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Moradabad News: रोहिंग्या के पासपोर्ट मामले में सभी दस्तावेज पाए गए हैं फर्जी
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कांठ (मुरादाबाद)। क्षेत्र के गांव अकबरपुर चैंदरी पते पर 2016 में फर्जी पासपोर्ट बनवाकर म्यांमार निवासी रोहिंग्या व्यक्ति के सऊदी अरब घूम आने और तेलंगाना पुलिस द्वारा रोहिंग्या को पकड़ने के मामले में चल रही जांच उलझती ही जा रही है। अब तक की जांच में पासपोर्ट बनवाने के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। जांच में यहां तक साफ हो चुका है कि जिस दरोगा की रिपोर्ट लगाई गई थी, उस पर उसके हस्ताक्षर तक फर्जी हैं।
कांठ थाना क्षेत्र के गांव अकबरपुर चैंदरी का निवासी बताकर वर्ष 2016 में मोहम्मद फारूक उर्फ इस्माइल के नाम से युवक ने एक पासपोर्ट अपने सहयोगी मोहम्मद इल्यास की मदद से बरेली पासपोर्ट ऑफिस से बनवाया था। आठ नवंबर 2022 को तेलंगाना पुलिस के उपनिरीक्षक बी श्रीकांत को सूचना मिली कि म्यांमार निवासी रोहिंग्या युवक सऊदी अरब से आया है। जिस पर उन्होंने रोहिंग्या को पकड़ लिया था। पूछताछ में उसने अपना नाम मोहम्मद फारूक उर्फ इस्माइल पुत्र नूरउल हक उर्फ अहमद नूर बताया था। उसके पास से कांठ थाना क्षेत्र के गांव अकबरपुर चैंदरी के पते का एक पासपोर्ट भी मिला था।
जब तेलंगाना पुलिस ने पासपोर्ट की जांच के लिए कांठ पुलिस को पत्रावली भेजी तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। कांठ पुलिस ने तेलंगाना के बालापुर थाना उपनिरीक्षक बी श्रीकांत की तरफ से 14 मार्च को मोहम्मद फारूक उर्फ इस्माइल और उसके सहयोगी मोहम्मद इल्यास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। थाना प्रभारी निरीक्षक कांठ राम प्रसाद शर्मा ने बुधवार को बताया कि जांच के दौरान पासपोर्ट बनवाने में लगे सभी दस्तावेज अभी तक फर्जी पाए गए हैं। साथ ही कांठ तहसील से जारी हुआ मोहम्मद फारूक उर्फ इस्माइल नाम का जन्म प्रमाण पत्र भी फर्जी पाया गया है।
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कांठ और उमरी कलां में फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले हैं सक्रिय
कांठ। पुलिस और खुफिया विभाग की आंखों में धूल झोंक कर फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले लोग क्षेत्र में सक्रिय हैं। कांठ थाना क्षेत्र के गढ़ी, सलेमपुर और उमरी कलां में ऐसे लोग रहते हैं जो लोगों के पासपोर्ट बनवाने का काम करते हैं। इसी के साथ छजलैट थाना क्षेत्र में भी कुछ लोगों के पासपोर्ट बनवाकर उन्हें विदेश में अच्छे काम पर भेजने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलते हैं। पहले कई ऐसे मामले प्रकाश में आ चुके हैं, जिनमें लोगों को विदेश में अच्छी नौकरी के सपने दिखाए गए और वहां जाने के बाद युवकों को सिर्फ मजदूरी करने के लिए ही मिली। फर्जी पासपोर्ट बनवाने वालों के खिलाफ आज तक कभी भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे उनके हौसले बुलंद हैं। संवाद
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कांठ थाना क्षेत्र के गांव अकबरपुर चैंदरी का निवासी बताकर वर्ष 2016 में मोहम्मद फारूक उर्फ इस्माइल के नाम से युवक ने एक पासपोर्ट अपने सहयोगी मोहम्मद इल्यास की मदद से बरेली पासपोर्ट ऑफिस से बनवाया था। आठ नवंबर 2022 को तेलंगाना पुलिस के उपनिरीक्षक बी श्रीकांत को सूचना मिली कि म्यांमार निवासी रोहिंग्या युवक सऊदी अरब से आया है। जिस पर उन्होंने रोहिंग्या को पकड़ लिया था। पूछताछ में उसने अपना नाम मोहम्मद फारूक उर्फ इस्माइल पुत्र नूरउल हक उर्फ अहमद नूर बताया था। उसके पास से कांठ थाना क्षेत्र के गांव अकबरपुर चैंदरी के पते का एक पासपोर्ट भी मिला था।
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जब तेलंगाना पुलिस ने पासपोर्ट की जांच के लिए कांठ पुलिस को पत्रावली भेजी तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। कांठ पुलिस ने तेलंगाना के बालापुर थाना उपनिरीक्षक बी श्रीकांत की तरफ से 14 मार्च को मोहम्मद फारूक उर्फ इस्माइल और उसके सहयोगी मोहम्मद इल्यास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। थाना प्रभारी निरीक्षक कांठ राम प्रसाद शर्मा ने बुधवार को बताया कि जांच के दौरान पासपोर्ट बनवाने में लगे सभी दस्तावेज अभी तक फर्जी पाए गए हैं। साथ ही कांठ तहसील से जारी हुआ मोहम्मद फारूक उर्फ इस्माइल नाम का जन्म प्रमाण पत्र भी फर्जी पाया गया है।
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कांठ और उमरी कलां में फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले हैं सक्रिय
कांठ। पुलिस और खुफिया विभाग की आंखों में धूल झोंक कर फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले लोग क्षेत्र में सक्रिय हैं। कांठ थाना क्षेत्र के गढ़ी, सलेमपुर और उमरी कलां में ऐसे लोग रहते हैं जो लोगों के पासपोर्ट बनवाने का काम करते हैं। इसी के साथ छजलैट थाना क्षेत्र में भी कुछ लोगों के पासपोर्ट बनवाकर उन्हें विदेश में अच्छे काम पर भेजने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलते हैं। पहले कई ऐसे मामले प्रकाश में आ चुके हैं, जिनमें लोगों को विदेश में अच्छी नौकरी के सपने दिखाए गए और वहां जाने के बाद युवकों को सिर्फ मजदूरी करने के लिए ही मिली। फर्जी पासपोर्ट बनवाने वालों के खिलाफ आज तक कभी भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे उनके हौसले बुलंद हैं। संवाद