हाफिज के हत्यारे को अदालत ने सुनाई उम्रकैद
कटघर
थाना क्षेत्र में रहमत नगर आबिद मार्केट के सामने रहने वाले खलील अहमद के
बेटे मोहम्मद सालिम (15) को दो दिसंबर 2004 की शाम उसका दोस्त नन्हें पुत्र
मोहम्मद रफी निवासी रहमत नगर सोसायटी गली नंबर चार कलियर शरीफ जाने के
बहाने घर से बुलाकर ले गया था।
चार दिसंबर को हाफिज मोहम्मद सालिम (15) की
लाश रहमत नगर में ही एक अर्द्धनिर्मित भवन में पड़ी मिली थी। उसके सिर को
ईंट से कुचला गया था, लाश के पास ही एक चाकू भी पड़ा मिला था। घटना के बाद
से ही नन्हें भी गायब था।
मकतूल के भाई मोहम्मद आकिल ने कटघर थाने में
नन्हे और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। घटना से कुछ दिन पहले
ही सालिम और नन्हें के बीच पतंगबाजी को लेकर मामूली विवाद हुआ था। तफ्तीश
मे अज्ञात की पहचान मोहम्मद अनवार उर्फ सन्नाटा पुत्र इरशाद निवासी रहमत
नगर के रूप में हुई।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल
किया। इस मामले में सभी साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद अपर जिला एवं
सत्र न्यायाधीश-12 ममता गुप्ता ने अनवार उर्फ सन्नाटा को साक्ष्यों के
अभाव में बरी कर दिया। जबकि नन्हें को दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद व एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।