घर में उनकी पिटाई की जा रही है और हत्या की धमकी दी जा रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि रेणु ने अभी तक पुलिस को ऐसी कोई वीडियो नहीं सौंपी है। यदि उसके पास कोई वीडियो है तो पुलिस उसकी जांच करेगी।
रेणु ने फोन पर अमर उजाला को बताया कि शनिवार को वीडियो के साथ ही कविता ने कुछ कॉल रिकॉर्डिंग भी उनके पास भेजी थीं। उसका दावा है कि इनमें से एक कॉल ऐसी भी थी जिसमें कांफ्रेंस के जरिए कविता ने अपने पति से उसकी बात कराई थी। एसएचओ मझोला विकास सक्सेना ने बताया कि व्हाटसएप पर कविता द्वारा भेजे गए वीडियो और कॉल रिकॉर्डिंग अभी मायके वालों ने उनको नहीं दिए हैं। परिवार वाले बुधवार को रिपोर्ट दर्ज करवाने आएंगे। बकौल रेणु, उसकी फुफेरी बहन कविता अक्सर उनसे ही अपने गम साझा करती थी, वह उसे बताती थी कि उसको किस तरह से प्रताड़ित किया जा रहा है। सबूत के तौर पर कविता ने उसे अपने कुछ फोटो भी भेजे हैं, जिसमें चोट के निशान कविता के शरीर पर लगे दिखाई दे रहे हैं। रेणु की मानें तो ये चोट के निशान पिटाई किए जाने के कारण लगे हैं, हालांकि ये पुलिस की जांच का विषय है। रेणु का आरोप है कि उसकी बहन की हत्या की साजिश दो दरोगाओं ने रची है।
दोनों ही कविता के करीबी हैं। रेणु का कहना है कि कविता का पति उसके साथ दुश्मनों की तरह बर्ताव करता था। वह लंबे समय से यह सब कुछ बर्दाश्त कर रही थी। रेणु ने बताया कि प्रमोद हादसे में जख्मी कविता का इलाज कराने भी नहीं आता था। एसओ पाकबड़ा नीरज शर्मा ने थाने से पुलिस भेजकर कविता का उपचार कराया और उसको अस्पताल से घर तक जाने में मदद की।

शव ले जाने के लिए भी हुई खींचतान
मुरादाबाद। कविता के शव को अंतिम संस्कार के लिए उसके मायके वाले ले जाना चाहते थे लेकिन वहां पर भी दोनों के बीच खींचतान हुई। ससुराल वाले चाहते थे कि वह शव को अंतिम संस्कार के लिए मेरठ लेकर जाए। वहां पर पुलिस ने दखलअंदाजी की तब जाकर ससुराल वालों को शव लेकर मेरठ जाने दिया गया। पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे कविता के पिता धर्मवीर ने बताया कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। हत्या करने वाले कौन हैं ये उन्हें पता नहीं है। उन्होेंने पुलिस से मांग की है कि वारदात का खुलासा कर कातिल को गिरफ्तार करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed