{"_id":"6935da76518c52a0ab027ab1","slug":"cold-drinks-and-junk-food-are-damaging-the-kidneys-of-young-people-moradabad-news-c-15-1-mbd1044-786493-2025-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: कोल्डड्रिंक और जंक फूड से खराब हो रही युवाओं की किडनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: कोल्डड्रिंक और जंक फूड से खराब हो रही युवाओं की किडनी
विज्ञापन
मुरादाबाद। देररात तक जागकर स्क्रीन पर समय बिताना, कोल्डड्रिंक और जंक फूड का अत्यधिक सेवन युवाओं में किडनी की बीमारी का कारण बन रहा है। मोटापा, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और हाई ब्लड प्रेशर इसके पीछे की मुख्य वजह हैं। यदि जंक फूड कम कर दिया जाए और हर दिन एक घंटा व्यायाम को दें तो बीमारी का खतरा कई गुना कम हो जाएगा।
यह सलाह शहर के गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्जुन अग्रवाल ने दी है। उनका कहना है कि लगातार पेन किलर का इस्तेमाल करना, जिन सप्लीमेंट और स्टेरॉयड का सेवन, अल्कोहल, सिगरेट और कम पानी पीना भी क्रिटिकल किडनी डिजीज के कारण हैं। डॉक्टर की सलाह है कि बीपी, शुगर की नियमित जांच करें। हर छह माह पर केएफटी कराएं। घर का बना ताजा भोजन लें। डॉ. अर्जुन ने मरीजों के सवालों के जवाब भी दिए हैं।
सवाल-1
मेरे बेटे की उम्र छह वर्ष है। तीन माह से उसके चेहरे पर सूजन है। डॉक्टर ने ओमनीकॉर्टिल सीरप दिया लेकिन चेहरे से सूजन नहीं गई है। किडनी की रिपोर्ट नॉर्मल है। आप बताएं कि क्या करना चाहिए।
विज्ञापन
- युग तोमर
जवाब
बच्चे को नेफ्रोटिक सिंड्रोम हो सकता है जिसमें यूरिन में प्रोटीन लीक होता है। इसका दो माह तक इलाज होता है। स्टेरॉयड बी देने पड़ते हैं। यूरिन एसीआर की जांच कराएं। उससे पता चलेगा कि कितना प्रोटीन लीक हो रहा है।
सवाल-2
मेरी उम्र 45 वर्ष है। मुझे प्यास बहुत लगती है। मुंह खुश्क रहता है और पेशाब बहुत आता है। क्या यह किडनी की बीमारी के लक्षण हैं।
- ब्रजलाल सिंह, सिरकोई भूड़
जवाब
हां यह किडनी की बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। यह लक्षण डायबिटीज में भी होते हैं। इसलिए शुगर की जांच कराएं। साथ ही केएफटी भी कराएं। इससे शंका दूर हो जाएगी।
सवाल-3
मैं 55 साल का हूं। मेरी यूरिन पाइप सिकुड़ गई है। इलाज के तौर पर डॉक्टर ने मुझे घर पर सीआईसी करने को कहा है। मुझे कितने माह तक यह प्रकिया घर पर करनी होगी और इसका शेड्यूल क्या है।
- सूरज सिंह, हनुमान नगर
जवाब
आपको सीआईसी तब तक कराना होगा जब तक यूरिन मसाने में नरबके। इसे बहुत ही सावधानीपूर्वक करें अन्यथा इनफेक्शन हो सकता है। यह देखने के लिए कि यूरिन रुक तो नहीं रहा है, यूएसजी पीवीआर कराएं।
सवाल-4
मैं 53 साल का हूं और शुगर रोगी हूं। एचबीए-1सी 7 है। पेशाब करते समय कई बार झाग सा दिखाई देता है। पेशाब की जांच कराने पर एल्बुमिन नॉर्मल आता है। यूरिक एसिड भी सामान्य है फिर ऐसा क्यों हो रहा है।
- अशोक शर्मा, पंडित नगला
जवाब
यूरिन एसीआर की जांच कराएं। यदि सामान्य आता हो घबराने की कोई बात नहीं है। जांच हर छह माह में कराते रहें क्योंकि शुगर की वजह से किडनी पर प्रभाव पड़ता है।
सवाल-5
मेरी उम्र 54 वर्ष है। मेरा क्रिटेनिन 4 से 4.5 तक रहता है। पांच से अधिक क्रिटेनिन होने पर अस्पताल में भर्ती रह चुका हूं। अब दवा खाता हूं तो सामान्य रहता हूं लेकिन पहले की तरह काम पर नहीं जा पाता। क्या डायलिसिस अनिवार्य है या दवाओं से भी क्रिटेनिन 1.5 तक आ सकता है।
- योगेंद्र चौहान, एकता कॉलोनी
जवाब
अभी दवा का ही सेवन करें, डायलिसिस की जरूरत नहीं है। जब तक क्रिटेनिन सात से अधिक नहीं जाता और उल्टी व यूरिन में कोई दिक्कत नहीं होती। तब तक डायलिसिस की जरूरत नहीं है।
सवाल-6
मेरी उम्र 49 वर्ष है। सुबह को कई बार पेशाब जाना पड़ता है। मुझे शक होता है कि कहीं किडनी में कोई परेशानी तो नहीं है। ज्यादा पानी पीने से भी घबराता हूं। मुझे क्या करना चाहिए।
- विजय भटनागर
जवाब
शुगर, केएफटी व अल्ट्रासाउंड करा लें इससे सारा डर दूर हो जाएगा। यदि जांच में सब ठीक आता है तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
विज्ञापन
यह सलाह शहर के गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्जुन अग्रवाल ने दी है। उनका कहना है कि लगातार पेन किलर का इस्तेमाल करना, जिन सप्लीमेंट और स्टेरॉयड का सेवन, अल्कोहल, सिगरेट और कम पानी पीना भी क्रिटिकल किडनी डिजीज के कारण हैं। डॉक्टर की सलाह है कि बीपी, शुगर की नियमित जांच करें। हर छह माह पर केएफटी कराएं। घर का बना ताजा भोजन लें। डॉ. अर्जुन ने मरीजों के सवालों के जवाब भी दिए हैं।
विज्ञापन
सवाल-1
मेरे बेटे की उम्र छह वर्ष है। तीन माह से उसके चेहरे पर सूजन है। डॉक्टर ने ओमनीकॉर्टिल सीरप दिया लेकिन चेहरे से सूजन नहीं गई है। किडनी की रिपोर्ट नॉर्मल है। आप बताएं कि क्या करना चाहिए।
विज्ञापन
- युग तोमर
जवाब
बच्चे को नेफ्रोटिक सिंड्रोम हो सकता है जिसमें यूरिन में प्रोटीन लीक होता है। इसका दो माह तक इलाज होता है। स्टेरॉयड बी देने पड़ते हैं। यूरिन एसीआर की जांच कराएं। उससे पता चलेगा कि कितना प्रोटीन लीक हो रहा है।
सवाल-2
मेरी उम्र 45 वर्ष है। मुझे प्यास बहुत लगती है। मुंह खुश्क रहता है और पेशाब बहुत आता है। क्या यह किडनी की बीमारी के लक्षण हैं।
- ब्रजलाल सिंह, सिरकोई भूड़
जवाब
हां यह किडनी की बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। यह लक्षण डायबिटीज में भी होते हैं। इसलिए शुगर की जांच कराएं। साथ ही केएफटी भी कराएं। इससे शंका दूर हो जाएगी।
सवाल-3
मैं 55 साल का हूं। मेरी यूरिन पाइप सिकुड़ गई है। इलाज के तौर पर डॉक्टर ने मुझे घर पर सीआईसी करने को कहा है। मुझे कितने माह तक यह प्रकिया घर पर करनी होगी और इसका शेड्यूल क्या है।
- सूरज सिंह, हनुमान नगर
जवाब
आपको सीआईसी तब तक कराना होगा जब तक यूरिन मसाने में नरबके। इसे बहुत ही सावधानीपूर्वक करें अन्यथा इनफेक्शन हो सकता है। यह देखने के लिए कि यूरिन रुक तो नहीं रहा है, यूएसजी पीवीआर कराएं।
सवाल-4
मैं 53 साल का हूं और शुगर रोगी हूं। एचबीए-1सी 7 है। पेशाब करते समय कई बार झाग सा दिखाई देता है। पेशाब की जांच कराने पर एल्बुमिन नॉर्मल आता है। यूरिक एसिड भी सामान्य है फिर ऐसा क्यों हो रहा है।
- अशोक शर्मा, पंडित नगला
जवाब
यूरिन एसीआर की जांच कराएं। यदि सामान्य आता हो घबराने की कोई बात नहीं है। जांच हर छह माह में कराते रहें क्योंकि शुगर की वजह से किडनी पर प्रभाव पड़ता है।
सवाल-5
मेरी उम्र 54 वर्ष है। मेरा क्रिटेनिन 4 से 4.5 तक रहता है। पांच से अधिक क्रिटेनिन होने पर अस्पताल में भर्ती रह चुका हूं। अब दवा खाता हूं तो सामान्य रहता हूं लेकिन पहले की तरह काम पर नहीं जा पाता। क्या डायलिसिस अनिवार्य है या दवाओं से भी क्रिटेनिन 1.5 तक आ सकता है।
- योगेंद्र चौहान, एकता कॉलोनी
जवाब
अभी दवा का ही सेवन करें, डायलिसिस की जरूरत नहीं है। जब तक क्रिटेनिन सात से अधिक नहीं जाता और उल्टी व यूरिन में कोई दिक्कत नहीं होती। तब तक डायलिसिस की जरूरत नहीं है।
सवाल-6
मेरी उम्र 49 वर्ष है। सुबह को कई बार पेशाब जाना पड़ता है। मुझे शक होता है कि कहीं किडनी में कोई परेशानी तो नहीं है। ज्यादा पानी पीने से भी घबराता हूं। मुझे क्या करना चाहिए।
- विजय भटनागर
जवाब
शुगर, केएफटी व अल्ट्रासाउंड करा लें इससे सारा डर दूर हो जाएगा। यदि जांच में सब ठीक आता है तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है।