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Moradabad News: पांच साल से ड्रेस-किताबों के लिए पैसों का इंतजार कर रहे बच्चे

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 29 Nov 2024 02:30 AM IST
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Children waiting for money for dress and books for five years
मुरादाबाद। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने के लिए सरकार द्वारा आरटीई योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत दाखिले के बाद किताबों और ड्रेस के लिए बच्चों को सरकार की ओर से मिलने वाली पांच हजार रुपये की सहायता राशि पिछले पांच साल से नहीं मिली है। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार यह धनराशि करीब 11 करोड़ रुपये है। अधिकारियों का कहना है कि शासन को बकाया धनराशि के लिए मांगपत्र भेजा गया है।
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आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिलाया जाता है। इसके लिए शासन स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति शुल्क देता है, जबकि अभिभावकों को प्रति बालक पांच हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शैक्षिक सत्र 2020-21 और सत्र 2023-24 में सिर्फ नए दाखिला लेने वाले बच्चों का ही बजट मिला था।
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वहीं पांच से करीब 21,847 बच्चों को धनराशि का इंतजार है। प्रति बालक पांच हजार रुपये के हिसाब से इन बच्चों का करीब 10,92,35,000 रुपये शासन से मिलने का इंतजार है।
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अभिभावकों ने बताई परेशानी
किसरौल निवासी मोहम्मद शमीम ने बताया कि इसी सत्र में अपनी बेटी का नर्सरी कक्षा में दाखिला करवाया है। बेटी की यूनिफॉर्म के अलावा पाठ्यक्रम भी अपने पास से ही खरीदा है। विभाग से कई बार जानकारी प्राप्त की है, लेकिन शासन की ओर से पांच हजार रुपये की धनराशि कब मिलेगी, इसकी जानकारी नहीं है। गोविंद नगर निवासी सर्वेश भारद्वाज ने बताया कि पांच साल पहले बेटी और तीन साल पहले बेटे का दाखिला आरटीई के तहत करवाया था। हर साल शासन से धनराशि मिलने का इंतजार रहता है, लेकिन अभी तक एक बार भी वित्तीय सहायता नहीं मिली है।

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किस वर्ष के कितने छात्रों की बकाया धनराशि

शैक्षिक सत्र दाखिला
2020-21 3487
2021-22 4694
2022-23 5140
2023-24 4611
2024-25 3915

वर्जन...

वित्तीय सहायता नहीं मिलने से अभिभावक परेशान हैं। पिछले वर्षों के दाखिलों के आधार पर शासन से वित्तीय मदद की मांग की है। उम्मीद की जा रही है कि शीघ्र ही बकाया धनराशि मिल जाएगी। - विमलेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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