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आजम समर्थकों की सपा से नाराजगी के बीच विपक्षी भी तलाश रहे गुंजाइश -00
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रामपुर। जेल में बंद आजम खां के प्रति सपा मुखिया अखिलेश यादव के रुख लेकर आजम समर्थकों और कुछ सपाइयों के बीच समय-समय पर असंतुष्टि भरे भाव देखने को मिले थे। इन स्थितियों के बीच विपक्षी दलों की ओर से सियासी गुंजाइश तलाशने की गतिविधियां भी देखने को मिली थीं।
रामपुर ही नहीं, यूपी की सियासत का मजबूत चेहरा माने जाने वाले आजम खां के जेल में रहते अखिलेश यादव की ओर से मुलाकात की पहल न होना आजम समर्थकों को लंबे समय से अखरता रहा। विधानसभा चुनाव के बाद जेल से उनकी जीत के बाद उन्हें विधानसभा में नेता विपक्षी दल बनाए जाने का अनुमान लगाए समर्थक ऐसा कोई फैसला न आने पर निराश हुए थे। इन बिंदुओं पर आजम समर्थकों की अलग-अलग समय पर प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं।
इस माहौल को भांपते हुए दूसरे दलों की ओर से आजम खां और उनके परिवार से नजदीकी बढ़ाने के उदाहरण भी देखने को मिले थे। 20 अप्रैल को रालोद नेता जयंत चौधरी आजम खां के घर पहुंचे और उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम व अन्य परिजनों से मुलाकात की थी। इसके बाद 28 अप्रैल को कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम भी आजम खां के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। इससे प्रमोद कृष्णम ने सीतापुर जेल जाकर भी आजम खां से भी मुलाकात की थी।
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अप्रैल माह में आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू की एक वीडियो वायरल हुई थी, जिसमें उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर आजम खां के जेल से रिहा होने को लेकर प्रभावी पैरवी न करने का आरोप लगाते हुए दर्द बयां किया था। इसके बाद स्थानीय स्तर पर कुछ समर्थकों ने भी नाराजगी जाहिर की। इस बीच सुगबुगाहट ने जोर पकड़ लिया कि आजम खां भी सपा से असंतुष्ट हैं। हालांकि आजम या उनके परिवार ने इस मामले में कभी कोई सीधा बयान नहीं दिया।
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रामपुर ही नहीं, यूपी की सियासत का मजबूत चेहरा माने जाने वाले आजम खां के जेल में रहते अखिलेश यादव की ओर से मुलाकात की पहल न होना आजम समर्थकों को लंबे समय से अखरता रहा। विधानसभा चुनाव के बाद जेल से उनकी जीत के बाद उन्हें विधानसभा में नेता विपक्षी दल बनाए जाने का अनुमान लगाए समर्थक ऐसा कोई फैसला न आने पर निराश हुए थे। इन बिंदुओं पर आजम समर्थकों की अलग-अलग समय पर प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं।
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इस माहौल को भांपते हुए दूसरे दलों की ओर से आजम खां और उनके परिवार से नजदीकी बढ़ाने के उदाहरण भी देखने को मिले थे। 20 अप्रैल को रालोद नेता जयंत चौधरी आजम खां के घर पहुंचे और उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम व अन्य परिजनों से मुलाकात की थी। इसके बाद 28 अप्रैल को कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम भी आजम खां के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। इससे प्रमोद कृष्णम ने सीतापुर जेल जाकर भी आजम खां से भी मुलाकात की थी।
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अप्रैल माह में आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू की एक वीडियो वायरल हुई थी, जिसमें उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर आजम खां के जेल से रिहा होने को लेकर प्रभावी पैरवी न करने का आरोप लगाते हुए दर्द बयां किया था। इसके बाद स्थानीय स्तर पर कुछ समर्थकों ने भी नाराजगी जाहिर की। इस बीच सुगबुगाहट ने जोर पकड़ लिया कि आजम खां भी सपा से असंतुष्ट हैं। हालांकि आजम या उनके परिवार ने इस मामले में कभी कोई सीधा बयान नहीं दिया।
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