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मुरादाबाद में नर्स से दरिंदगी: बचने के लिए चिल्लाती रही पीड़िता.. किसी ने नहीं सुनी चीख, तीनों आरोपियों को जेल

Tue, 20 Aug 2024 10:35 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद)।
अमर उजाला नेटवर्क, ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद)। Published by: विमल शर्मा Updated Tue, 20 Aug 2024 10:35 AM IST
सार

ठाकुरद्वारा में नर्स को बंधक बनाने वाले डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। इसमें एक महिला भी शामिल है। प्रशासन ने अस्पताल को सील कर दिया है। उसमें भर्ती मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। 

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Brutality with nurse in Moradabad: Victim kept screaming to save herself, all three accused sent to jail
नर्स से दुष्कर्म करने के आरोपी डॉक्टर - फोटो : संवाद

विस्तार

निजी अस्पताल में नर्स को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी डॉ. शाहनवाज, वार्ड बॉय जुनैद और नर्स मेहनाज को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार दोपहर पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया। वहीं रविवार रात करीब एक बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया।

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डिलारी थाना क्षेत्र के एक ग्रामीण ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसकी बेटी ठाकुरद्वारा के एक निजी अस्पताल में 10 माह से नर्स का काम कर रही थी। शनिवार शाम करीब सात बजे वह ड्यूटी पर गई थी। आरोप है कि शनिवार देर रात नर्स को दूसरी नर्स मेहनाज और वार्ड बॉय जुनैद ने साजिश के तहत डॉ. शाहनवाज के कमरे में बंद कर दिया था।
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जहां डाॅक्टर ने नर्स के साथ दुष्कर्म किया। नर्स बचाव के लिए चिल्लाती रही, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। रविवार को दूसरे स्टाफ के आने पर नर्स घर पहुंची और परिजनों की मामले की जानकारी दी। इसके बाद परिजन नर्स को लेकर ठाकुरद्वारा कोतवाली पहुंचे।
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पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर डॉक्टर सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को पुलिस ने तीनों का चालान कर कोर्ट में पेश किया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया।

अस्पताल में नर्स से दुष्कर्म के मामले में डॉक्टर समेत तीन आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। सोमवार को तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। इस मामले में विवेचना पूरी करने के बाद जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। - सतपाल अंतिल, एसएसपी

भर्ती मरीज दूसरे अस्पताल में शिफ्ट

रविवार देर रात करीब एक बजे एसीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार और सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजपाल सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल पहुंची। टीम ने कार्रवाई के बाद अस्पताल को सील कर दिया। भर्ती मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। अस्पताल के मेन गेट को सील नहीं किया गया है।

इसका कारण पुलिस ने डॉक्टर के परिवार के अस्पताल के ऊपरी मंजिल में रहना बताया है। एसीएमओ ने अस्पताल के निरीक्षण की रिपोर्ट भी कार्रवाई के लिए कोतवाली पुलिस को सौंपी है।

सीओ राजेश कुमार ने बताया कि इस अस्पताल का सीएमओ कार्यालय से रजिस्ट्रेशन है, लेकिन रजिस्ट्रेशन रीन्यूअल नहीं कराया गया है। अस्पताल को डॉ. शाहनवाज ही चलाता था, जबकि अस्पताल में एक अन्य डॉक्टर का नाम भी लिखा हुआ है।

आरोपी डॉक्टर को देखकर रोने लगे परिजन

सोमवार को पुलिस ने आरोपी डॉ. शाहनवाज, वार्ड बॉय जुनैद और नर्स मेहनाज को कोर्ट में पेश करने से पहले उनका सरकारी अस्पताल में मेडिकल कराया। इसकी जानकारी मिलने पर डॉक्टर के परिजन और उसके गांव के लोग भी अस्पताल पहुंचे। आरोपी डॉक्टर और वार्ड बॉय को देखकर उनके परिजन रोने लगे।

आरोपी मेहनाज है आशा वर्कर

दुष्कर्म की साजिश में गिरफ्तार नर्स मेहनाज गांव मानपुर दतराम में आशा वर्कर के रूप में कार्यरत है। नियमित रूप से वह उक्त अस्पताल में भी काम करने जाती थी। उसकी हाजिरी वहां के रजिस्टर में दर्ज है। सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि आशा वर्कर मेहनाज को हटाने की रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय को भेज दी गई है।

किराए के भवन में चल रहा है अस्पताल

जिस अस्पताल में नर्स को बंधक बनाकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। वह किराये के भवन में चल रहा था। एसडीएम मनी अरोड़ा का कहना है कि भवन पर बुलडोजर चलाने का उन्हें कोई आदेश नहीं मिला है। रविवार और सोमवार को अवकाश था इसलिए हॉस्पिटल के बारे में सही जानकारी नहीं मिल सकी है।

सीएमओ कार्यालय से अस्पताल के बारे में जानकारी मांगी गई है। इसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह अस्पताल अवैध था या वैध है। इसके बाद ही उच्च अधिकारियों के आदेश पर अस्पताल के बारे में कोई निर्णय लिया जा सकेगा।

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