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सड़कों की सूरत सुधारने पर जोर, पेयजल, प्रकाश और पार्कों का बढ़ेगा बजट
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मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण कम होने के बाद नए वित्तीय वर्ष में अब नगर निगम शहर की सड़कों की सूरत सुधारने पर जोर देगा। उम्मीद जताई जा रही है कि सोमवार को होने वाली निगम की बोर्ड की बैठक में सड़कों के लिए ही सबसे अधिक बजट पारित किया जा सकता है। इसके अलावा पेयजल आपूर्ति, पार्क और प्रकाश व्यवस्था सुधारने सहित कई मदों में बजट में अच्छी खासी बढ़ोतरी की तैयारी है। हालांकि चालू वित्तीय वर्ष का 3.29 अरब का बजट निगम कार्यकारिणी की बैठक में पारित बजट में सड़क, प्रकाश, पेजयल और पार्कों के लिए अच्छा खासा बजट रखा गया है। आज बोर्ड की बैठक में इन पर चर्चा के बाद अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
कोरोना संक्रमण के कारण लंबे समय बाद नगर निगम बोर्ड बैठक हो रही है। इस वजह से 2020-21 का पुनरीक्षित बजट और 2021-22 (चालू वित्तीय वर्ष) का मूल बजट नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में तो पारित हो चुका है, लेकिन अभी तक बोर्ड के समक्ष नहीं रखा गया। हालांकि कार्यकारिणी से पारित होने के बाद कर्मचारियों का वेतन और शहर के विकास कार्यों पर काम चल रहा है।
लेकिन नियमानुसार अब इन बजट को बोर्ड से अनुमोदित कराना है, इसलिए आज बोर्ड बैठक बुलाई गई है। हालांकि कुछ पार्षद अपने वार्डों में काम कम होने या उनकी डिमांड के अनुसार काम ना होने की वजह से बैठक में अधिकारियों से नाराजगी भी जता सकते हैं। अपने वार्डों के संबंध में हाउस टैक्स, सड़क, खड़ंजे और पानी की समस्या को पार्षद उठाने की तैयारी में हैं।
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राज्य वित्त आयोग से 1.35 अरब मिलने का अनुमान
कार्यकारिणी द्वारा अनुमोदित चालू सत्र के मूूल बजट में इस साल राज्य वित्त आयोग से 1.35 अरब रुपये और 15वें वित्त आयोग से 50 करोड़ की रकम मिलने का अनुमान है। अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन में भी एक-एक करोड़ रुपये मिलने की संभावना है। इसमें से इस बार सड़कों पर ही अधिक रकम बजट में रखी गई है। 15वें वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि से जलापूर्ति और पार्कों के लिए कार्य होंगे। इसलिए पेयजल आपूर्ति और पार्कों पर भी इस साल अच्छा खासा काम होने की उम्मीद है।
2021-22 का मूल बजटकुल अनुमानित अवशेष 57 लाख 34 हजार
अनुमानित आय 2 अरब 67 करोड़ 55 लाख
कुल अनुमानित आय 3 अरब 24 करोड़ 89 लाख
कुल व्यय 3 अरब 24 करोड़ 89 लाख
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इन मदों में हो सकती है बढ़ोतरी
मद 2020-21 पुनरीक्षित बजट 2021-22 मूल बजट
सड़क निर्माण 28.40 करोड़ 55 करोड़
पार्क मरम्मत रखरखाव 1 करोड़ 2 करोड़
वाहन मरम्मत 60 लाख 1 करोड़
जलापूर्ति 10 करोड़ 10 करोड़
प्रकाश व्यवस्था 1.25 करोड़ 3 करोड़
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इन मदों में कटौती संभव
मद 2020-21 पुनरीक्षित 2021-22 मूल बजट
कीटनाशक दवाइयां 2 करोड़ 1 करोड़
सफाई उपकरण आदि खरीद 2.30 करोड़ 1 करोड़
पथ प्रकाश सामग्री खरीद 60 लाख 55 लाख
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मलिन बस्तियों पर हो सकती है मेहरबानी
संभावना है कि मलिन बस्तियों की सड़क, खड़ंजे, नाला, पथ प्रकाश और पार्क आदि के लिए अधिक बजट पारित होगा। बीते सत्र में इनके लिए पुुनरीक्षित बजट में 2478 लाख का प्रावधान किया गया था, जबकि इस बार 3048 लाख का प्रावधान किया जा सकता है। काशीराम कॉलोनी की मरम्मत और रखरखाव के लिए भी 900 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
महापौर के विवेकाधीन कोष में 10 लाख
इस साल के लिए महापौर विनोद अग्रवाल के विवेकाधीन कोष में 10 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पार्षदों को एक्सपोजर विजिट कराने के लिए 20 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। विज्ञापन और प्रचार-प्रसार के लिए एक करोड़ की व्यवस्था की गई है।
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कोट
कोरोना संक्रमण की वजह से बोर्ड बैठक कराना संभव नहीं हो रहा था। हालांकि नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में ये बजट पारित हो चुका है और कर्मचारियों का वेतन एवं अन्य कार्य भी कराए जा रहे हैं। अब बजट को सदन के समक्ष रखकर उस पर चर्चा होगी। इसके बाद बोर्ड से इसे पारित किया जाएगा।
-विनोद अग्रवाल, महापौर नगर निगम
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कोरोना संक्रमण के कारण लंबे समय बाद नगर निगम बोर्ड बैठक हो रही है। इस वजह से 2020-21 का पुनरीक्षित बजट और 2021-22 (चालू वित्तीय वर्ष) का मूल बजट नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में तो पारित हो चुका है, लेकिन अभी तक बोर्ड के समक्ष नहीं रखा गया। हालांकि कार्यकारिणी से पारित होने के बाद कर्मचारियों का वेतन और शहर के विकास कार्यों पर काम चल रहा है।
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लेकिन नियमानुसार अब इन बजट को बोर्ड से अनुमोदित कराना है, इसलिए आज बोर्ड बैठक बुलाई गई है। हालांकि कुछ पार्षद अपने वार्डों में काम कम होने या उनकी डिमांड के अनुसार काम ना होने की वजह से बैठक में अधिकारियों से नाराजगी भी जता सकते हैं। अपने वार्डों के संबंध में हाउस टैक्स, सड़क, खड़ंजे और पानी की समस्या को पार्षद उठाने की तैयारी में हैं।
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राज्य वित्त आयोग से 1.35 अरब मिलने का अनुमान
कार्यकारिणी द्वारा अनुमोदित चालू सत्र के मूूल बजट में इस साल राज्य वित्त आयोग से 1.35 अरब रुपये और 15वें वित्त आयोग से 50 करोड़ की रकम मिलने का अनुमान है। अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन में भी एक-एक करोड़ रुपये मिलने की संभावना है। इसमें से इस बार सड़कों पर ही अधिक रकम बजट में रखी गई है। 15वें वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि से जलापूर्ति और पार्कों के लिए कार्य होंगे। इसलिए पेयजल आपूर्ति और पार्कों पर भी इस साल अच्छा खासा काम होने की उम्मीद है।
2021-22 का मूल बजटकुल अनुमानित अवशेष 57 लाख 34 हजार
अनुमानित आय 2 अरब 67 करोड़ 55 लाख
कुल अनुमानित आय 3 अरब 24 करोड़ 89 लाख
कुल व्यय 3 अरब 24 करोड़ 89 लाख
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इन मदों में हो सकती है बढ़ोतरी
मद 2020-21 पुनरीक्षित बजट 2021-22 मूल बजट
सड़क निर्माण 28.40 करोड़ 55 करोड़
पार्क मरम्मत रखरखाव 1 करोड़ 2 करोड़
वाहन मरम्मत 60 लाख 1 करोड़
जलापूर्ति 10 करोड़ 10 करोड़
प्रकाश व्यवस्था 1.25 करोड़ 3 करोड़
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इन मदों में कटौती संभव
मद 2020-21 पुनरीक्षित 2021-22 मूल बजट
कीटनाशक दवाइयां 2 करोड़ 1 करोड़
सफाई उपकरण आदि खरीद 2.30 करोड़ 1 करोड़
पथ प्रकाश सामग्री खरीद 60 लाख 55 लाख
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मलिन बस्तियों पर हो सकती है मेहरबानी
संभावना है कि मलिन बस्तियों की सड़क, खड़ंजे, नाला, पथ प्रकाश और पार्क आदि के लिए अधिक बजट पारित होगा। बीते सत्र में इनके लिए पुुनरीक्षित बजट में 2478 लाख का प्रावधान किया गया था, जबकि इस बार 3048 लाख का प्रावधान किया जा सकता है। काशीराम कॉलोनी की मरम्मत और रखरखाव के लिए भी 900 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
महापौर के विवेकाधीन कोष में 10 लाख
इस साल के लिए महापौर विनोद अग्रवाल के विवेकाधीन कोष में 10 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पार्षदों को एक्सपोजर विजिट कराने के लिए 20 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। विज्ञापन और प्रचार-प्रसार के लिए एक करोड़ की व्यवस्था की गई है।
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कोट
कोरोना संक्रमण की वजह से बोर्ड बैठक कराना संभव नहीं हो रहा था। हालांकि नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में ये बजट पारित हो चुका है और कर्मचारियों का वेतन एवं अन्य कार्य भी कराए जा रहे हैं। अब बजट को सदन के समक्ष रखकर उस पर चर्चा होगी। इसके बाद बोर्ड से इसे पारित किया जाएगा।
-विनोद अग्रवाल, महापौर नगर निगम
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