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सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष की जमानत मंजूर
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मुरादाबाद। सपा के निवर्तमान महानगर अध्यक्ष की जमानत अर्जी मजिस्ट्रेट कोर्ट से स्वीकार कर ली गई है। जिनको 25-25 हजार रुपये की जमानत पर रिहा करने के आदेश पारित किए गए हैं।
मुगलपुरा क्षेत्र में रविवार की देर शाम सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष शाने अली उर्फ शानू के नेतृत्व में सपाइयों ने मशाल जुलूस निकाला गया था। पुलिस का दावा था कि बिना अनुमति के जुलूस निकाला गया। लोगों की भावनाओं को भड़काने का काम किया गया था। जब जुलूस को रोकने के लिए शाने अली से कहा गया तो विवाद हुआ। जिसमें सपाइयों द्वारा अभद्र व्यवहार भी किया गया। प्रधानमंत्री का अपमान किया गया था। इस मामले में फैजगंज चौकी इंचार्ज ने मुगलपुरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने शाने अली को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें जेल भेजा था। मंगलवार को इस मुकदमे की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में की गई। आरोपी के अधिवक्ता आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि अदालत ने शाने अली शानू का आपराधिक इतिहास थाने से तलब किया था, जिसमें किसी प्रकार का कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया। अदालत ने बहस सुनने के बाद आरोपी को 25-25 हजार रुपये के दो जमानत नामे दाखिल करने एवं इतनी ही राशि का निजी मुचलका दाखिल करने पर रिहा करने के आदेश पारित किए हैं।।
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मुगलपुरा क्षेत्र में रविवार की देर शाम सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष शाने अली उर्फ शानू के नेतृत्व में सपाइयों ने मशाल जुलूस निकाला गया था। पुलिस का दावा था कि बिना अनुमति के जुलूस निकाला गया। लोगों की भावनाओं को भड़काने का काम किया गया था। जब जुलूस को रोकने के लिए शाने अली से कहा गया तो विवाद हुआ। जिसमें सपाइयों द्वारा अभद्र व्यवहार भी किया गया। प्रधानमंत्री का अपमान किया गया था। इस मामले में फैजगंज चौकी इंचार्ज ने मुगलपुरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने शाने अली को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें जेल भेजा था। मंगलवार को इस मुकदमे की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में की गई। आरोपी के अधिवक्ता आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि अदालत ने शाने अली शानू का आपराधिक इतिहास थाने से तलब किया था, जिसमें किसी प्रकार का कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया। अदालत ने बहस सुनने के बाद आरोपी को 25-25 हजार रुपये के दो जमानत नामे दाखिल करने एवं इतनी ही राशि का निजी मुचलका दाखिल करने पर रिहा करने के आदेश पारित किए हैं।।
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