महिलाओं की आवाज बन रही अमर उजाला अपराजिता, हैदराबाद की घटना को लेकर निकला लोगों का गुस्सा
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इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में बीएसए एशव्यरा लक्ष्मी, पशु चिकत्साधिकारी मोनिका शर्मा और और महिला थाने की एसआई पूजा शर्मा मौजूद रहीं। सभी ने छात्राओं को निर्भीक बनने की सलाह की। उन्होंने छात्राओं को सलाह दी कि वे खुद को किसी से कमजोर ना समझें, समझदारी से काम लें। अंजान व्यक्ति से मदद ना लें।
इसके साथ ही हाथरस में कई स्कूल कॉलेजों में कैंडल जलाकर डॉक्टर को श्रद्धांजलि दी गई। हाथरस के कस्बा सासनी में अमर उजाला अपराजिता के तहत छात्राओं व शिक्षिकाओं ने कैंडल मार्च निकाला और तहसीलदार सासनी को ज्ञापन भी सौंपाl
वहीं मुरादाबाद स्थित अमर उजाला कार्यालय में भी अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराध पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें समाजसेवा, शिक्षा और चिकित्सा जगत की महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने कहा कि सुरक्षित समाज के लिए बच्चों के साथ संवाद स्थापित करने के साथ संस्कारों को पैदा करना भी जरूरी है।
कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने कहा कि हमारे समाज में एकल परिवारों का चलन बढ़ा है। माता पिता नौकरी में व्यस्त रहते हैं। घर पर बच्चे अकेले रहते हैं। उन्हें पारिवारिक और सामाजिक शिक्षा देने वाला कोई नहीं होता है। शाम को जब अभिभावक काम से लौटते हैं तो बच्चे सो चुके होते हैं। ऐसे में वह बच्चों की दिनभर की गतिविधियों से अनजान रहते हैं।
बच्चे अपनी समस्याओं का समाधन इंटरनेट पर ढूंढते हैं। यहीं से वह भटकाव के रास्ते पर चलने लगते हैं। उसका अंजाम हैदराबाद में महिला चिकित्सक के साथ हुई हैवानियत के रूप में सामने आता है। इन घटनाओं से पूरा देश शर्मसार हो रहा है। महिलाओं ने कहा कि निर्भया कांड के बाद कड़े कानून तो बन गए, लेकिन अभी सख्त क्रियांवयन बाकी है।
इसी तरह गोरखपुर में भी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें शामिल महिलाओं ने कहा कि जब तक व्यवस्था लचर रहेगी, हैवानियत की घटनाओं पर लगाम लगाना मुश्किल है। महिलाओं ने शिक्षा प्रणाली में बदलाव, नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने को कहा।