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Moradabad News: चाणक्य की कूटनीति से अखंड भारत के सम्राट बने चंद्रगुप्त
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मुरादाबाद।
मांगो चंद्रगुप्त, यदि योग्य हो तो मांगो। मैं आर्य विष्णु गुप्त चाणक्य तुम्हें सिर्फ मगध नहीं, संपूर्ण भारतवर्ष का राजा बनाने का संकल्प लेता हूं। आचार्य चाणक्य की वेशभूषा में प्रख्यात बॉलीवुड कलाकार मनोज जोशी ने जिगर मंच से जब यह संवाद कहा, तो सामने बैठे दर्शकों ने उनके अभिनय कौशल को भरपूर तालियों से पुरस्कृत किया।
जिला कृषि, विकास, औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी (अनुगूंज) के तहत सोमवार को जिगर मंच पर कालजयी नाटक चाणक्य की प्रस्तुति हुई। अभिनेता मनोज जोशी, उनकी पत्नी चारु जोशी के निर्देशन में विख्यात टीवी कलाकारों ने शानदार अभिनय से पात्रों को मंच पर जीवंत कर दिया। सत्तालोलुप हिरण्यगुप्त उर्फ घनानंद अपने निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए मगध की प्रजा का शोषण कर रहा था। दूसरी ओर अलिकसुंदर (अलेक्जेंजर उर्फ सिकंदर) को भारतवर्ष पर आधिपत्य से रोकने के लिए तक्षशिला विश्वविद्यालय के निष्काषित कुलपति आचार्य चाणक्य ने राजाओं को एकजुट करने की ठानी। जब कोई राजा छोटे-छोटे टुकड़ों में बंटे देश को अखंड भारत बनाने में सक्षम नहीं दिखा तो उन्होंने असामान्य प्रतिभा संपन्न चंद्रगुप्त को चक्रवती सम्राट बनाने का निर्णय लिया।
आदिवासियों की मदद से काशी, कौसल व कौशांबी राज्यों पर अपना अधिकार कर लिया। इसके बाद पर्वतक नेपाल के राजा से संधि कर मगध में घनानंद का वध किया। इसके बाद संधि द्रोह करने वाले पर्वतक का वध कर मगध में राज्य स्थापित किया। नाटक का भव्य मंचन देख व संस्कृत निष्ठ संवाद सुनकर दर्शकों ने देर तक तालियां बजाईं। कलाकारों की वेशभूषा, भाव भंगिमाएं, संवाद प्रवाह के साथ सज्जित जिगर मंच मायानगरी मुंबई के किसी थियेटर से ज्यादा भव्य लग रहा था।
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मुख्य अतिथि डीएम मानवेंद्र सिंह, एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया, सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर, संयुक्त कृषि निदेशक प्रशांत कुमार, जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी समेत तमाम अधिकारियों ने नाटक के मंचन का आनंद लिया। अंत में सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया। इस साल के सर्वश्रेष्ठ कार्यक्रम की संज्ञा दी गई।
इस मौके पर प्रदर्शनी प्रभारी राहुल शर्मा, संजीव आकांक्षी, अतुल जौहरी, अभिनव चौहान, डॉ. ब्रजपाल सिंह यादव, परवेज नाजिम, सुशील शर्मा, डॉ. प्रदीप शर्मा, राधे श्याम शर्मा आदि मौजूद रहे।
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मांगो चंद्रगुप्त, यदि योग्य हो तो मांगो। मैं आर्य विष्णु गुप्त चाणक्य तुम्हें सिर्फ मगध नहीं, संपूर्ण भारतवर्ष का राजा बनाने का संकल्प लेता हूं। आचार्य चाणक्य की वेशभूषा में प्रख्यात बॉलीवुड कलाकार मनोज जोशी ने जिगर मंच से जब यह संवाद कहा, तो सामने बैठे दर्शकों ने उनके अभिनय कौशल को भरपूर तालियों से पुरस्कृत किया।
जिला कृषि, विकास, औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी (अनुगूंज) के तहत सोमवार को जिगर मंच पर कालजयी नाटक चाणक्य की प्रस्तुति हुई। अभिनेता मनोज जोशी, उनकी पत्नी चारु जोशी के निर्देशन में विख्यात टीवी कलाकारों ने शानदार अभिनय से पात्रों को मंच पर जीवंत कर दिया। सत्तालोलुप हिरण्यगुप्त उर्फ घनानंद अपने निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए मगध की प्रजा का शोषण कर रहा था। दूसरी ओर अलिकसुंदर (अलेक्जेंजर उर्फ सिकंदर) को भारतवर्ष पर आधिपत्य से रोकने के लिए तक्षशिला विश्वविद्यालय के निष्काषित कुलपति आचार्य चाणक्य ने राजाओं को एकजुट करने की ठानी। जब कोई राजा छोटे-छोटे टुकड़ों में बंटे देश को अखंड भारत बनाने में सक्षम नहीं दिखा तो उन्होंने असामान्य प्रतिभा संपन्न चंद्रगुप्त को चक्रवती सम्राट बनाने का निर्णय लिया।
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आदिवासियों की मदद से काशी, कौसल व कौशांबी राज्यों पर अपना अधिकार कर लिया। इसके बाद पर्वतक नेपाल के राजा से संधि कर मगध में घनानंद का वध किया। इसके बाद संधि द्रोह करने वाले पर्वतक का वध कर मगध में राज्य स्थापित किया। नाटक का भव्य मंचन देख व संस्कृत निष्ठ संवाद सुनकर दर्शकों ने देर तक तालियां बजाईं। कलाकारों की वेशभूषा, भाव भंगिमाएं, संवाद प्रवाह के साथ सज्जित जिगर मंच मायानगरी मुंबई के किसी थियेटर से ज्यादा भव्य लग रहा था।
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मुख्य अतिथि डीएम मानवेंद्र सिंह, एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया, सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर, संयुक्त कृषि निदेशक प्रशांत कुमार, जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी समेत तमाम अधिकारियों ने नाटक के मंचन का आनंद लिया। अंत में सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया। इस साल के सर्वश्रेष्ठ कार्यक्रम की संज्ञा दी गई।
इस मौके पर प्रदर्शनी प्रभारी राहुल शर्मा, संजीव आकांक्षी, अतुल जौहरी, अभिनव चौहान, डॉ. ब्रजपाल सिंह यादव, परवेज नाजिम, सुशील शर्मा, डॉ. प्रदीप शर्मा, राधे श्याम शर्मा आदि मौजूद रहे।