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Moradabad: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले, 'भारत को विश्व गुरु बनाएगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति'
Sat, 15 Oct 2022 07:15 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sat, 15 Oct 2022 07:15 PM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बुद्धि विहार सेक्टर-2 के मैदान पर चल रहे तीन दिवसीय आर्यवीर महासम्मेलन को संबोधित किया।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया भौतिकता के पीछे भाग रही है लेकिन, देश की राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत को विश्व गुरु के रूप में स्थापित करेगी। नई शिक्षा नीति आत्मनिर्भर भारत सहित अन्य सभी बातों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। अब मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी अपनी मातृभाषा में होगी। कुछ पुस्तकों का प्रदेश सरकार ने हिंदी में अनुवाद भी कराया है। वह शनिवार को बुद्धि विहार सेक्टर-2 के मैदान पर चल रहे तीन दिवसीय आर्यवीर महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
सीएम ने कहा कि भारत के अंदर आजादी के आंदोलन को नई गति देने में आर्य समाज की महत्वपूर्ण भूमिका को कोई नकार नहीं सकता है। स्वदेशी जागरण हो या क्रांतिकारियों की टीम को नेतृत्व देने के मामले में आर्य समाज ने उस काल खंड में सबसे बड़ी भूमिका का निर्वहन किया। स्वामी श्रद्धानंद ने उस समय शुद्धि आंदोलन शुरू किया लेकिन, कुछ विधर्मियों ने स्वामी श्रद्धानंद की हत्या कर दी। इसके बाद संकल्प लेकर नारायण स्वामी ने आर्यवीर दल का गठन किया। आर्य समाज के अनेक योद्धाओं को विधर्मियों के साजिशों का शिकार होना पड़ा। फिर भी स्वामी श्रद्धानंद के आंदोलन से लोग जुड़ते गए और अनेक क्रांतिकारी आजादी आंदोलन के वाहक बन गए। अंत में देश को आजादी मिली। आज लोग व्यक्ति पूजा पर ज्यादा विश्वास करते हैं आदर्शों पर कम। यह दयानंद सरस्वती के सिद्धांतों के विपरीत है।
उन्होंने आगे कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मूल्यों और आदर्शों के प्रति ध्यान दिलाया है। आठ वर्षों के अंदर लोगों ने बदलते भारत, एक भारत श्रेष्ठ भारत के रूप में देखा है। कभी आर्य समाज के संतों ने यह सपना देखा था, वहीं सपना आज साकार हो रहा है, जब कश्मीर से धारा 370 समाप्त होती है। अयोध्या में प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से मंदिर निर्माण का कार्यक्रम शुरू कराया। केदारनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार और योग की परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रदान किया। यह सपना स्वामी श्रद्धानंद और स्वामी दयानंद का है। काशी विश्वनाथ धाम की स्थापना और पुनरुद्धभनार का काम हुआ। दुनिया जब महामारी से पस्त थी। भारत भी जीवन और जीविका को बचाने में लगा था। उस समय याद आया कि हमारी शिक्षा मातृ भाषा में होनी चाहिए। प्रदेश में अब मेडिकल और इंजीनियर की पढ़ाई मातृ भाषा में होगी। प्रदेश में मेडिकल और इंजीनियर की कुछ पुस्तकों का अनुवाद कराया है। हिंदी के गौरव को अनुभूत कराने का समय आ गया है।
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सीएम ने कहा कि देश में सबसे अधिक युवा यूपी में हैं। ये युवा शिक्षा, संस्कृति शिष्टाचारों, संस्कारों के साथ आत्मनिर्भर और एक भारत श्रेष्ठ भारत की कल्पना को आगे बढ़ा सकते हैं। जीवन में परिवर्तन लाने का काम भारत की अध्यामिक और परंपरा करेगी। सरकार के कार्यक्रमों की लोगों को जानकारी रखनी चाहिए। युवाओं को छूआछूत, अंधविश्वास, बाल विवाह जैसी कुप्रथा को छोड़कर महर्षि दयानंद सरस्वती के सपनों का साकार करने वाला देश बनाना होगा। कार्यक्रम के दौरान योग गुरु बाबा रामदेव, वृंदावन से आए आचार्य स्वदेश, एमडीएच के चेयरमैन राजीव गुलाटी, सांसद सतपाल सिंह, मंत्री धर्मपाल, गुलाब देवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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सीएम ने कहा कि भारत के अंदर आजादी के आंदोलन को नई गति देने में आर्य समाज की महत्वपूर्ण भूमिका को कोई नकार नहीं सकता है। स्वदेशी जागरण हो या क्रांतिकारियों की टीम को नेतृत्व देने के मामले में आर्य समाज ने उस काल खंड में सबसे बड़ी भूमिका का निर्वहन किया। स्वामी श्रद्धानंद ने उस समय शुद्धि आंदोलन शुरू किया लेकिन, कुछ विधर्मियों ने स्वामी श्रद्धानंद की हत्या कर दी। इसके बाद संकल्प लेकर नारायण स्वामी ने आर्यवीर दल का गठन किया। आर्य समाज के अनेक योद्धाओं को विधर्मियों के साजिशों का शिकार होना पड़ा। फिर भी स्वामी श्रद्धानंद के आंदोलन से लोग जुड़ते गए और अनेक क्रांतिकारी आजादी आंदोलन के वाहक बन गए। अंत में देश को आजादी मिली। आज लोग व्यक्ति पूजा पर ज्यादा विश्वास करते हैं आदर्शों पर कम। यह दयानंद सरस्वती के सिद्धांतों के विपरीत है।
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उन्होंने आगे कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मूल्यों और आदर्शों के प्रति ध्यान दिलाया है। आठ वर्षों के अंदर लोगों ने बदलते भारत, एक भारत श्रेष्ठ भारत के रूप में देखा है। कभी आर्य समाज के संतों ने यह सपना देखा था, वहीं सपना आज साकार हो रहा है, जब कश्मीर से धारा 370 समाप्त होती है। अयोध्या में प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से मंदिर निर्माण का कार्यक्रम शुरू कराया। केदारनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार और योग की परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रदान किया। यह सपना स्वामी श्रद्धानंद और स्वामी दयानंद का है। काशी विश्वनाथ धाम की स्थापना और पुनरुद्धभनार का काम हुआ। दुनिया जब महामारी से पस्त थी। भारत भी जीवन और जीविका को बचाने में लगा था। उस समय याद आया कि हमारी शिक्षा मातृ भाषा में होनी चाहिए। प्रदेश में अब मेडिकल और इंजीनियर की पढ़ाई मातृ भाषा में होगी। प्रदेश में मेडिकल और इंजीनियर की कुछ पुस्तकों का अनुवाद कराया है। हिंदी के गौरव को अनुभूत कराने का समय आ गया है।
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सीएम ने कहा कि देश में सबसे अधिक युवा यूपी में हैं। ये युवा शिक्षा, संस्कृति शिष्टाचारों, संस्कारों के साथ आत्मनिर्भर और एक भारत श्रेष्ठ भारत की कल्पना को आगे बढ़ा सकते हैं। जीवन में परिवर्तन लाने का काम भारत की अध्यामिक और परंपरा करेगी। सरकार के कार्यक्रमों की लोगों को जानकारी रखनी चाहिए। युवाओं को छूआछूत, अंधविश्वास, बाल विवाह जैसी कुप्रथा को छोड़कर महर्षि दयानंद सरस्वती के सपनों का साकार करने वाला देश बनाना होगा। कार्यक्रम के दौरान योग गुरु बाबा रामदेव, वृंदावन से आए आचार्य स्वदेश, एमडीएच के चेयरमैन राजीव गुलाटी, सांसद सतपाल सिंह, मंत्री धर्मपाल, गुलाब देवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।