UP: 82 करोड़ की कर्जदार अमरोहा की चीनी मिलें, पेराई सत्र हो गया समाप्त, किसानों का भुगतान अब तक नहीं
अमरोहा जिले की चीनी मिलें किसानों का भुगतान अभी तक नहीं कर पाई है। पेराई सत्र समाप्त हुए करीब डेढ़ माह बीत चुका है। पहले 14 दिन के भीतर भुगतान का का दावा किया गया था मगर हकीकत कुछ और है।
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दावे भले ही 14 दिनों में भुगतान के हों, मगर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। पेराई सत्र समाप्त हुए करीब डेढ़ माह से भी अधिक का समय गुजर चुका है। लेकिन अमरोहा की चार शुगर मिलें अभी भी किसानों को उनकी मेहनत की रकम का भुगतान नहीं कर सकी हैं।
इन मिलों पर किसानों का 82.63 करोड़ रुपये का बकाया है। जिसके चलते किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पहचान गन्ना बेल्ट के रूप में होती है। जिले में बीते पेराई सत्र में करीब 98 हजार हेक्टेयर में 1.69 किसानों ने गन्ने की आपूर्ति शुगर मिलों को की थी।
दावे किए गए थे कि किसानों को 14 दिनों के भीतर उनके गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाएगा। हालांकि कुछ शुगर मिलों ने लगातार गन्ना मूल्य का भुगतान किया भी, लेकिन अधिकांश शुगर मिलें अपने दावों पर खरा नहीं उतर सकीं।
जिले की तीन शुगर मिलों के अतिरिक्त दूसरे जनपदों की सात शुगर मिलें जिले के किसानों से गन्ने की खरीद करती हैं। लेकिन समय और जरूरत पर मेहनत की रकम न मिलने से किसान मायूस हैं। फिलहाल जिले की चार शुगर मिलों पर किसानों का 82.63 करोड़ रुपये का बकाया है।
खरीद में अव्वल भुगतान में फिसड्डी धनौरा मिल
अमरोहा। मंडी धनौरा स्थित वेव शुगर मिल जिले में दूसरी अन्य शुगर मिलों के मुकाबले गन्ना खरीद में सबसे आगे है। बीते पेराई सत्र में वेव शुगर मिल ने 142.60 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की। लेकिन भुगतान के मामले में यह मिल दूसरी मिलों के मुकाबले फिसड्डी साबित हुई है। इस शुगर मिल ने अभी तक किसानों का 12 मार्च तक का भुगतान ही किया है। वेव ग्रुप धनौरा पर किसानों का सबसे अधिक 63.24 करोड़ रुपये का बकाया है।
चंदनपुर व हसनपुर समेत सात मिलों ने किया शत प्रतिशत भुगतान
जिले से गन्ना खरीद कर रहीं 11 शुगर मिलों में सात शुगर मिलें किसानों का शत प्रतिशत भुगतान कर चुकी हैं। त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर, सहकारी चीनी मिल हसनपुर, अवध शुगर स्योहारा, दीवान शुगर मिल अगवानपुर, त्रिवेणी शुगर मिल रानी नांगल एवं मिलक नारायणपुर एवं बिंदल शुगर मिल चांगीपुर किसानों का शत प्रतिशत भुगतान कर चुकी हैं।
शुगर मिल बकाया(करोड़ में)
वेव शुगर मिल मंडी धनौरा 63.24
डीएसएम अगवानपुर 00.05
राणा शुगर मिल बेलवाड़ा 08.93
राणा शुगर मिल करीमगंज 10.41
कुल बकाया 82.63
साल दर साल सरकार किसानों को उनके गन्ना मूल्य के भुगतान को लेकर लाख दावे करें। लेकिन समय पर भुगतान नही मिल पाता है। पेराई सत्र बीते काफी समय बीत गया। लेकिन भुगतान नहीं मिला। बच्चों की पढ़ाई और दूसरे जरूरी काम भी भुगतान न होने की वजह से अधर में लटक जाते हैं। - जसवंत सिंह, किसान
प्रदेश सरकार के लाख प्रयासों के बाद भी शुगर मिलें पुराने ढर्रे पर चल रहीं हैं। समय पर भुगतान न होने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। समय पर भुगतान के लिए सरकार को और ठोस कदम उठाने चाहिए। जिससे किसानों को परेशानी न हो। - अनिल चौधरी, किसान
सभी शुगर मिलों को किसानों को 14 दिनों में गन्ना भुगतान के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। जिले से गन्ने की खरीद करने वाली शुगर मिलों ने किसानों का 94 फीसदी गन्ना भुगतान कर दिया है। जल्द ही बकाया भुगतान के लिए मिलों को नोटिस जारी किए जाएंगे। - मनोज कुमार, जिला गन्ना अधिकारी