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Moradabad News: अदालत में पशे नहीं हुए आए सीओ ठाकुरद्वारा
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मुरादाबाद। न्यायिक मजिस्ट्रेट से अमर्यादित भाषा बोलना और अदालत का मखौल उड़ाने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मंगलवार मे सीओ ठाकुरद्वारा को तलब किया था लेकिन उनके अनुपस्थित होने के कारण अदालत ने उन्हें एक और अवसर प्रदान करते हुए 28 जुलाई सुनवाई के लिए लगा दी है।
बीते सप्ताह बृहस्पतिवार को न्यायिक अधिकारी अपर सिविल जज जूनियर डिविजन और जेएम अदालत में सीओ ठाकुरद्वारा ने गलत आचरण पेश किया था। सीओ पर आरोप लगा था कि न्यायिक मजिस्ट्रेट पत्रावलियों की सुनवाई कर रही थी तब राजेश कुमार तिवारी क्षेत्राधिकारी ठाकुरद्वारा द्वारा न्यायिक अधिकारी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया व अमर्यादित आचरण किया तथा अपने आचरण पर मुस्कराते हुए बाहर चले गए थे। क्षेत्राधिकारी ठाकुरद्वारा द्वारा किए गए ऐसे बर्ताव से फौजदारी के वादों की न्यायिक कार्यवाही में विघ्न उत्पन्न हुआ। साथ ही अदालत ने इसे न्यायालय का अपमान माना।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुरादाबाद एमपी सिंह ने इस प्रकरण में संज्ञान लेते हुए क्षेत्राधिकारी ठाकुरद्वारा राजेश कुमार तिवारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था और मंगलवार को सीओ राजेश कुमार को अदालत में पेश होने के नोटिस जारी किए थे लेकिन सीओ राजेश कुमार अदालत में उपस्थित नहीं हुए। अदालत ने मंगलवार को पुनः वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के माध्यम से उन्हें आगामी 28 जुलाई को अदालत में पेश होने के लिए सम्मन जारी किए हैं।
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बीते सप्ताह बृहस्पतिवार को न्यायिक अधिकारी अपर सिविल जज जूनियर डिविजन और जेएम अदालत में सीओ ठाकुरद्वारा ने गलत आचरण पेश किया था। सीओ पर आरोप लगा था कि न्यायिक मजिस्ट्रेट पत्रावलियों की सुनवाई कर रही थी तब राजेश कुमार तिवारी क्षेत्राधिकारी ठाकुरद्वारा द्वारा न्यायिक अधिकारी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया व अमर्यादित आचरण किया तथा अपने आचरण पर मुस्कराते हुए बाहर चले गए थे। क्षेत्राधिकारी ठाकुरद्वारा द्वारा किए गए ऐसे बर्ताव से फौजदारी के वादों की न्यायिक कार्यवाही में विघ्न उत्पन्न हुआ। साथ ही अदालत ने इसे न्यायालय का अपमान माना।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुरादाबाद एमपी सिंह ने इस प्रकरण में संज्ञान लेते हुए क्षेत्राधिकारी ठाकुरद्वारा राजेश कुमार तिवारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था और मंगलवार को सीओ राजेश कुमार को अदालत में पेश होने के नोटिस जारी किए थे लेकिन सीओ राजेश कुमार अदालत में उपस्थित नहीं हुए। अदालत ने मंगलवार को पुनः वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के माध्यम से उन्हें आगामी 28 जुलाई को अदालत में पेश होने के लिए सम्मन जारी किए हैं।
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