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पुलिस की मजबूरी या दबाव, बिना साक्ष्य जुटाए ही जेल भेज दिए नामजद आरोपी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jan 2022 01:09 AM IST
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Compulsion or pressure of the police, the accused named without collecting evidence were sent to jail
मुरादाबाद। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लाजिमी हैं। हत्या जैसे जघन्य अपराध में दो भाइयों की गिरफ्तारी तो दर्शा कर उन्हें जेल भेज दिया गया, लेकिन पुलिस के पास न तो अभी तक इस केस से संबंधित कोई सबूत है और न ही घटनास्थल के आस पास आरोपियों और उनके मोबाइल की लोकेशन। केस कोर्ट में जाकर कितना स्टैंड करेगा ये तो आने वाला वक्त बताएगा। फिलहाल पुलिस हत्याकांड को सुलझाने के चक्कर में खुद ही उलझ गई है।
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रामगंगा विहार में बारह जनवरी की रात करीब साढ़े आठ बजे स्पोर्ट्स कारोबारी कुशांक गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में दो सगे भाइयों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने केस की तफ्तीश शुरू की तो कुशांक के कई विवाद सामने आए थे। जिसकी जांच करने के बाद पुलिस किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंची। बावजूद इसके पुलिस ने नामजद दोनों सगे भाइयों को जेल भेज दिया है। जबकि नामजद आरोपियों के परिजन पुलिस अफसरों को सबूत दिखा रहे थे कि घटना के समय दोनों भाई अपने घर में मौजूद थे। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल भी चेक कराने की मांग कर रहे थे। पुलिस की ओर से आश्वासन भी दिया गया था कि किसी भी बेगुनाह को जेल नहीं भेजा जाएगा। बावजूद इसके पुलिस ने आधी अधूरी तफ्तीश के बीच ही प्रियांशु और हिमांशु को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया गया। पुलिस ने ये कार्रवाई किसी दबाव में की है या फिर एफआईआर ने पुलिस को कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया है। एफआईआर में वादी अशोक गुप्ता ने लिखा है कि मरने से पहले कुशांक ने ही प्रियांशु और हिमांशु के नाम बताए थे।
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पुलिस कार्रवाई से हम संतुष्ट: कुशांक के पिता
मुरादाबाद। कुशांक के पिता अशोक गुप्ता ने बताया कि उनके बेटे को प्रियांशु और हिमांशु ने जान से मारने की धमकी दी थी। मेरे बेटे की इन लोगों ने ही गोली मारकर हत्या की है। शनिवार को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की कार्रवाई से मैं और मेरा परिवार संतुष्ट है। अब पुलिस को इसमें सबूत जुटाने चाहिए। ताकी आरोपियों को उनके जुर्म की सजा मिल सके। अगर पुलिस सबूत नहीं जुटा पाएगी तो आरोपी छूट जाएंगे।
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मेरे पति और देवर को झूठा फंसाया: डा. दीपिका गोयल
मुरादाबाद। बिजनौर के कबीर नगर निवासी दवा व्यापारी हिमांशु गोयल की पत्नी डा. दीपिका गोयल ने पुलिस अफसरों को प्रार्थना पत्र दिया है। जिसमें उन्होंने बताया कि मेरे पति हिमांशु गोयल और देवर प्रियांशु गोयल को हत्या के केस में झूठा फंसा दिया है। हमने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। डा. दीपिका ने बताया कि वह चांदपुर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मेडिकल ऑफिसर के पद पर कार्यरत है। इस केस की वजह से वह मानसिक रूप से परेशान हैं और सही से ड्यूटी नहीं कर पा रही है। 23 जनवरी को मेरी ननद की शादी है। डाक्टर ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर उनके पति और देवर को रिहा कराया जाए।

केस के वादी ने बयान दिया है कि उसके बेटे का विवाद प्रियांशु और हिमांशु से चल रहा था। वादी के बयान और एफआईआर के आधार पर ही गिरफ्तारी की गई है। इस केस की विवेचना अभी जारी रहेगी। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उन्हें केस में जोड़ा जाएगा। अगर इस किसी में किसी अन्य की भूमिका भी सामने आएगी तो उसकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।
अखिलेश भदौरिया, पुलिस अधीक्षक नगर
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