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आज सीएम की जनसभा में जाएंगी बसें, बेहतर होगा टाल दें बाहर जाने का प्रोग्राम
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मुरादाबाद। आज ठाकुरद्वारा में होने वाली मुख्यमंत्री की जनसभा के लिए भाजपा नेेताओं ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से 250 बसें मांगी, जिनका इंतजाम करने में परिवहन विभाग के अधिकारियों के पसीने छूट गए।
जिले के विभिनन मार्गों पर चलने वाली वाली प्राइवेट, रोडवेज की अनुबंधित बसों को ले लिया गया लेकिन पूर्ति ना होने पर दो यूनिवर्सिटी की भी 49 बसें लेनी पड़ीं। देर रात तक इनका इंतजाम हुआ। ऐसे में आज जिले के अधिकांश मार्गों पर बसें न मिलने से परेशानी हो सकती है। बेहतर होगा कि आज बाहर जाने का कार्यक्रम फिलहाल टाल दें।
रविवार को भाजपा संगठन ने सीएम की जनसभा में 250 बसें ले जाने का दावा किया था। भाजपा नेताओं ने बसों की व्यवस्था कराने के लिए परिवहन विभाग के अधिकारियों से सहयोग मांगा। जनसभा सीएम की थी लिहाजा परिवहन विभाग के अधिकारियों ने प्राइवेट बसों का इंतजाम करने को पूरी ताकत झोंक दी थी। एआरटीओ छवि सिंह, पीटीओ खुद व्यवस्था कराने में जुटे थे। अकेले पूर्व सांसद कुंवर सर्वेश ने 200 बसें मांग लीं। जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह ने 100 बसों के लिए कहा।
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बसों की संख्या बढ़कर 300 पहुंच गई ऐसे में परिवहन अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गईं। विभिन्न मार्गों पर चलने वाली प्राइवेट बसों को अधिगृहीत करना शुरू कर दिया। काशीपुर-रामनगर मार्ग पर चलने वाले करीब सभी 50 बसें ले ली गईं। इसके अलावा पाकबड़ा, कुदंरकी, टांडा मार्ग, के अतिरिक्त नगर बस सेवा की बसें भी ले ली गईं। इसके बाद भी पूर्ति नहीं हुई तो परिवहन निगम की अनुबंधित बसों को रैली के लिए ले लिया गया। शहर की दो बड़ी यूनिवर्सिटी से सहमति के बाद उनकी भी करीब 49 गाड़ियां ली गईं। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जनसभा के लिए बसों को अलग अलग स्थानों पर खड़ा कराना शुरू कर दिया था और भाजपा नेताओं को बस चालक का नंबर दे दिया था।
एआरटीओ कार्यालय के पीटीओ अनिल कुमार सिंह ने रात को मांग के अनुसार बसों की व्यवस्था का दावा किया।
दरअसल जिले के ग्रामीण मार्गों पर ही प्राइवेट बसें चलती हैं लेकिन इनकी संख्या अधिक नहीं है इसलिए जनसभा के लिए इन मार्गों की अधिकतर सभी बसेें ले ली गई हैं। ऐसे में मंगलवार को इन मार्गों पर बसें ना मिलने पर यात्रियों को परेशानी हो सकती है। इसलिए बेहतर है कि यदि किसी ने बाहर जाने का कार्यक्रम बना रखा है तो बेहतर होगा कि वह उसे फिलहाल टाल दे।
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जिले के विभिनन मार्गों पर चलने वाली वाली प्राइवेट, रोडवेज की अनुबंधित बसों को ले लिया गया लेकिन पूर्ति ना होने पर दो यूनिवर्सिटी की भी 49 बसें लेनी पड़ीं। देर रात तक इनका इंतजाम हुआ। ऐसे में आज जिले के अधिकांश मार्गों पर बसें न मिलने से परेशानी हो सकती है। बेहतर होगा कि आज बाहर जाने का कार्यक्रम फिलहाल टाल दें।
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रविवार को भाजपा संगठन ने सीएम की जनसभा में 250 बसें ले जाने का दावा किया था। भाजपा नेताओं ने बसों की व्यवस्था कराने के लिए परिवहन विभाग के अधिकारियों से सहयोग मांगा। जनसभा सीएम की थी लिहाजा परिवहन विभाग के अधिकारियों ने प्राइवेट बसों का इंतजाम करने को पूरी ताकत झोंक दी थी। एआरटीओ छवि सिंह, पीटीओ खुद व्यवस्था कराने में जुटे थे। अकेले पूर्व सांसद कुंवर सर्वेश ने 200 बसें मांग लीं। जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह ने 100 बसों के लिए कहा।
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बसों की संख्या बढ़कर 300 पहुंच गई ऐसे में परिवहन अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गईं। विभिन्न मार्गों पर चलने वाली प्राइवेट बसों को अधिगृहीत करना शुरू कर दिया। काशीपुर-रामनगर मार्ग पर चलने वाले करीब सभी 50 बसें ले ली गईं। इसके अलावा पाकबड़ा, कुदंरकी, टांडा मार्ग, के अतिरिक्त नगर बस सेवा की बसें भी ले ली गईं। इसके बाद भी पूर्ति नहीं हुई तो परिवहन निगम की अनुबंधित बसों को रैली के लिए ले लिया गया। शहर की दो बड़ी यूनिवर्सिटी से सहमति के बाद उनकी भी करीब 49 गाड़ियां ली गईं। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जनसभा के लिए बसों को अलग अलग स्थानों पर खड़ा कराना शुरू कर दिया था और भाजपा नेताओं को बस चालक का नंबर दे दिया था।
एआरटीओ कार्यालय के पीटीओ अनिल कुमार सिंह ने रात को मांग के अनुसार बसों की व्यवस्था का दावा किया।
दरअसल जिले के ग्रामीण मार्गों पर ही प्राइवेट बसें चलती हैं लेकिन इनकी संख्या अधिक नहीं है इसलिए जनसभा के लिए इन मार्गों की अधिकतर सभी बसेें ले ली गई हैं। ऐसे में मंगलवार को इन मार्गों पर बसें ना मिलने पर यात्रियों को परेशानी हो सकती है। इसलिए बेहतर है कि यदि किसी ने बाहर जाने का कार्यक्रम बना रखा है तो बेहतर होगा कि वह उसे फिलहाल टाल दे।