मुरादाबाद में बागेश्वर बाबा: मंच पर पहुंचते ही पंडाल जयघोष से गूंजा, चौपाई पढ़ी तो हजारों की भीड़ हो गई खड़ी
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मुरादाबाद में चार दिवसीय हनुमंत कथा में भाग लेने पहुंचे हैं। कथा को सुनने के लिए हजारों की भीड़ मौके पर पहुंच रही है। इसके अलावा बागेश्वर बाबा से मिलने के लिए लोग लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनकी झलक पाने के लिए महिलाओं को होड़ लगी हुई है।
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हमेशा स्थान और संगत का बहुत महत्व होता है। यदि संसार में रमकर रहोगे तो जीते जी नर्क में रहोगे। भगवान हनुमान के होके रहोगे तो परम सुख की प्राप्ति होगी। हनुमान जी की शरण में रहोगे तो संकटों की मजाल नहीं जो तुम्हारा बाल भी बांका कर पाए। ये बातें बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहीं। वह नया मुरादाबाद स्थित लोहिया एस्टेट में श्री राम बालाजी धाम बाबा नीब करौरी आश्रम ट्रस्ट और लोहिया मानव कल्याण ट्रस्ट की ओर से आयोजित चार दिवसीय श्री हनुमंत कथा एवं दिव्य दरबार के शुभारंभ के अवसर पर बोल रहे थे।
भव्य पंडाल, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़, चौपाई और भजनों की धुनों के बीच में जयकारों की गूंज, भक्तिभाव में झूमते हुए श्रद्धालु और सभी के होठों पर बस एक ही नाम जय हनुमान बालाजी महाराज, कुछ ऐसा ही नजारा था कथा स्थल का। हनुमान ग्रंथ और हनुमान जी की पूजा, हर-हर महादेव के जयकारे, सिया राम मैं सब जग जानी चौपाई, श्री राम जय राम जय-जय राम के जयकारे से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कथा का शुभारंभ किया। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने हनुमान जी की आरती की।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मुख्य यजमान विनीत कुमार गुप्ता लोहिया, विभोर कुमार गुप्ता लोहिया, विपिन कुमार गुप्ता लोहिया, विनय कुमार गुप्ता लोहिया, ट्रस्ट के अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा आदि को पीला पटका पहनाया। उन्होंने कहा कि हम यह सोच रहे थे कि हनुमंत कथा का प्रवचन किस चौपाई से शुरू करेंगे तो मन में आया कि सब सुख लहैं तुम्हारी सरना तुम रक्षक काहूं को डरना चौपाई पर तीन दिन तक कथा कहेंगे।
हनुमान जी साक्षी हैं, जब यहां आए और यह चौपाई पढ़ी तो लगा कि हनुमान जी हमारे मनोभावों पर संकेत करके चले गए हैं। उन्होंने कहा कि जहां बरसात नहीं होती वहां फसलें खराब हो जाती हैं और जहां भक्ति नहीं होती तो वहां नस्लें खराब हो जाती हैं। इसलिए मुरादाबाद वासियों के लिए विशेष है कि यहां की नस्लें रामभक्त होंगी तो पूरे विश्व में रामनाम की पताका फहराती रहेगी।
अब आप कहोगे कि सनातन की चर्चा करने पर डर लगता है, टीका लगाने पर डर लगता है तो तुम डरो मत। उन्होंने कहा कि नगरी पीतल की होनी चाहिए। दिल पीतल के नहीं होने चाहिए। वरना खतरा हो जाएगा। इसलिए हनुमान की कथा कान से सुनने का विषय नहीं है, बल्कि ध्यान से सुनने का विषय है।
उन्होंने कहा कि पंडाल में यदि कोई प्रत्यक्ष देवता हैं तो वह हनुमान जी हैं। वह सप्तचिरंजीवियों में से एक हैं। माता जानकी ने आशीर्वाद दिया था कि हे हनुमान तुम अजर हो जाओ और अमर हो जाओ। इसलिए यह अजर और अमर हैं। न मरते हैं और न मारते हैं हनुमान जी भक्तों को तारते हैं।
कहा, श्रद्धालु साथ लाएं हनुमान चालीसा
उन्होंने कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए सभी को प्रतिबद्ध होना पड़ेगा, तभी हिंदू राष्ट्र बन पाएगा। उन्होंने पंडाल में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को आमंत्रित करते हुए कहा कि मंगलवार को कथा के बाद सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। इसलिए सभी श्रद्धालु अपने साथ हनुमान चालीसा लेकर आएं। इसके बाद हिंदू राष्ट्र बनाने में सभी अपना सहयोग देंगे।
इन भजनों पर झूमे श्रद्धालु
तेरी अजब निराली शान, बागेश्वर बालाजी, लाल वीर लाली लसे, सियाराम मैं सब जग जानीं, श्रीराम जय राम जय-जय राम, मेरा महावीर बजरंगी जमाने से निराला है, वो तेरा है वो मेरा है, वही अंजनी का लाला है, तुम्हीं मेरी नैया आदि भजनों पर श्रद्धालु झूमे।
दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
वैसे तो धीरेंद्र शास्त्री के कथा का डंका पूरे देश में बजता है। इनके चाहने वाले भी लाखों की संख्या में है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार को कथा स्थल पर कानपुर, शाहजहांपुर, रामपुर, दिल्ली, बिहार से हजारों की संख्या में भक्त पहुंचे थे।
ये लोग परिवार के साथ कथा सुनने और अर्जी लगने की आस में पहुंचे हैं। कथा स्थल पर भक्तों के जयकारे से खाली नजर नहीं आया। कुछ लोग एक दिन पहले से यहां आकर सोए हुए है। उनको विश्वास है कि धीरेंद्र शास्त्री दिव्य दरबार में उनके नाम की अर्जी जरूर लगाएंगे।
ग्रुप बनाकर महिलाओं ने पढ़ी हनुमान चालीसा
लोहिया एस्टेट कथा स्थल पर सोमवार से शुरू हुई श्री हनुमंत कथा के पहले दिन दोपहर 1:30 बजे ही पंडाल श्रद्धालुओं से भर गया। महिलाएं जगह-जगह ग्रुप बनाकर हनुमान चालीसा गा रहीं थीं। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को देखने के लिए श्रद्धालु काफी उत्सुक नजर आए।