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जौहर यूनिवर्सिटी की चाहरदीवारी पर चली जेसीबी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 21 Feb 2020 12:54 AM IST
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boundry of jauhar university demolish
रामपुर। जौहर यूनिवर्सिटी के कैंपस के अंदर चकरोड की जमीन होने के मामले में जिला प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की चहारदीवारी पर तीन जगह जेसीबी चलाकर रास्ता बनवा दिया है। प्रशासन ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन को अवगत करा दिया है कि तीन भवन भी चकरोड की जमीन पर आ रही हैं, इनको तीन दिन के अंदर हटवा लें। अन्यथा प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करेगा।मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की विनिमय के आधार पर चकरोड की जमीन ली थी। इसके लिए 24 जुलाई 2012 को एसडीएम टांडा के समक्ष वाद दायर किया गया था। एसडीएम टांडा ने 13 सितंबर 2012 को सामुदायिक उपयोग की लगभग 17 बीघा भूमि के विनिमय की अनुमति देकर उसे ट्रस्ट को दे दिया था। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद 20 सितंबर 2017 को भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी। मुख्यमंत्री द्वारा मामले में संज्ञान लिए जाने के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने राजस्व बोर्ड परिषद, प्रयागराज में चार वाद दायर कराए थे। तीन अगस्त 2018 को राजस्व बोर्ड परिषद द्वारा वाद चलाने की अनुमति प्रदान की गई थी। 20 अगस्त 2018 को राजस्व बोर्ड परिषद के इस आदेश के विरुद्ध आजम खां ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका दायर की। 26 अगस्त 2018 को उच्च न्यायालय ने राजस्व बोर्ड परिषद के फैसले को सही ठहराया और याचिका खारिज कर दी। 23 जनवरी 2019 को राजस्व बोर्ड ने अपने फैसले में मुरादाबाद कमिश्नर को इस वाद को चार हफ्ते में निस्तारित करने का आदेश दिया। कमिश्नर की कोर्ट ने दो सितंबर 2019 को एसडीएम टांडा द्वारा जौहर ट्रस्ट को दी गई सरकारी चकरोड के जमीन के आदेश को निरस्त कर दिया था। इसके बाद एसडीएम सदर ने जौहर ट्रस्ट को चकरोड़ की जमीन खाली करने का नोटिस दिया था, जिस पर ट्रस्ट की ओर से राजस्व परिषद में द्वितीय अपील दायर की गई थी। राजस्व परिषद की सदस्य भावना श्रीवास्तव ने द्वितीय अपील को खारिज कर दिया है। राजस्व परिषद में द्वितीय अपील खारिज होने के बाद जिला प्रशासन ने जमीन पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन को एक फरवरी को नोटिस जारी कर चकरोड की जमीन पर बनाए गए निर्माण को अवैध बताते हुए इसे हटा लेने को कहा था। निर्माण नहीं हटाए जाने के बाद गुरुवार को एसडीएम सदर पीपी तिवारी के नेतृत्व में पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने बुल्डोजर की मदद से तीन जगह पर यूनिवर्सिटी की दीवार तोड़ कर रास्ता बनवा दिया है। साथ ही यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को निर्देश दिया है कि तीन दिन के अंदर चकरो़ड की जमीन से निर्माण हटवा लें।
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