अलविदा 2023: मुरादाबाद मंडल निकाय चुनाव में भाजपा का रहा दबदबा, पहली बार जीत कर आप ने चौंकाया, सपा लड़खड़ाई
Year Ender 2023: मुरादाबाद मंडल के पांच जिलों में नगर निकाय की कुल 57 सीटें हैं। इनमें से वर्ष 2023 में 17 पर भाजपा को जीत मिली थी। आम आदमी पार्टी ने पांच निकायों में जीत का परचम लहराकर सभी चौंका दिया।
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मुरादाबाद नगर निकाय चुनाव में इस बार भाजपा का दबदबा देखने को मिला। मंडल के 57 निकायों में से 17 पर भाजपा प्रत्याशियों को जीत मिली थी। सपा ने 11 सीटें हासिल की। वहीं आम आदमी पार्टी ने मंडल के पांच निकायों में जीत का परचम लहराकर सभी चौंका दिया। जबकि बसपा तीन और कांग्रेस को दो सीटों पर ही जीत मिली।
मुरादाबाद मंडल के पांच जिलों में नगर निकाय की कुल 57 सीटें हैं। इसमें एक नगर निगम है। बाकी नगर पालिका और नगर पंचायतें हैं। इस साल मई में चुनाव हुए थे। सभी प्रमुख दलों ने नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष पदों पर अपने-अपने उम्मीदवार उतारे थे। इसके अलावा पार्षद और सभासद पदों पर भी प्रत्याशियों को उतराया गया।
13 मई को हुई मतगणना के बाद परिणाम जारी हुए तो मंडल में सबसे ज्यादा 17 निकायों में भाजपा उम्मीदवारों को जीत मिली। इसमें मुरादाबाद नगर निगम भी शामिल रहा। मंडल में सपा दूसरे नंबर पर रही। सपा को 11 निकायों में जीत हासिल हुई। अगर निर्दलीय उम्मीदवारों को छोड़ दिया जाए तो आम आदमी पार्टी तीसरे स्थान पर रही।
मंडल में आप ने पांच निकायों में जीत दर्ज की। इसमें रामपुर नगर पालिका भी शामिल है। इसके अलावा बसपा को तीन, रालोद को चार और कांग्रेस और एआईएमआईएम को दो-दो सीटें मिलीं।
कांग्रेस को संजीवनी दे गया निकाय चुनाव
निकाय चुनाव कांग्रेस को संजीवनी दे गया। भले ही मेयर पद पर भाजपा के विनोद अग्रवाल 121475 मत पाकर विजयी रहे। लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी रिजवान कुरैशी ने उन्हें कड़ी टक्कर दी थी। रिजवान कुरैशी को 117832 मत मिले थे। जीत का अंतर सिर्फ 3643 मत रहे। इसके अलावा कांग्रेस के 22 पार्षद भी चुनाव जीते।
वहीं वर्ष 2017 के नगर निगम चुनाव में विनोद अग्रवाल को 94677 वोट मिले थे, जबकि रिजवान कुरैशी को 73042 मत हासिल हुए थे। तब जीत का अंतर 21635 मत था। वर्ष 2017 में हुए चुनाव में कांग्रेस के कुल 10 उम्मीदवार पार्षद चुने गए थे।
मंडल के निकायों में किसको कितनी सीटें मिली
- मुरादाबाद जिले के 11 निकायों से तीन पर भाजपा और दो पर सपा विजयी रही। कांग्रेस, आप, बसपा, एआईएमआईएम के खाते में एक-एक सीट आई।
- रामपुर जिले के 11 निकायों में से भाजपा गठबंधन और सपा को तीन-तीन, आप को दो और निर्दलीयों को तीन सीटें मिलींं।
- अमरोहा जिले के नौ निकायों में तीन पर भाजपा, दो-दो पर सपा, बसपा, एक-एक सीट पर रालोद और आप ने जीत दर्ज की।
- संभल जिले के आठ निकायों में से पांच सीटों पर भाजपा जीती, जबकि सपा, एआईएमआईएम और निर्दलीय उम्मीदवार को एक-एक सीटें मिलीं।
- बिजनौर जिले के 18 नगर निकायों में भाजपा और सपा को तीन-तीन, रालोद को दो, आरजेडी, आप, कांग्रेस के खाते में एक-एक सीट आई हैं। सात सीटों पर निर्दलीय विजयी रहे।
मुस्लिम चेहरों के सहारे पहली बार दो नगर पंचायतों में भाजपा ने लहराया परचम
इस साल हुए नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने मुस्लिम प्रत्याशियों पर दांव लगाया था। पार्टी का ये प्रयोग सफल रहा। भाजपा ने मुरादाबाद की नगर पंचायत भोजपुर और संभल की सिरसी में पहली बार जीत दर्ज की। हालांकि भाजपा ने मंडल की 16 नगर निकायों में अध्यक्ष पद के लिए मुस्लिम प्रत्याशियों पर दांव लगाया था।
नगर निकाय चुनाव में टिकट बंटवारे में भाजपा ने स्थानीय जाति समीकरण को साधने की पूरी कोशिश की थी। यही वजह थी कि पार्टी ने मुस्लिम प्रत्याशियों को भी तरजीह दी। नगर पंचायत की 13 सीटों पर भाजपा ने मुस्लिम चेहरों पर दांव लगाया। ऐसे ही नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए भी तीन मुस्लिमों को उम्मीदवार बनाया था।
इसके अलावा नगर निगम मुरादाबाद के 70 वार्डों में से 14 में पार्टी ने पार्षद पद पर मुस्लिमों को ही अपना प्रत्याशी बनाया। मुरादाबाद की नगर पंचायत भोजपुर से भाजपा प्रत्याशी फरखंदा जबीं विजयी रहीं। वहीं संभल की नगर पंचायत सिरसी से कौसर अब्बास ने भाजपा को जीत दिलाई। दोनों नगर पंचायतों में भाजपा को पहली बार जीत मिली।
निकाय चुनाव में मंडल में दलों की स्थिति
जिला भाजपा सपा बसपा कांग्रेस आप एआईएमआईएम
मुरादाबाद 3 2 1 1 1 1
रामपुर 3 3 0 0 2 0
संभल 5 1 0 0 0 1
अमरोहा 3 2 2 0 1 0
बिजनौर 3 3 0 1 1 0
मेयर पद पर विनोद की हैट्रिक
इस साल मई में हुए नगर निगम चुनाव में मेयर पद पर भाजपा प्रत्याशी विनोद अग्रवाल ने जीत की हैट्रिक लगाई। कांग्रेस प्रत्याशी रिजवान कुरैशी को 3589 वोटों से हराकर विनोद अग्रवाल लगातार तीसरी बार मेयर बने। 13 मई की सुबह मंडी समिति में जब मतगणना शुरू हुई तो सबकी नजर मेयर पर रही।
मतदान के दौरान भाजपा और कांग्रेस के बीच देखने को मिली सीधी टक्कर मतगणना में साफ दिखी थी। पहले चरण से आखिरी चरण तक भाजपा प्रत्याशी विनोद अग्रवाल की लड़ाई कांग्रेस उम्मीदवार रिजवान कुरैशी से ही रही। विनोद अग्रवाल को कुल 121415 वोट मिले, जबकि दूसरे नंबर रहे कांग्रेस प्रत्याशी रिजवान कुरैशी को 117826 मत मिले।
3589 मतों से चुनाव जीतने वाले विनोद अग्रवाल को लगातार तीसरी बार मेयर बनने का गौरव हासिल हुआ। इससे पहले विनोद अग्रवाल 2016 में उपचुनाव और 2017 में मेयर का चुनाव लड़ा था। दोनों चुनावों में जीत का सेहरा विनोद के सिर बंधा था।