अनुज चौधरी हत्याकांड: शूटरों को फ्लैट दिलाने वाला इनामी गिरफ्तार, मुरादाबाद में भाजपा नेता को मारी थी गोली
भाजपा नेता अनुज चौधरी की हत्या के शूटरों को फ्लैट किराये पर दिलाने वाले 50 हजार के इनामी बदमाश पंकज हुड्डा को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इस मामले में अब तक 13 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। अनुज चौधरी की हत्या 10 अगस्त 2023 को पार्श्वनाथ प्रतिभा सोसायटी में गोली मारकर की गई थी।
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तकरीबन 14 माह पहले भाजपा नेता अनुज चौधरी की हत्या करने वाले शूटरों को नया मुरादाबाद स्थित पार्श्वनाथ प्रतिभा सोसायटी में फ्लैट किराये पर दिलाने वाले 50 हजार के इनामी बदमाश पंकज हुड्डा उर्फ अजय हुड्डा उर्फ पंकज चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में अब तक 13 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।
संभल जनपद के एचोड़ा कम्बोह थाना क्षेत्र के गांव अलिया नेकपुर निवासी भाजपा नेता अनुज चौधरी मझोला क्षेत्र के नया मुरादाबाद स्थित पार्श्वनाथ प्रतिभा सोसायटी में रहते थे। 10 अगस्त 2023 की शाम करीब छह बजे वह अपने दोस्त पुनीत चौधरी के साथ सोसायटी में टहल रहे थे।
इसी दौरान बाइक सवार शूटर आए और गोली मारकर अनुज चौधरी की हत्या कर भाग गए थे। 16 अगस्त को पुलिस ने असमोली ब्लॉक प्रमुख संतोष देवी के बेटे अनिकेत और उसके साथी रेलवे में कार्यरत बाबू नीरज पाल को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया था।
पुलिस ने दावा किया था कि असमोली ब्लॉक प्रमुख के चुनाव की रंजिश में सुपारी देकर हत्या कराई गई थी। कुछ दिन बाद पुलिस ने शूटर सूर्यकांत शर्मा, आकाश और सुशील शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इनके अलावा इस हत्याकांड की साजिश रचने में मूंढापांडे के पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक, मोहित चौधरी, अमित चौधरी समेत सात और आरोपियों को जेल भेजा गया। जांच पड़ताल में सामने आया था कि तीनों शूटर सोसायटी में रहकर अनुज चौधरी की रेकी कर रहे थे।
उन्हें अमरोहा के रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव कोटा निवासी पंकज हुड्डा उर्फ अजय हुड्डा उर्फ पंकज चौधरी ने फ्लैट किराये पर दिलाया था। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई थी। डीआईजी मुनिराज जी ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। एसएसपी अजय अंतिल ने बताया कि फरार आरोपी अजय हुड्डा उर्फ पंकज हुड्डा को गिरफ्तार किया गया है।
ब्लॉक प्रमुख पद बचाने के लिए रची गई थी हत्या की साजिश
भाजपा नेता अनुज चौधरी बीडीसी सदस्य थे। वह संभल जनपद के असमोली ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़े थे, लेकिन चुनाव हार गए थे। प्रभाकर सिंह की पत्नी चुनाव जीत गईं थीं। इसके बाद से अनुज और प्रभाकर के बीच विवाद चल रहा था। अनुज चौधरी फिर से अविश्वास प्रस्ताव लाकर इस सीट पर दोबारा चुनाव कराना चाहते थे।
पुलिस ने दावा किया था कि दोबारा चुनाव हुआ तो अनुज चौधरी ब्लॉक प्रमुख बन सकते थे। इसी रंजिश में प्रभाकर और उसके बेटे अनिकेत ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिलाने के लिए 30 लाख रुपये की सुपारी दी थी।