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Moradabad News: कोचिंग वालों ने नहीं पढ़ा नियमों का पाठ....बच्चों की पढ़ाई हो रही बर्बाद
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मुरादाबाद। सुरक्षा मानकों का पालन न करने पर प्रशासन ने 11 कोचिंग सेंटर सील कर दिए हैं। कार्रवाई का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। लेकिन इस कार्रवाई के बाद बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि इन कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र अब अपनी पढ़ाई कहां जारी करेंगे। अभिभावकों के सामने फीस और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता खड़ी हो गई है। अभिभावकों का कहना है कि कार्रवाई से प्रभावित छात्रों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं बनाई गई। उनका कहना है कि बच्चों की पढ़ाई अचानक रुक गई है। इसका सीधा असर उनके तैयारी पर पड़ रहा है।
शहर में सील किए गए कोचिंग सेंटरों में हजारों छात्र-छात्राएं इंजीनियरिंग, मेडिकल प्रवेश परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। अचानक संस्थान बंद होने से छात्रों की पढ़ाई बीच में अटक गई है। कई अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने पहले ही मोटी फीस जमा कर दी है, लेकिन अब न तो पढ़ाई हो रही है और न ही यह साफ है कि कोचिंग दोबारा कब खुलेगी। अभिभावकों का कहना है कि नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई जरूरी है लेकिन इनमें उन बच्चों का क्या दोष है जिनकी पढ़ाई अचानक बीच में रुक गई है।
अभिभावक बोले...
-बेटा जेईई की तैयारी कर रहा है। एक कोचिंग में एडमिशन कराया था लेकिन कोचिंग सील हो गई। फीस जमा हो चुकी है। अब बच्चा घर पर बैठा है। ग्रुप में सिर्फ मैसेज आ रहे हैं लेकिन यह नहीं बताया जा रहा कि कोचिंग दोबारा कब खुलेगी।-राजीव यादव, अभिभावक, गौर ग्रेसियस
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-पिछले साल भी बच्चे ने तैयारी की थी और इस बार दोबारा कोचिंग में दाखिला कराया था। लेकिन अब सेंटर बंद कर दिया गया। बच्चा परेशान है। प्रशासन ने कोचिंग बंद कर दी, लेकिन इसमें बच्चों की क्या गलती है। अब उन्हें तैयारी के लिए कहां भेजें, यह समझ नहीं आ रहा।-विवेक गोयल, अभिभावक, गौर ग्रेसियस
-शहर के एक कोचिंग सेंटर में बच्चे का एडमिशन कराया है। वह जेईई की तैयारी कर रहा है। अचानक कोचिंग सील हो जाने से पढ़ाई प्रभावित हो गई है। फिलहाल बताया जा रहा है कि दो-तीन दिन में ऑनलाइन क्लास शुरू कराई जाएगी। लेकिन प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में नियमित माहौल और सीधे शिक्षकों से पढ़ाई ज्यादा जरूरी होता है।-अंचित बंसल, अभिभावक, सिविल लाइंस
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शहर में सील किए गए कोचिंग सेंटरों में हजारों छात्र-छात्राएं इंजीनियरिंग, मेडिकल प्रवेश परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। अचानक संस्थान बंद होने से छात्रों की पढ़ाई बीच में अटक गई है। कई अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने पहले ही मोटी फीस जमा कर दी है, लेकिन अब न तो पढ़ाई हो रही है और न ही यह साफ है कि कोचिंग दोबारा कब खुलेगी। अभिभावकों का कहना है कि नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई जरूरी है लेकिन इनमें उन बच्चों का क्या दोष है जिनकी पढ़ाई अचानक बीच में रुक गई है।
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अभिभावक बोले...
-बेटा जेईई की तैयारी कर रहा है। एक कोचिंग में एडमिशन कराया था लेकिन कोचिंग सील हो गई। फीस जमा हो चुकी है। अब बच्चा घर पर बैठा है। ग्रुप में सिर्फ मैसेज आ रहे हैं लेकिन यह नहीं बताया जा रहा कि कोचिंग दोबारा कब खुलेगी।-राजीव यादव, अभिभावक, गौर ग्रेसियस
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-पिछले साल भी बच्चे ने तैयारी की थी और इस बार दोबारा कोचिंग में दाखिला कराया था। लेकिन अब सेंटर बंद कर दिया गया। बच्चा परेशान है। प्रशासन ने कोचिंग बंद कर दी, लेकिन इसमें बच्चों की क्या गलती है। अब उन्हें तैयारी के लिए कहां भेजें, यह समझ नहीं आ रहा।-विवेक गोयल, अभिभावक, गौर ग्रेसियस
-शहर के एक कोचिंग सेंटर में बच्चे का एडमिशन कराया है। वह जेईई की तैयारी कर रहा है। अचानक कोचिंग सील हो जाने से पढ़ाई प्रभावित हो गई है। फिलहाल बताया जा रहा है कि दो-तीन दिन में ऑनलाइन क्लास शुरू कराई जाएगी। लेकिन प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में नियमित माहौल और सीधे शिक्षकों से पढ़ाई ज्यादा जरूरी होता है।-अंचित बंसल, अभिभावक, सिविल लाइंस