{"_id":"60c507f28ebc3ed468423298","slug":"boy-flying-kite-dies-due-to-drowning-in-drain-city-news-mbd3920334103","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुले नाले में डूबने से 12 दिन में दूसरी मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुले नाले में डूबने से 12 दिन में दूसरी मौत
विज्ञापन
मुरादाबाद। करुला में खुले नाले के पास खड़े होकर पतंग उड़ा रहे आठ वर्षीय बालक की गहरे नाले में गिरकर मौत हो गई। हादसा पैर फिसलने हुआ। लोगों ने मशक्कत कर बालक को नाले से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी जान जा चुकी थी। बारह दिनों में शहर में नाले में डूबकर मौत की ये दूसरी घटना है।
बिलारी क्षेत्र के सहसपुर निवासी लईक सालों से शहर के करुला में रहते हैं। लईक ने संभल रोड पर करुला के चौडे़ नाले के किनारे झुग्गी डाली रखी है। जहां वह ढोलक बनाकर बेचता हैं और परिवार की रोजी रोटी चलते हैं। लईक की पत्नी नीलो ने बताया कि शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे उसका बेटा उबैस उर्फ आसिफ (8) झुग्गी के पास नाले के किनारे पतंग उड़ा रहा था। नाले पर रखे एक डंडे पर उसने पैर रखा हुआ था। लेकिन अचानक पैर फिसलने से वह नाले में गिर गया। इसका पता परिजनों को कुछ देर बाद चला। इसके बाद उबैस को आसपास के लोगों की मदद से उसे निकाला गया। नीलो के मुताबिक नाले से निकालने पर उबैस में सांसे नहीं थी। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि पास के किसी अस्पताल में उसे ले जाया गया, लेकिन उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिजन शव लेकर अपने गांव सहसपुर चले गए, जहां शव सपुर्द ए खाक कर दिया।
परिजनों ने नहीं कराया पोस्टमार्टम
घटना की सूचना पर दस सराय चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने का प्रयास किया लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। उन्होंने इसे एक हादसा बताया। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम नहीं कराया।
विज्ञापन
ढोलक बनाकर दो वक्त की रोटी मिलती है परिवार को
मुरादाबाद। लईक का पूरा परिवार ढोलक बनाकर दो वक्त की रोटी का इंतजाम करता था। सड़क किनारे खाली जगह में डाली झुग्गी ही उनका सब कुछ था। परिजनों के अनुसार लईक के परिवार में उसकी पत्नी नीलो के अलावा तीन बेटे रईस, इकराम और रेहान हैं। जबकि तीन छोटी बेटियां भी हैं। पूरा परिवार की जिदंगी सड़क किनारे झुग्गी में ही चलती है। इसी झुग्गी में रहना खाना और सोना होता है। परिवार के सभी सदस्य यहां पर ढोलक बनाने में जुटे रहते हैं। आर्थिक हालत कमजोर होने की वजह से बच्चे पढ़ाई भी नहीं कर सके। नीलो का कहना है कि यही झुग्गी उनका सब कुछ है। खुदा को जो मंजूर होता है वही होता है। सालों से यहां रह रहे हैं और नाला भी ऐसा ही है, लेकिन हादसा अब होना था तो हो गया ।
विज्ञापन
बिलारी क्षेत्र के सहसपुर निवासी लईक सालों से शहर के करुला में रहते हैं। लईक ने संभल रोड पर करुला के चौडे़ नाले के किनारे झुग्गी डाली रखी है। जहां वह ढोलक बनाकर बेचता हैं और परिवार की रोजी रोटी चलते हैं। लईक की पत्नी नीलो ने बताया कि शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे उसका बेटा उबैस उर्फ आसिफ (8) झुग्गी के पास नाले के किनारे पतंग उड़ा रहा था। नाले पर रखे एक डंडे पर उसने पैर रखा हुआ था। लेकिन अचानक पैर फिसलने से वह नाले में गिर गया। इसका पता परिजनों को कुछ देर बाद चला। इसके बाद उबैस को आसपास के लोगों की मदद से उसे निकाला गया। नीलो के मुताबिक नाले से निकालने पर उबैस में सांसे नहीं थी। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि पास के किसी अस्पताल में उसे ले जाया गया, लेकिन उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिजन शव लेकर अपने गांव सहसपुर चले गए, जहां शव सपुर्द ए खाक कर दिया।
विज्ञापन
परिजनों ने नहीं कराया पोस्टमार्टम
घटना की सूचना पर दस सराय चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने का प्रयास किया लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। उन्होंने इसे एक हादसा बताया। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम नहीं कराया।
विज्ञापन
ढोलक बनाकर दो वक्त की रोटी मिलती है परिवार को
मुरादाबाद। लईक का पूरा परिवार ढोलक बनाकर दो वक्त की रोटी का इंतजाम करता था। सड़क किनारे खाली जगह में डाली झुग्गी ही उनका सब कुछ था। परिजनों के अनुसार लईक के परिवार में उसकी पत्नी नीलो के अलावा तीन बेटे रईस, इकराम और रेहान हैं। जबकि तीन छोटी बेटियां भी हैं। पूरा परिवार की जिदंगी सड़क किनारे झुग्गी में ही चलती है। इसी झुग्गी में रहना खाना और सोना होता है। परिवार के सभी सदस्य यहां पर ढोलक बनाने में जुटे रहते हैं। आर्थिक हालत कमजोर होने की वजह से बच्चे पढ़ाई भी नहीं कर सके। नीलो का कहना है कि यही झुग्गी उनका सब कुछ है। खुदा को जो मंजूर होता है वही होता है। सालों से यहां रह रहे हैं और नाला भी ऐसा ही है, लेकिन हादसा अब होना था तो हो गया ।