रामपुर के डीएम का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर मांगे पैसे
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जिलाधिकारी के नाम पर फेसबुक पर फर्जी एकाउंट बनाकर उनके परिचितों से पैसे मांगने के आरोप में सिविल लाइंस कोतवाली की पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इस मामले में जिलाधिकारी के आशुलिपिक मनमोहन सिंह ने पुलिस को तहरीर दी थी।
मनमोहन सिंह ने तहरीर में कहा है कि जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह के नाम पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा फेसबुक पर फर्जी एकाउंट बनाया गया है। प्रोफाइल में जिलाधिकारी की तस्वीर बच्चों के साथ पोस्ट की गई है। साथ ही फेसबुक एकाउंट के माध्यम से एक बैंक का
खाता नंबर और आईएफसी कोड देकर पैसों की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि यह फेसबुक पर यह एकाउंट जिलाधिकारी द्वारा नहीं बनाई गई है। फेसबुक के फर्जी एकाउंट का स्क्रीन शॉट संलग्न करते हुए उन्होंने पुलिस से इस मामले में कार्रवाई की मांग की। तहरीर के आधार पर सिविल लाइंस कोतवाली की पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम 2008 की धारा 66 (ग), 66 (घ), आईपीसी की धारा 419, 420 और 384 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की सर्विलांस सेल इस मामले में आरोपी की तलाश करने की कोशिश कर रही है।
शुक्रवार की रात ही बनाया था फर्जी एकाउंट
जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह के नाम फेसबुक पर फर्जी एकाउंट शुक्रवार की रात लगभग 10.45 पर बनाया गया है। आईडी बनाने वाले ने बड़ी चालाकी से उनके परिचितों को फ्रेंडशिप रिकवेस्ट भेजना शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर में उसनेे आंध्रा बैंक का खाता संख्या और आईएफसी कोड देकर लोगों से उसने में भेजने को कहने लगा। उसने किसी से 40 हजार, किसी से 30 हजार और किसी 20 हजार की रकम बैंक एकाउंट में जमा कराने की बात कही है। फर्जी एकाउंट बनाने वाले ने बड़ी चालाकी से समय का ध्यान रखा था, क्योंकि रात के वक्त अमूमन जिलाधिकारी सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं रहते हैं। उसने यह भी ध्यान रखा कि रात के वक्त कोई जिलाधिकारी को फोन करने की जहमत नहीं उठाएगा।
जिलाधिकारी को उनके किसी परिचित ने दी जानकारी
फेसबुक पर फर्जी एकाउंट बनाकर उनके नाम से पैसे मांगे जाने की जानकारी जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह को शुक्रवार की रात ही मिल गई। दरअसल एकाउंट के माध्यम से पैसे मांगे जाने के संदेश से उनका एक परिचित हैरान हुआ। उसने रात में ही जिलाधिकारी को फोन कर दिया। इसके बाद जिलाधिकारी ने उस एकाउंट को देखा और तुरंत ही पुलिस को जानकारी दी। फेसबुक पर यह एकाउंट शुक्रवार की रात लगभग 10.45 पर बनाया गया था और इसकी जानकारी उनको रात 11.30 पर मिल गई।
जिलाधिकारी अपने व्यक्तिगत फेसबुक एकाउंट पर नहीं रहते हैं सक्रिय
जिलाधिकारी रामपुर आंजनेय कुमार सिंह का फेसबुक पर व्यक्तिगत एकाउंट है, जिस पर वह बहुत ज्यादा सक्रिय नहीं रहते हैं। उन्होंने चुनिंदा लोगों को ही फ्रेंड बना रखा है। जिलाधिकारी रामपुर के पद नाम से जो फेसबुक एकाउंट पर है उस पर वह मतदाता जागरूकता
अभियान से संबंधित जानकारी सांझा करते हैं।
बैंक खाता नंबर और आईएफसी कोड के आधार पर की जा रही है जांच
जिलाधिकारी के फर्जी फेसबुक एकाउंट पर आंध्रा बैंक के जिस खाता नंबर और आईएफसी कोड का उल्लेख किया गया है उसके आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि अगर बैंक खाता नंबर और आईएफसी कोड सही है तो आरोपी तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।