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प्रदूषण : शहर की हवा का हाल ‘लाल’ निशान के पार, रेलवे को नोटिस
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मुरादाबाद। शहर का वायु प्रदूषण लाल निशान पर बना हुआ है। सोमवार को मुरादाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 364 दर्ज किया गया। हालांकि शाम होते-होते थोड़ी राहत मिली। रात आठ बजे एक्यूआई 328 रहा। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि घनी बस्ती, यातायात के अलावा भी कई ऐसे कारक हैं, जो प्रदूषण को बढ़ाने में सहायक हैं। प्रदूषण को कम करने में सहयोग नहीं करने पर रेलवे को नोटिस भी जारी किया गया है।
लाजपत नगर स्थित प्रदूषण मीटर पर सुबह आठ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 364 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था, जिसमें पीएम 2.5 का स्तर अधिकतम 500, औसत 364 और न्यूनतम 197 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर, पीएम 10 का स्तर अधिकतम 444, औसत 249, न्यूनतम 96 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर, नाइट्रोजन का स्तर अधिकतम 129, औसत 71 और न्यूनतम 33 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर, कार्बन डाई आक्साइड अधिकतम 121, औसत 71 और न्यूनतम 27 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अजय कुमार शर्मा का कहना है कि लाजपत नगर के पास रोडवेज की वर्कशाप, बस स्टैंड, रेलवे मालगोदाम, घनी आबादी के अवैध उद्योग हैं। डीजल जनरेट भी चलते हैं। सड़क पर धूल उड़ती है। इन कारकों को रोकने में यातायात, नगर निगम, ट्रांसपोर्ट का सहयोग मिल रहा है। अवैध उद्योगों का नियमित तौर पर हम चिन्हीकरण कर रहे हैं, लेकिन रेलवे ने सहयोग नहीं दिया है। इसकी वजह से दो महीने पहले रेलवे को नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद विभाग द्वारा कोई काम नहीं किया गया। गत सप्ताह फिर रिमाइंडर नोटिस दिया है।
लाइनपार में मीटर लगाने को भेजा प्रस्ताव
अजय कुमार शर्मा का कहना है कि लाजपत नगर के प्रदूषण मीटर से अधिकतम डाटा मिलता है, जबकि शहर के अन्य क्षेत्रों की स्थिति इतनी प्रदूषित नहीं है। वहां की वास्तविक स्थिति को जानने के लिए प्रदूषण मीटर की आवश्यकता है। इसी के तहत लाइन पार में मीटर लगाने के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। एक मशीन करीब पांच करोड़ की आती है, जो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ द्वारा भेजी जाएगी।
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इनसेट...
नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स वेबसाइट द्वारा जारी किए गए आंकड़े
शहर एक्यूआई
कानपुर 415
नोएडा 415
ग्रेटर नोएडा 413
गाजियाबाद 410
लखनऊ 399
दिल्ली 398
मेरठ 388
बल्लभगढ़ 384
फरीदाबाद 384
बुलंदशहर 365
मुरादाबाद 364
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लाजपत नगर स्थित प्रदूषण मीटर पर सुबह आठ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 364 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था, जिसमें पीएम 2.5 का स्तर अधिकतम 500, औसत 364 और न्यूनतम 197 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर, पीएम 10 का स्तर अधिकतम 444, औसत 249, न्यूनतम 96 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर, नाइट्रोजन का स्तर अधिकतम 129, औसत 71 और न्यूनतम 33 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर, कार्बन डाई आक्साइड अधिकतम 121, औसत 71 और न्यूनतम 27 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अजय कुमार शर्मा का कहना है कि लाजपत नगर के पास रोडवेज की वर्कशाप, बस स्टैंड, रेलवे मालगोदाम, घनी आबादी के अवैध उद्योग हैं। डीजल जनरेट भी चलते हैं। सड़क पर धूल उड़ती है। इन कारकों को रोकने में यातायात, नगर निगम, ट्रांसपोर्ट का सहयोग मिल रहा है। अवैध उद्योगों का नियमित तौर पर हम चिन्हीकरण कर रहे हैं, लेकिन रेलवे ने सहयोग नहीं दिया है। इसकी वजह से दो महीने पहले रेलवे को नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद विभाग द्वारा कोई काम नहीं किया गया। गत सप्ताह फिर रिमाइंडर नोटिस दिया है।
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लाइनपार में मीटर लगाने को भेजा प्रस्ताव
अजय कुमार शर्मा का कहना है कि लाजपत नगर के प्रदूषण मीटर से अधिकतम डाटा मिलता है, जबकि शहर के अन्य क्षेत्रों की स्थिति इतनी प्रदूषित नहीं है। वहां की वास्तविक स्थिति को जानने के लिए प्रदूषण मीटर की आवश्यकता है। इसी के तहत लाइन पार में मीटर लगाने के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। एक मशीन करीब पांच करोड़ की आती है, जो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ द्वारा भेजी जाएगी।
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नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स वेबसाइट द्वारा जारी किए गए आंकड़े
शहर एक्यूआई
कानपुर 415
नोएडा 415
ग्रेटर नोएडा 413
गाजियाबाद 410
लखनऊ 399
दिल्ली 398
मेरठ 388
बल्लभगढ़ 384
फरीदाबाद 384
बुलंदशहर 365
मुरादाबाद 364