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Moradabad News: पारा गिरने से चढ़ा बीपी, हर दिन ब्रेन हेमरेज के छह मामले
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मुरादाबाद। सर्दी में पारा गिरने के साथ ही मरीजों का ब्लड प्रेशर बढ़ने लगा है। इसमें सबसे ज्यादा खतरा ब्रेन हेमरेज का है। शहर के निजी अस्पतालों में हर दिन ब्रेन हेमरेज के छह मामले आ रहे हैं। एक सप्ताह में 40 से ज्यादा मामले आ चुके हैं। इनमें से दो मरीजों की मौत हुई है। सर्दी में नसों का सिकुड़ना दिमाग पर गंभीर असर डाल रहा है। नस फटने के साथ नस ब्लॉक होने के मामले भी आ रहे हैं।
डॉक्टर लगातार मरीजों को सलाह दे रहे हैं कि सर्दी में धूप नहीं निकलने तक लोग घरों में ही रहें। धमनियां सिकुड़ने और खून गाढ़ा होने के कारण दवा में बदलाव की जरूरत होती है। बीपी के मरीज लगातार दवा खाते रहें और डॉक्टर से मिलकर इसे बदलवा सकते हैं। क्योंकि खून का थक्का जमने से ब्रेन हेमरेज या ब्रेन स्ट्रोक होने की आशंका बढ़ जाती है। यह बीमारी बुजुर्गों में ज्यादा होती है लेकिन अब कम उम्र के लोग भी इससे पीड़ित हो रहे हैं। शहर के न्यूरो सर्जन डॉ. मोनित अग्रवाल के मुताबिक 30 से 35 वर्ष के मरीजों में ब्रेन हेमरेज के आ मामले आ रहे हैं। उम्र 40 वर्ष से अधिक होते ही लोगों को बीपी को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। डॉक्टरों का कहना है कि युवाओं में तनाव भी ब्रेन हेमरेज का बड़ा कारण बन रहा है। इसमें बदलती जीवनशैली व रिश्तों में कड़वाहट भी शामिल है।
केस-1
नौ जनवरी को पुलिस लाइन में तैनात सिपाही को ब्रेन हेमरेज के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया। बदायूं के बिसौली थानाक्षेत्र के निवासी सिपाही मोहित यादव महज 38 साल के थे। कॉसमॉस अस्पताल में उनकी मौत हो गई। घर पर ही अचानक तबीयत खराब होने के बाद पड़ोसियों ने सिपाही को अस्पताल में भर्ती कराया था।
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केस-2
रेती मोहल्ला के निवासी नरेंद्र सिंघल को 10 जनवरी को कांठ रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक नरेंद्र की उम्र 39 वर्ष थी। वह बीपी के मरीज थे लेकिन लगातार दवा नहीं खाते थे। मादक पदार्थ के सेवन के कारण उनका बीपी अचानक बहुत बढ़ गया और हालत बिगड़ गई। अस्पताल में ही नरेंद्र की मौत हो गई थी।
यह हैं लक्षण
- चेहरा, हाथ-पैर अचानक सुन्न हो जाते हैं
- बोलने या समझने में परेशानी होने लगती है
- एक या दोनों आंखों से देखने में परेशानी होने लगती है
- चक्कर, उल्टी व मतली हो सकती है
- शरीर संतुलन में नहीं रहता है
यह रखें सावधानी
- ज्यादा वजन है तो कम करें
- तेलीय पदार्थ नहीं खाएं
- नमक की मात्रा पांच ग्राम से भी कम खाएं
बीपी के मरीज क्या करें
-ठंड के मौसम में सुबह टहलने न निकलें
-ज्यादा से ज्यादा धूप में रहें
- गुनगुना पानी पीएं और गुनगुने पानी में नहाएं
- बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न खाएं
- हर दिन बीपी चेक करें और चार्ट बनाएं
सर्दी के दिनों में तेजी से ब्रेन हेमरेज के मामले बढ़ रहे हैं। इसमें 40 साल से ज्यादा उम्र के लोग ज्यादा हैं। हर दिन ब्रेन हेमरेज के एक से दो मरीजों के ऑपरेशन हो रहे है। वहीं ओपीडी में भी ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
- डॉ. मोनित अग्रवाल, न्यूरो सर्जन
ब्रेन हेमरेज के हर दिन दो मामले आ रहे हैं। बीपी के जो मरीज लगातार दवा नहीं खाते उन्हें ब्रेन हेमरेज का खतरा ज्यादा है। नमक, चिकनाई, मसाले वाले पदार्थ न खाएं। घर में ही कसरत करें। समय से सोएं और दिनचर्या व्यवस्थित करें।
- डॉ. तरुण अग्रवाल, न्यूरो सर्जन
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डॉक्टर लगातार मरीजों को सलाह दे रहे हैं कि सर्दी में धूप नहीं निकलने तक लोग घरों में ही रहें। धमनियां सिकुड़ने और खून गाढ़ा होने के कारण दवा में बदलाव की जरूरत होती है। बीपी के मरीज लगातार दवा खाते रहें और डॉक्टर से मिलकर इसे बदलवा सकते हैं। क्योंकि खून का थक्का जमने से ब्रेन हेमरेज या ब्रेन स्ट्रोक होने की आशंका बढ़ जाती है। यह बीमारी बुजुर्गों में ज्यादा होती है लेकिन अब कम उम्र के लोग भी इससे पीड़ित हो रहे हैं। शहर के न्यूरो सर्जन डॉ. मोनित अग्रवाल के मुताबिक 30 से 35 वर्ष के मरीजों में ब्रेन हेमरेज के आ मामले आ रहे हैं। उम्र 40 वर्ष से अधिक होते ही लोगों को बीपी को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। डॉक्टरों का कहना है कि युवाओं में तनाव भी ब्रेन हेमरेज का बड़ा कारण बन रहा है। इसमें बदलती जीवनशैली व रिश्तों में कड़वाहट भी शामिल है।
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केस-1
नौ जनवरी को पुलिस लाइन में तैनात सिपाही को ब्रेन हेमरेज के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया। बदायूं के बिसौली थानाक्षेत्र के निवासी सिपाही मोहित यादव महज 38 साल के थे। कॉसमॉस अस्पताल में उनकी मौत हो गई। घर पर ही अचानक तबीयत खराब होने के बाद पड़ोसियों ने सिपाही को अस्पताल में भर्ती कराया था।
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केस-2
रेती मोहल्ला के निवासी नरेंद्र सिंघल को 10 जनवरी को कांठ रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक नरेंद्र की उम्र 39 वर्ष थी। वह बीपी के मरीज थे लेकिन लगातार दवा नहीं खाते थे। मादक पदार्थ के सेवन के कारण उनका बीपी अचानक बहुत बढ़ गया और हालत बिगड़ गई। अस्पताल में ही नरेंद्र की मौत हो गई थी।
यह हैं लक्षण
- चेहरा, हाथ-पैर अचानक सुन्न हो जाते हैं
- बोलने या समझने में परेशानी होने लगती है
- एक या दोनों आंखों से देखने में परेशानी होने लगती है
- चक्कर, उल्टी व मतली हो सकती है
- शरीर संतुलन में नहीं रहता है
यह रखें सावधानी
- ज्यादा वजन है तो कम करें
- तेलीय पदार्थ नहीं खाएं
- नमक की मात्रा पांच ग्राम से भी कम खाएं
बीपी के मरीज क्या करें
-ठंड के मौसम में सुबह टहलने न निकलें
-ज्यादा से ज्यादा धूप में रहें
- गुनगुना पानी पीएं और गुनगुने पानी में नहाएं
- बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न खाएं
- हर दिन बीपी चेक करें और चार्ट बनाएं
सर्दी के दिनों में तेजी से ब्रेन हेमरेज के मामले बढ़ रहे हैं। इसमें 40 साल से ज्यादा उम्र के लोग ज्यादा हैं। हर दिन ब्रेन हेमरेज के एक से दो मरीजों के ऑपरेशन हो रहे है। वहीं ओपीडी में भी ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
- डॉ. मोनित अग्रवाल, न्यूरो सर्जन
ब्रेन हेमरेज के हर दिन दो मामले आ रहे हैं। बीपी के जो मरीज लगातार दवा नहीं खाते उन्हें ब्रेन हेमरेज का खतरा ज्यादा है। नमक, चिकनाई, मसाले वाले पदार्थ न खाएं। घर में ही कसरत करें। समय से सोएं और दिनचर्या व्यवस्थित करें।
- डॉ. तरुण अग्रवाल, न्यूरो सर्जन