कोरोना की भेंट चढ़ सकता है दिल्ली स्प्रिंग फेयर 2020
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दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों से हरकत में आई एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट (ईपीसीएच) ने दिल्ली स्प्रिंग फेयर पर निर्यातकों से रायशुमारी शुरू कर दी है। निर्यातकों को मेल भेजकर ईपीसीएच ने उनसे फेयर को टालने या फिर पूरी तरह निरस्त कर देने पर उनकी राय मांगी है। स्प्रिंग दिल्ली फेयर 15 अप्रैल से 19 अप्रैल तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में प्रस्तावित है। ईपीसीएच महानिदेशक का कहना है कि निर्यातकों की राय मिलने के बाद 15 मार्च को फेयर को टालने या निरस्त करने पर फैसला लिया जाएगा।
ईपीसीएच के महानिदेशक राकेश कुमार की ओर से 11 मार्च को सभी निर्यातकों को मेल भेजकर जानकारी दी गई है कि कोरोना के डर के बावजूद बड़ी संख्या में बायर्स दिल्ली स्प्रिंग फेयर में आने के इच्छुक हैं क्योंकि उन्हें चीन से सप्लाई नहीं मिल रही है। सरकार की ओर से कोरोना वायरस से बचाव के सभी बंदोबस्त भी किए गए हैं। ईपीसीएच की चार मार्च को हुई बैठक में भी दिल्ली फेयर को निर्धारित शेड्यूल पर ही आयोजित करने का फैसला हुआ था। ईपीसीएच ने निर्यातकों को यह भी आगाह किया है कि सरकार फ्रांस, जर्मनी, चीन समेत 15 से अधिक देशों के वीजा पर फिलहाल रोक लगा चुकी है। अप्रैल में ही होने वाला हांगकांग फेयर भी निरस्त हो चुका है।
जनवरी और फरवरी में बायर्स ने दिल्ली फेयर में अत्यधिक उत्साह दिखाया लेकिन मार्च में यह उत्साह नहीं दिखा है। सारे हालात पर जानकारी देने के साथ ईपीसीएच ने निर्यातकों से पूछा है कि फेयर को तय शेड्यूल पर आयोजित करने, मई तक टालने या फिर निरस्त करने पर उनकी राय क्या है। दिल्ली स्प्रिंग फेयर में मुरादाबाद के करीब 2000 निर्यातक अपने उत्पादों को प्रदर्शित करते हैं। फेयर निरस्त होने से हस्तशिल्प उद्योग को करीब पांच हजार करोड़ रुपये के कारोबार का झटका लगेगा।
हमने सभी निर्यातकों को मेल भेजकर उन्हें कोरोना से उपजे हालात की जानकारी दी है। निर्यातकों से तीन बिंदुओं पर हां या ना में राय मांगी गई है। पूछा गया है कि क्या ताजा हालात में फेयर पूर्व निर्धारित तारीखों (15 से 19 अप्रैल) पर होना चाहिए, क्या इसे मई के दूसरे या तीसरे सप्ताह में आयोजित किया जा सकता है, या फिर दिल्ली स्प्रिंग फेयर 2020 को पूरी तरह निरस्त कर देना चाहिए। सभी निर्यातकों से 14 मार्च तक मेल के जरिए अपनी राय देने को कहा गया है। इसके बाद ईपीसीएच सरकार के दिशा निर्देशों के मद्देनजर दिल्ली स्प्रिंग फेयर को आगे खिसकाने या फिर पूरी तरह निरस्त करने पर फैसला लेगी।
- राकेश कुमार, महानिदेशक, ईपीसीएच।