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तस्करी की शराब छिपाने को लॉकडाउन में तैयार कराया था तहखाना
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मुरादाबाद ग्राम राजपुर केसरिया थाना डिलारी ठाकुरद्वारा में घटनास्थल का निरीक्षण करते डीएम शैल?
- फोटो : CITY
मुरादाबाद। शराब की तस्करी करने वाले राजेंद्र ने दो साल पहले गांव के बाहर पांच दुकानें बनवाई थीं। दुकान के पीछे चहारदीवारी कराके घेर बनवाया था। पिछले साल कोरोना की पहली लहर में लॉकडाउन के दौरान तहखाना तैयार कराया था। जहां वह अवैध रूप से लाई गई शराब की पेटियों को छिपाता था।
तहखाने में ही बने बाथरूम से बीस गज के तहखाने में जाने का रास्ता बनाया था। इस खुफिया रास्ते के बारे में हर किसी को जानकारी नहीं थी, जबकि 18 गज में बने दूसरे तहखाने को दीवार उठाकर दो हिस्सों में बांटा गया था।
राजेंद्र ने जटपुरा-डिलारी मार्ग पर अपने खाली प्लॉट में पांच दुकानों का निर्माण कराया था। दुकान के पीछे एक हिस्से में दो कमरे भी बनवाए थे। जहां वह रहने भी लगा था। राजेंद्र शराब की तस्करी में जेल जा चुका था।
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अवैध रूप से रखी शराब पहले भी राजेंद्र के इसी प्लॉट से पकड़ी गई थी। इसके बाद भी वह इस धंधे में लगा रहा। पिछले साल लॉकडाउन के दौरान राजेंद्र ने दुकान के पीछे दूसरे हिस्से में टीनशेड डालकर बाद में शराब छिपाने के लिए दो तहखानों का निर्माण कराया था। एक तहखाना 18 गज का है, इसमें दो हिस्से हैं। इस तहखाने के ऊपर दो अलग-अलग मैनहोल बने हैं, जबकि इससे सटा 20 गज का दूसरा तहखाना भी है। इस तहखाने के ऊपर दो स्नानघर और दो शौचालय बने हैं।
एक स्नानघर से ही इस बीस गज के तहखाने में जाने का रास्ता था। इस खुफिया रास्ते के बारे में परिवार के सदस्य ही जानते थे। इसी तहखाने में ही शराब की पेटियां रखी जाती थी। जहां से पुलिस ने 74 पेटी अवैध शराब बरामद की है। सभी 888 बोतलें एक ही ब्रांड की हैं।
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तहखाने में ही बने बाथरूम से बीस गज के तहखाने में जाने का रास्ता बनाया था। इस खुफिया रास्ते के बारे में हर किसी को जानकारी नहीं थी, जबकि 18 गज में बने दूसरे तहखाने को दीवार उठाकर दो हिस्सों में बांटा गया था।
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राजेंद्र ने जटपुरा-डिलारी मार्ग पर अपने खाली प्लॉट में पांच दुकानों का निर्माण कराया था। दुकान के पीछे एक हिस्से में दो कमरे भी बनवाए थे। जहां वह रहने भी लगा था। राजेंद्र शराब की तस्करी में जेल जा चुका था।
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अवैध रूप से रखी शराब पहले भी राजेंद्र के इसी प्लॉट से पकड़ी गई थी। इसके बाद भी वह इस धंधे में लगा रहा। पिछले साल लॉकडाउन के दौरान राजेंद्र ने दुकान के पीछे दूसरे हिस्से में टीनशेड डालकर बाद में शराब छिपाने के लिए दो तहखानों का निर्माण कराया था। एक तहखाना 18 गज का है, इसमें दो हिस्से हैं। इस तहखाने के ऊपर दो अलग-अलग मैनहोल बने हैं, जबकि इससे सटा 20 गज का दूसरा तहखाना भी है। इस तहखाने के ऊपर दो स्नानघर और दो शौचालय बने हैं।
एक स्नानघर से ही इस बीस गज के तहखाने में जाने का रास्ता था। इस खुफिया रास्ते के बारे में परिवार के सदस्य ही जानते थे। इसी तहखाने में ही शराब की पेटियां रखी जाती थी। जहां से पुलिस ने 74 पेटी अवैध शराब बरामद की है। सभी 888 बोतलें एक ही ब्रांड की हैं।