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इंश्योरेंस कंपनी पर आयोग ने लगाया जुर्माना
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मुरादाबाद। यूनिवर्सल सौंपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी के ऊपर उपभोक्ता आयोग ने दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुए वाहन की रकम बीमा धारक को न देने का दोषी पाते हुए कंपनी पर बीमा धनराशि समेत 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह रकम एक माह में अदा करने का आदेश दिए गए हैं।
बुद्धिविहार निवासी जवाहर लाल पुत्र हरवंश ने दिनांक 3 जून 2016 को यूनिवर्सल सौंपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी स्थित पार्श्वनाथ प्लाजा दिल्ली रोड से अपने चार पहिया वाहन का बीमा कराया था, जो कि 2 जून 2017 तक प्रभावी था। परिवादी जवाहरलाल के अनुसार उनका वाहन दिनांक 23 अप्रैल 2017 को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जिसमें लगभग 60 हजार रुपये का नुकसान हुआ था। इस नुकसान की भरपाई के लिए बीमा धारक ने बीमा कंपनी में आवेदन किया। जो कि स्वीकार तो कर लिया गया, लेकिन कंपनी ने वाहन की मरम्मत में होने में खर्च होने वाली धनराशि बीमा धारक को नहीं दी। इस मामले को लेकर परिवादी जवाहर लाल ने उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में अपनी समस्या को प्रस्तुत किया।
जिसे आयोग की अध्यक्ष अलका श्रीवास्तव एवं सदस्य रमेश कुमार, व रंजना की अदालत में सुना गया। आयोग ने पूरे मामले को सुनने के बाद बीमा कंपनी को सेवा देने में दोषी पाते हुए एक माह के भीतर बीमा राशि छत्तीस हजार सात सौ बावन रुपये सात प्रतिशत ब्याज की दर से वापस करने व 15 हजार रुपये क्षतिपूर्ति एवं वाद व्यय के रूप में देने का आदेश पारित किया है।
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बुद्धिविहार निवासी जवाहर लाल पुत्र हरवंश ने दिनांक 3 जून 2016 को यूनिवर्सल सौंपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी स्थित पार्श्वनाथ प्लाजा दिल्ली रोड से अपने चार पहिया वाहन का बीमा कराया था, जो कि 2 जून 2017 तक प्रभावी था। परिवादी जवाहरलाल के अनुसार उनका वाहन दिनांक 23 अप्रैल 2017 को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जिसमें लगभग 60 हजार रुपये का नुकसान हुआ था। इस नुकसान की भरपाई के लिए बीमा धारक ने बीमा कंपनी में आवेदन किया। जो कि स्वीकार तो कर लिया गया, लेकिन कंपनी ने वाहन की मरम्मत में होने में खर्च होने वाली धनराशि बीमा धारक को नहीं दी। इस मामले को लेकर परिवादी जवाहर लाल ने उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में अपनी समस्या को प्रस्तुत किया।
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जिसे आयोग की अध्यक्ष अलका श्रीवास्तव एवं सदस्य रमेश कुमार, व रंजना की अदालत में सुना गया। आयोग ने पूरे मामले को सुनने के बाद बीमा कंपनी को सेवा देने में दोषी पाते हुए एक माह के भीतर बीमा राशि छत्तीस हजार सात सौ बावन रुपये सात प्रतिशत ब्याज की दर से वापस करने व 15 हजार रुपये क्षतिपूर्ति एवं वाद व्यय के रूप में देने का आदेश पारित किया है।
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