{"_id":"623cca3f003a2d2e626d9154","slug":"bail-of-siecentist-officer-rejected-city-news-mbd422532981","type":"story","status":"publish","title_hn":"विदेश व्यापार महानिदेशालय के वैज्ञानिक अधिकारी की जमानत अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विदेश व्यापार महानिदेशालय के वैज्ञानिक अधिकारी की जमानत अर्जी खारिज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। विदेश व्यापार महानिदेशालय में तैनात वैज्ञानिक अधिकारी की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है। नागफनी थाने की पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था।
नागफनी थानाक्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने 25 दिसंबर 2013 को विदेश व्यापार महानिदेशालय में तैनात वैज्ञानिक अधिकारी सुहैल फसीत के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जिसमें महिला ने घर में घुस कर उसके साथ छेड़खानी करने और मारपीट करने का आरोप लगाया था। गैर जमानती वारंट के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट खुशबू चंद्रा की अदालत में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए बुधवार की तारीख नियत की थी, लेकिन बुधवार को वकीलों की हड़ताल के कारण सुनवाई नहीं हो पाई थी। जिसे गुरुवार को पुन: सुनवाई के लिए पेश किया गया।
आरोपी के अधिवक्ता सुधीर गुप्ता ने बताया कि सुहैल फसीत के ऊपर लगाए गए सभी आरोप झूठे व मनगढ़ंत तथ्यों पर आधारित हैं। सुहैल फसीत एक सामाजिक व प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। जिनको क्षेत्र की रंजिश के चलते हुए फंसाया गया है। वहीं पीड़िता के अधिवक्ता जिया नकवी ने अदालत को बताया कि सुहैल फसीत के ऊपर फैजाबाद की अदालत में भी छेड़खानी और एससी-एसटी एक्ट के मुकदमा विचाराधीन है। मुरादाबाद की अदालतों में भी अन्य मुकदमे लंबित हैं। जिसके कागजात भी अदालत में पेश किए गए। न्यायिक मजिस्ट्रेट खुशबू चंद्रा ने पत्रावली का अवलोकन करने के बाद जमानत का आधार पर्याप्त न मानते हुए सुहैल फसीत की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
नागफनी थानाक्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने 25 दिसंबर 2013 को विदेश व्यापार महानिदेशालय में तैनात वैज्ञानिक अधिकारी सुहैल फसीत के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जिसमें महिला ने घर में घुस कर उसके साथ छेड़खानी करने और मारपीट करने का आरोप लगाया था। गैर जमानती वारंट के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट खुशबू चंद्रा की अदालत में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए बुधवार की तारीख नियत की थी, लेकिन बुधवार को वकीलों की हड़ताल के कारण सुनवाई नहीं हो पाई थी। जिसे गुरुवार को पुन: सुनवाई के लिए पेश किया गया।
विज्ञापन
आरोपी के अधिवक्ता सुधीर गुप्ता ने बताया कि सुहैल फसीत के ऊपर लगाए गए सभी आरोप झूठे व मनगढ़ंत तथ्यों पर आधारित हैं। सुहैल फसीत एक सामाजिक व प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। जिनको क्षेत्र की रंजिश के चलते हुए फंसाया गया है। वहीं पीड़िता के अधिवक्ता जिया नकवी ने अदालत को बताया कि सुहैल फसीत के ऊपर फैजाबाद की अदालत में भी छेड़खानी और एससी-एसटी एक्ट के मुकदमा विचाराधीन है। मुरादाबाद की अदालतों में भी अन्य मुकदमे लंबित हैं। जिसके कागजात भी अदालत में पेश किए गए। न्यायिक मजिस्ट्रेट खुशबू चंद्रा ने पत्रावली का अवलोकन करने के बाद जमानत का आधार पर्याप्त न मानते हुए सुहैल फसीत की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। संवाद
विज्ञापन