UP: अमेरिकी फौजियों की तलवार में मुरादाबादी ब्रास हैंडल, पीतलनगरी में होते हैं तैयार; इतने करोड़ का है कारोबार
पीतलनगरी मुरादाबाद के कारीगर अमेरिकी सेना की सेरेमोनियल तलवारों के ब्रास हैंडल (मूंठ) तैयार कर रहे हैं, जिन्हें अमृतसर में तलवार से जोड़कर अमेरिका निर्यात किया जाता है। इस हस्तशिल्प से सालाना करोड़ों रुपये का कारोबार होता है।
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खास हस्तशिल्प के कारण कई देशों तक फैली पीतलनगरी की चमक के इतिहास में एक और उल्लेखनीय अध्याय जुड़ गया है। अमेरिकी सैनिकों के हाथों में दमकने वाली तलवार की मूंठ (हैंडल) भी पीतलनगरी में तैयार हो रही हैं। मुरादाबाद के कारखानों में रोजाना तीन हजार हैंडल बन रहे हैं।
कारखानेदारों का कहना है कि एक किलो के हैंडल की कीमत करीब दो हजार रुपये के आसपास है। डॉलर में भुगतान से विदेशी मुद्रा भंडार में इससे खासी मजबूती मिल रही है। जानकार बताते हैं कि मुरादाबाद में हर साल तलवार के हैंडल से करीब 250 करोड़ रुपये का कारोबार होता है।
इसका कारोबार पिछले 20 साल में 100 गुना बढ़ा है। 20 साल पहले ढाई करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का कारोबार होता था। धीरे-धीरे इसकी मांग बढ़ती गई और अब हर महीने इससे 20 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होता है। शहर के पीरदाजा, जामा मस्जिद, करूला, ईदगाह, कटघर समेत अन्य जगहों पर कारीगर हैंडल को सांचे में ढालते हैं, फिर पॉलिश से इसकी चमक बढ़ाई जाती है।
पीरजादा के कारखाना संचालक रहीस अहमद का कहना है कि 10 वर्षों से तलवार के हैंडल बना रहे हैं। एक पीस हैंडल कई कारीगरों से गुजरकर तैयार होता है। इसलिए काफी समय लगता है। इस तरह के हैंडल के लिए पंजाब से बड़े ऑर्डर आते हैं। तलवार पंजाब की शान है। अमेरिकी सेना में आधुनिक हथियारों के साथ-साथ फौजियों की ड्रेस में तलवार का स्थान है।
करूला निवासी अरमान मलिक ने बताया कि हर दिन 100 से 200 पीस तलवार के हैंडल तैयार कर लेते हैं। ज्यादातर पीतल के होते हैं। ऑर्डर के समय इनकी डिजाइन और फिनिशिंग बताई जाती है। हैंडल बनाने के लिए हर महीने अच्छे ऑर्डर मिल जाते हैं।
पीतल की महंगाई के हिसाब से इसके दाम बदलते रहते हैं। ईदगाह क्षेत्र में रहने वाले कारखानेदार रेहान मंसूरी ने बताया कि हैंडल तैयार करने के लिए पांच से सात कारीगर की जरूरत होती है। एक ढालता तो दूसरा पॉलिश करता है। इस पर पीतलनगरी के हस्तशिल्प के अनुसार आकर्षक नक्काशी भी की जाती है।
तलवार के हैंडल से जुड़े हैं करीब एक हजार कारीगर
शहर के कटघर, पीरजादा, जामा मस्जिद, करूला, ईदगाह समेत अन्य कुछ स्थानों पर करीब एक हजार कारीगर इस काम से जुड़े हैं। करीब 50 कारखानों में तलवार के हैंडल तैयार होते हैं। कारखानेदारों का कहना है कि तलवार का हैंडल बनाने के लिए पीतल और एल्युमिनियम दोनों का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि जब से पीतल के दाम बढ़े हैं, तब से एल्युमिनियम के हैंडल ज्यादा बनाए जा रहे हैं। एल्युमिनियम के हैंडल में फिनिशिंग और अच्छी होती है।
अमेरिकी सेना में इस्तेमाल की जाने वाली तलवार के हैंडल शहर में बनाए जाते हैं। इन्हें पंजाब भेजा जाता है। वहां पर तलवार तैयार करने के बाद ही अमेरिका निर्यात किया जाता है। इसका कारोबार हर साल बढ़ता जा रहा है। पीतल और एल्युमिनियम दोनों के हैंडल ज्यादा बनाए जा रहे हैं। - सुरेश कुमार गुप्ता, चेयरमैन, आईआईए हैंडीक्रॉफ्ट डेवलेपमेंट कमेटी