Shwetabh Murder Case: कुशांक की हत्या करवाने वाले BJP नेता ललित ने ही श्वेताभ को मरवाया, दोनों की दी थी सुपारी
सीए श्वेताभ तिवारी की दिल्ली रोड पर 15 फरवरी की रात गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के समय वह अपने दफ्तर के बाहर फोन पर बात कर रहे थे।
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कुशांक गुप्ता हत्याकांड की साजिश रचने वाले भाजपा नेता ललित कौशिक ने ही सीए श्वेताभ तिवारी की हत्या कराई थी। पुलिस ने भाजपा नेता के करीबी शूटर केशव सरन शर्मा और प्रॉपर्टी डीलर विकास शर्मा को गिरफ्तार कर सीए हत्याकांड का भी खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि ललित ने श्वेताभ तिवारी की करोड़ों की संपत्ति हथियाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिलाया गया था।
एसएसपी हेमराज मीना ने शुक्रवार शाम सीए हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के साईं गार्डन निवासी सीए श्वेताभ तिवारी की दिल्ली रोड पर 15 फरवरी की रात गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के समय वह अपने दफ्तर के बाहर फोन पर बात कर रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार हमलावर आए और गोलियां बरसा कर भाग निकले थे। इसके बाद से पुलिस टीमें सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही थी। जिसके जरिए पता चला कि सीए हत्याकांड और चौदह माह पहले हुए कुशांक गुप्ता हत्याकांड को एक ही शूटर ने अंजाम दिया था। दोनों घटनाओं की फुटेज में शूटर की तस्वीरें लगभग एक जैसी थीं।
सोमवार को पुलिस ने हरथला निवासी खुशवंत सिंह उर्फ भीम को गिरफ्तार कुशांक गुप्ता हत्याकांड का खुलासा कर दिया था। इसके बाद से पुलिस शूटर की तलाश में जुटी थी। पुलिस ने फुटेज और कॉल डिटेल के जरिए शूटर की पहचान केशव सरन शर्मा के रूप में की। केशव पाकबड़ा के गिंदौड़ा गांव निवासी है। पुलिस ने केशव और कोतवाली के रेती स्ट्रीट निवासी प्रॉपर्टी डीलर विकास को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ललित कौशिक के करीबी हैं।
केशव ने बताया कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक मेरे दूर के रिश्तेदार होने के साथ ही अच्छे मित्र हैं। मैंने ही कुशांक गुप्ता की गोली मारकर हत्या की थी। ये मामला शांत होने के बाद ललित कौशिक ने विकास शर्मा के साथ मिलकर सीए श्वेताभ तिवारी की हत्या की साजिश रची थी। आरोपी ने बताया कि श्वेताभ तिवारी ने अपनी पत्नी और साले संदीप ओझा के नाम करोड़ों की संपत्ति खरीद रखी थी। विकास शर्मा और संदीप ओझा के बीच दोस्ती थी। विकास शर्मा लवीना रेस्टोटरेंट में अक्सर बैठता था। आरोपियों की योजना थी कि श्वेताभ तिवारी की हत्या के बाद उसकी संपत्ति को संदीप ओझा से अपने दामों में खरीदेंगे। अगर नहीं बचेगा तो कब्जा कर लेंगे।
योजना के मुताबिक, घटना वाले रात केशव सरन शर्मा, खुशवंत सिंह उर्फ भीम के साथ यामाहा बाइक से दिल्ली रोड स्थित बंसल कॉम्पलेक्स के पास पहुंचे। जैसे ही श्वेताभ तिवारी फोन पर बात करते हुए कार से बाहर निकले। इसी दौरान केशव बाइक से उतारा और अपने पिट्ठू बैग से पिस्टल निकाली और ताबड़तोड़ आठ गोलियां चलाईं। श्वेताभ तिवारी जमीन पर गिरे तो केशव ने बैग से दूसरा 315 बोर का तमंचा निकाला और पीछे से से सिर में एक और गोली मारी थी। इसके बाद बाइक पर बैठक कर फरार हो गए थे। एसएसपी ने बताया कि इस हत्याकांड में ललित कौशिक, खुशवंत सिंह, विकास शर्मा और केशव शामिल रहे हैं। ललित कौशिक और खुश्वंत को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की जाएगी।
ललित कौशिक ने बड़ी रकम देने का किया था वादा
एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि ललित ने कुशांक गुप्ता और सीए श्वेताभ तिवारी की हत्या सुपारी देकर कराई थी लेकिन दोनों ही मामलों में उसने कभी इकट्ठा रकम नहीं दी। हालांकि जब भी खुशवंत और केशव को पैसों की जरूरत होती थी वो ललित से ले जाते थे। सीए की हत्या के बाद बड़ी रकम देने के लिए ललित ने बोला था। हालांकि रकम कितनी होगी। इसके लिए कुछ नहीं बताया था।