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Moradabad News: गबन के मामले में कांग्रेस नेता ने पत्नी के साथ किया सरेंडर, जमानत पर रिहा
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मुरादाबाद। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव और आराध्यम इंफ्रा बिल्डर्स कंपनी के पूर्व डायरेक्टर सचिन चौधरी और उनकी पत्नी आभा चौधरी व एक अन्य आरोपी संदीप ने धोखाधड़ी और गबन के मामले में बृहस्पतिवार को कोर्ट में सरेंडर किया। अदालत ने तीनों आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी किए थे। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद 20-20 हजार रुपये के निजी बंधपत्र दाखिल करने पर उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया।
गलशहीद थाना क्षेत्र के सीधी सराय निवासी शहजाद अहमद ने 2021 में अदालत में वाद दाखिल किया था। जिसमें बताया था कि 2016 में क्षेत्र के ही अकबर ने आराध्यम इन्फ्रा बिल्डर्स कंपनी काफी द्वारा सस्ते प्लाॅट बेचे जाने की जानकारी दी थी। कहा था कि कंपनी दिल्ली रोड पर जोया में कॉलोनी बना रही है, जिसके बाद कंपनी के डायरेक्टर सचिन चौधरी, सह डायरेक्टर आभा चौधरी और मार्केटिंग हेड मोहित पांडेय और संदीप ने शहजाद अहमद को प्लाॅट के बारे में जानकारी दी।
साथ ही यह कहा कि यदि आप एक से अधिक प्लाॅट लेते हैं तो आपको काफी छूट दी जाएगी। तब शहजाद अहमद ने छह प्लाट बुक कराकर 12 लाख रुपये सचिन चौधरी को दे दिए, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी प्लाॅट की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। इसकी शिकायत सचिन चौधरी से की, तो उन्होंने मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद सचिन चौधरी ने आराध्यम इंफ्रा बिल्डर्स कंपनी के डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया।
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शहजाद के वकील मोहम्मद आरिफ ने बताया परिवाद की सुनवाई अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में की जा रही है। इस मामले में अदालत ने सचिन चौधरी, आभा चौधरी और संदीप को गबन की धारा और मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने के आरोप में तलब किया था। नौ अक्तूबर 2024 को गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे। बृहस्पतिवार को सचिन चौधरी, आभा चौधरी और संदीप सिंह अदालत में हाजिर हुए। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जमानत दे दी।
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पांच घंटे न्यायिक हिरासत में रहे सचिन चौधरी
कांग्रेस नेता सचिन चौधरी, उनकी पत्नी आभा चौधरी बृहस्पतिवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या छह की अदालत में अपने विरुद्ध जारी गैर जमानती वारंट के सिलसिले में पहुंचे। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में लेने के आदेश दिए। शाम पांच बजे तक कांग्रेस नेता और उनकी पत्नी को न्यायिक हिरासत में रखा गया। करीब पांच घंटे बाद उन्हें बीस-बीस हजार रुपये के निजी बंधपत्र दाखिल करने पर रिहा कर दिया गया।
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गलशहीद थाना क्षेत्र के सीधी सराय निवासी शहजाद अहमद ने 2021 में अदालत में वाद दाखिल किया था। जिसमें बताया था कि 2016 में क्षेत्र के ही अकबर ने आराध्यम इन्फ्रा बिल्डर्स कंपनी काफी द्वारा सस्ते प्लाॅट बेचे जाने की जानकारी दी थी। कहा था कि कंपनी दिल्ली रोड पर जोया में कॉलोनी बना रही है, जिसके बाद कंपनी के डायरेक्टर सचिन चौधरी, सह डायरेक्टर आभा चौधरी और मार्केटिंग हेड मोहित पांडेय और संदीप ने शहजाद अहमद को प्लाॅट के बारे में जानकारी दी।
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साथ ही यह कहा कि यदि आप एक से अधिक प्लाॅट लेते हैं तो आपको काफी छूट दी जाएगी। तब शहजाद अहमद ने छह प्लाट बुक कराकर 12 लाख रुपये सचिन चौधरी को दे दिए, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी प्लाॅट की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। इसकी शिकायत सचिन चौधरी से की, तो उन्होंने मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद सचिन चौधरी ने आराध्यम इंफ्रा बिल्डर्स कंपनी के डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया।
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शहजाद के वकील मोहम्मद आरिफ ने बताया परिवाद की सुनवाई अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में की जा रही है। इस मामले में अदालत ने सचिन चौधरी, आभा चौधरी और संदीप को गबन की धारा और मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने के आरोप में तलब किया था। नौ अक्तूबर 2024 को गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे। बृहस्पतिवार को सचिन चौधरी, आभा चौधरी और संदीप सिंह अदालत में हाजिर हुए। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जमानत दे दी।
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पांच घंटे न्यायिक हिरासत में रहे सचिन चौधरी
कांग्रेस नेता सचिन चौधरी, उनकी पत्नी आभा चौधरी बृहस्पतिवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या छह की अदालत में अपने विरुद्ध जारी गैर जमानती वारंट के सिलसिले में पहुंचे। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में लेने के आदेश दिए। शाम पांच बजे तक कांग्रेस नेता और उनकी पत्नी को न्यायिक हिरासत में रखा गया। करीब पांच घंटे बाद उन्हें बीस-बीस हजार रुपये के निजी बंधपत्र दाखिल करने पर रिहा कर दिया गया।