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चाइनीज मांझे से पतंग उड़ाने वालों पर होगी कार्रवाई
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मुरादाबाद। पतंगबाजी में चाइनीज मांझे का प्रयोग करने वालों की अब खैर नहीं। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने शहर के नागफनी, कटघर, मझोला, सिविल लाइंस, कोतवाली, मुगलपुरा व गलशहीद आदि थानों के थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने एसएसपी व बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता को भी कार्रवाई करने को कहा है।
रक्षाबंधन से एक माह पहले से ही शहर में पतंग व मांझे की खूब बिक्री हो रही है। हालांकि प्रशासन ने चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक लगा रखी है। इस घातक मांझे को बेचने वालों के खिलाफ जुर्माने का भी प्रावधान है। इसके बावजूद शहर में गुरहट्टी, नागफनी, करूला, असालतपुरा, दीवान का बाजार, गलशहीद, मुगलपुरा आदि क्षेत्रों में चोरी छिपे यह मांझा बेचा जा रहा है। पिछले कई दिनों से चाइनीज मांझे के साथ लोहे का पतला तार बांधकर पतंग उड़ाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे जगह जगह तार टूटने, फाल्ट होने से बिजली विभाग को भारी क्षति हो रही है। साथ ही शहर के अधिकांश इलाकों में रोजोना 4 से 5 घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है। विद्युत कर्मियों ने बताया कि पतंग के मांझे में उपयोग होने वाला मेटेलिक वायर इतना पतला होता है कि फाल्ट खोजने के दौरान वह नजर नहीं आता। इससे फाल्ट ठीक करने में बहुत अधिक समय लग जाता है। अधिक देर तक बिजली न आने से नागरिकों में असंतोष रहता है। गौरतलब है कि चाइनीज मांझे के कारण करंट लगने से लोगों की जान जा चुकी है। साथ ही यह घातक मांझा सड़क दुर्घटनाओं का भी सबब बना है। अब जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि शहर के किसी भी इलाके में यदि कोई व्यक्ति चाइनीज मांझे या लोहे के तार का उपयोग करके पतंग उड़ाता पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा-39 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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रक्षाबंधन से एक माह पहले से ही शहर में पतंग व मांझे की खूब बिक्री हो रही है। हालांकि प्रशासन ने चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक लगा रखी है। इस घातक मांझे को बेचने वालों के खिलाफ जुर्माने का भी प्रावधान है। इसके बावजूद शहर में गुरहट्टी, नागफनी, करूला, असालतपुरा, दीवान का बाजार, गलशहीद, मुगलपुरा आदि क्षेत्रों में चोरी छिपे यह मांझा बेचा जा रहा है। पिछले कई दिनों से चाइनीज मांझे के साथ लोहे का पतला तार बांधकर पतंग उड़ाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे जगह जगह तार टूटने, फाल्ट होने से बिजली विभाग को भारी क्षति हो रही है। साथ ही शहर के अधिकांश इलाकों में रोजोना 4 से 5 घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है। विद्युत कर्मियों ने बताया कि पतंग के मांझे में उपयोग होने वाला मेटेलिक वायर इतना पतला होता है कि फाल्ट खोजने के दौरान वह नजर नहीं आता। इससे फाल्ट ठीक करने में बहुत अधिक समय लग जाता है। अधिक देर तक बिजली न आने से नागरिकों में असंतोष रहता है। गौरतलब है कि चाइनीज मांझे के कारण करंट लगने से लोगों की जान जा चुकी है। साथ ही यह घातक मांझा सड़क दुर्घटनाओं का भी सबब बना है। अब जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि शहर के किसी भी इलाके में यदि कोई व्यक्ति चाइनीज मांझे या लोहे के तार का उपयोग करके पतंग उड़ाता पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा-39 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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