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अमेरिका से मुंबई तक मचा नकली दवाओं से हड़कंप-ᄋᄂ₩ᅦU¢₩
Updated Wed, 11 Apr 2018 02:01 AM IST
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मुरादाबाद।
अमरोहा में पकड़ी गई फिजीशियन सैंपल की जाली(स्पूरियस) दवाओं से अमेरिका तक खलबली मची है। सूबे भर में सप्लाई की जा रही जाली दवाइयां अमेरिका की तीन नामचीन कंपनियों के रैपर में थीं। इन कंपनियों में करोड़ों का कारोबार है। लिहाजा मामला अब स्वास्थ्य मंत्रालय तक पहुंच गया है। इस संदर्भ में कंपनी के विशेषज्ञों के साथ ड्रग अधिकारियों की बैठक मुंबई में होगी।
अब तक करीब दस करोड़ रुपये की जाली दवाइयां पकड़ी जा चुकी हैं। ये दवाइयां फिजीशियन सैंपल के नाम से पैक की गई थीं, जिससे सैंपल लेकर जांच को न भेजा जा सके। अधिकारियों की टीम ने छापामारी कर बड़ी मात्रा में ऐसी नकली दवाओं का भंडारण पकड़ा था। अमरोहा में पकड़ी गई दवाओं में तीन महंगी एंटीबायोटिक्स अमेरिका की नामचीन कंपनियों की है। अधिकारियों ने सैंपल सत्यापन के लिए इनकी सूचना अमेरिका में कंपनियों के हेड आफिस को मेल पर भेजी थी। इसके बाद से कंपनियों में खलबली मच गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय को भेज दी गई थी। केंद्र और राज्य के जांच अधिकारियों की टीम को नकली दवाओं के तार मुंबई से जुड़े मिल रहे हैं। इसके चलते अधिकारियों की टीम को मुंबई भेजा गया है। वहां पर अमेरिका की संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधि भी ड्रग अफसरों के साथ रहेंगे। शुक्रवार व शनिवार को होने वाली इस मीटिंग में नकली दवा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद की जा रही है।
हम लोग मुंबई जा रहे हैं। वहां से जाली दवा के निर्माताओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगने की उम्मीद है। मामला अमरोहा में मिली अमेरिका की तीन कंपनियों से जुड़ा है। इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती है।
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- नरेश मोहन दीपक, टीम का नेतृत्व कर रहे ड्रग इंस्पेक्टर।
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अमरोहा में पकड़ी गई फिजीशियन सैंपल की जाली(स्पूरियस) दवाओं से अमेरिका तक खलबली मची है। सूबे भर में सप्लाई की जा रही जाली दवाइयां अमेरिका की तीन नामचीन कंपनियों के रैपर में थीं। इन कंपनियों में करोड़ों का कारोबार है। लिहाजा मामला अब स्वास्थ्य मंत्रालय तक पहुंच गया है। इस संदर्भ में कंपनी के विशेषज्ञों के साथ ड्रग अधिकारियों की बैठक मुंबई में होगी।
अब तक करीब दस करोड़ रुपये की जाली दवाइयां पकड़ी जा चुकी हैं। ये दवाइयां फिजीशियन सैंपल के नाम से पैक की गई थीं, जिससे सैंपल लेकर जांच को न भेजा जा सके। अधिकारियों की टीम ने छापामारी कर बड़ी मात्रा में ऐसी नकली दवाओं का भंडारण पकड़ा था। अमरोहा में पकड़ी गई दवाओं में तीन महंगी एंटीबायोटिक्स अमेरिका की नामचीन कंपनियों की है। अधिकारियों ने सैंपल सत्यापन के लिए इनकी सूचना अमेरिका में कंपनियों के हेड आफिस को मेल पर भेजी थी। इसके बाद से कंपनियों में खलबली मच गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय को भेज दी गई थी। केंद्र और राज्य के जांच अधिकारियों की टीम को नकली दवाओं के तार मुंबई से जुड़े मिल रहे हैं। इसके चलते अधिकारियों की टीम को मुंबई भेजा गया है। वहां पर अमेरिका की संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधि भी ड्रग अफसरों के साथ रहेंगे। शुक्रवार व शनिवार को होने वाली इस मीटिंग में नकली दवा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद की जा रही है।
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हम लोग मुंबई जा रहे हैं। वहां से जाली दवा के निर्माताओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगने की उम्मीद है। मामला अमरोहा में मिली अमेरिका की तीन कंपनियों से जुड़ा है। इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती है।
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- नरेश मोहन दीपक, टीम का नेतृत्व कर रहे ड्रग इंस्पेक्टर।