राज्यपाल आनंदीबेन से शिकायतकर्ता बोला- लेखपाल मांग रहा घूस
- व्यक्ति ने राज्यपाल से घूस मांगने की शिकायत की
- राज्यपाल ने सिस्टम को दिखाया आइना
- चाहे 50 खंभे लगें बिजली पहुंचनी चाहिए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की 40 मिनट की क्लास में अफसरों का होमवर्क काम नहीं आया। राज्यपाल के सवाल सिलेबस से बाहर देख अफसर बगलें झांकते रहे। मंगलवार दोपहर एक बजकर नौ मिनट पर राज्यपाल सदर तहसील के सभागार में पहुंचीं तो अधिकारियों के चेहरे पर इत्मीनान था, लेकिन संपूर्ण समाधान दिवस में आई फरियादियों की शिकायतों पर अफसरों का टालमटोल वाला रुख देख राज्यपाल का रुख सख्त होता चला गया। आखिर में उन्होंने बोल ही दिया कि ये समाधान नहीं है, ऐसे नहीं चलेगा।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अफसरों एक व्यक्ति ने राज्यपाल से शिकायत की कि एक लेखपाल घूस मांग रहा है। उद्योग विभाग में एक सेवानिवृत्त व्यक्ति के लगातार बैठने और दलाली करने की शिकायत भी राज्यपाल के सामने रखी गई। डीएम ने शिकायतकर्ता को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह दस्तावेज लेकर अपनी बात पर अड़ा रहा।
कुछ शिकायतों पर अफसरों के तर्क वितर्क से नाखुश राज्यपाल ने मंत्री और मुख्यमंत्री रहते हुए अपने अनुभवों का जिक्र कर सिस्टम को आइना भी दिखाया। राज्यपाल ने संदेश दिया कि अफसरशाही के तौर तरीकों से वह अंजान नहीं हैं।
उन्होंने कहा, "मैं जब राजस्व मंत्री थी तो कलेक्टर को फोन करने के बाद चिट्ठी लेकर फरियादी को कलेक्टर के बताए समय पर भेजती थी, लेकिन फिर भी फरियादी को बाहर खड़ा करके इंतजार कराया जाता था।
राज्यपाल ने कहा कि फरियादी की जगह अधिकारी खुद को उनके स्थान पर रखकर सोचें कि यदि वह होते तो उन्हें कितनी तकलीफ होती। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने नीचे के स्टाफ के साथ प्रोटोकॉल को भूलकर महीने में एक बार जरूर बैठें। राज्यपाल ने संपूर्ण समाधान दिवस में 15 फरियाद सुनीं और ज्यादातर पर वह अफसरों के रवैय्ये से नाखुश दिखीं।
उन्होंने कहा कि सरकार के सर्कुलर में हर प्रश्न का उत्तर नहीं होता। अधिकारी व्यवहारिक रूप से जनता की समस्याओं का समाधान संवेदनशील होकर करें। ताकि जनता के बीच समाज की आबरू बढ़े। बुजुर्गों को फोन करके उनका हालचाल पूछें, इससे सरकार के कामकाज का फीडबैक भी मिलेगा। कई शिकायतों पर अधिकारियों के टालमटोल वाले रवैय्ये पर राज्यपाल ने कड़े शब्दों में कहा कि ऐसे नहीं चलेगा।
लेखपाल मांग रहा है घूस, सकपकाए अफसर
एक व्यक्ति ने राज्यपाल से शिकायत की कि एक लेखपाल घूस मांग रहा है। उद्योग विभाग में एक सेवानिवृत्त व्यक्ति के लगातार बैठने और दलाली करने की शिकायत भी राज्यपाल के सामने रखी गई।
डीएम ने शिकायतकर्ता को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह दस्तावेज लेकर अपनी बात पर अड़ा रहा। डीएम ने मामले में टीम गठित करने का भी निर्देश दिया। राज्यपाल ने डीएम से पूछा कि रिटायर्ड आदमी क्यों दफ्तर में बैठता है, आपने इसमें क्या किया।
चाहे 50 खंभे लगें बिजली पहुंचनी चाहिए
चाऊ की बस्ती की दो महिलाओं ने राज्यपाल से कहा कि कई महीने से चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें बिजली का कनेक्शन नहीं मिल रहा है। डीएम के निर्देश पर बिजली विभाग के एसई सफाई देने लगे कि 50 मीटर से अधिक दूरी पर पोल होने की वजह से कनेक्शन नहीं दिया जा सकता। इस पर नाराज राज्यपाल ने कहा कि जब केंद्र और प्रदेश सरकार 100 प्रतिशत कनेक्शन दे रही तो यह कनेक्शन कैसे छूटा। उन्होंने पूछा, इसके लिए जिम्मेवार कौन है। उन्होंने कहा कि चाहे चार खंभे लगाने पड़े या 50 खंभे, समस्या का समाधान होना चाहिए।