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Moradabad News: अगवानपुर ओवर ब्रिज अंधेरे में...स्ट्रीट लाइटें बंद
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फोटो 34 स्ट्रीट लाइटें बंद,9 उखड़कर गिरी,10 जर्जर हालत में
नौ सालों में गिरने के बाद विद्युत लाइट का पोल दोबारा खड़ा नहीं हुआ
अगवानपुर। एक तरफ जहां कांवड़ यात्रा के लिए तैयारियां चल रहीं हैं वहीं हरिद्वार मार्ग पर बना अगवानपुर ओवरब्रिज अंधेरे में हैं। व्यस्ततम मार्ग होने के कारण रात में वाहन टकरा जा रहे हैं। स्थानीय लोगों की शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
अगवानपुर पुल पर नौ साल पहले 34 स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं थीं। पुल रोशन रहता था। वर्तमान समय में स्थिति काफी खराब हो गई है। पुल घने अंधेरे में डूब गया है। अभी कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है। 1151.86 मीटर लंबा और 17 मीटर चौड़ा यह पुल अब हादसों को दावत दे रहा है। 2014 में इस पुल की नींव रखी गई थी। 2017 में यह पुल बनकर तैयार हुआ था। नौ साल बीतते-बीतते पुल की तस्वीर बदल गई। आज आधी से ज्यादा लाइटें बंद हैं। नौ खंभे उखड़कर गिर चुके हैं। 10 खंभे जर्जर हालत में हैं, जिन्हें लोहे की सपोर्ट और वेल्डिंग से किसी तरह रोका गया है। टूटे खंभों की जगह अब सिर्फ लटकते तार नजर आते हैं।
सबसे खतरनाक है पुल का 45 डिग्री का तिरछा मोड़
अगवानपुर ओवरब्रिज पर रात में अंधेरा होने की वजह से वाहन डिवाइडर से टकरा जाते हैं, या बाल-बाल बचते हैं। स्थानीय लोग रोज जान हथेली पर रखकर गुजरते हैं। शिकायत के बाद बिजली जोड़कर लाइटें कुछ दिन चलाई जाती हैं, फिर अधिकारियों का ध्यान हटते ही अंधेरा लौट आता है। मरम्मत के नाम पर अधिकारी खानापूर्ति करते हैं। नए खंभे लगाने की बात तो दूर 46 करोड़ के पुल पर रोशनी के लिए कोई सुध लेने वाला नहीं है। अभी कांवड़ यात्रा इसी मार्ग से शुरू होगी। काफी संख्या में शिवभक्त इसी मार्ग से यात्रा करेंगे। समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो मार्ग पर कभी भी हादसा हो सकता है।
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इनसेट
नौ साल में पुल का बिजली कनेक्शन नहीं हुआ
मुरादाबाद की सीमा से बाहर के सभी पुलों पर लगी स्ट्रीट लाइटों के बिल का एमडीए भुगतान करता है। पाकबड़ा और प्रेमवंडरलैंड पुल पर लाइट मरम्मत का कार्य एमडीए ही करता है। वहीं अगवानपुर के ओवरब्रिज पर नौ साल में कनेक्शन तक नहीं हुआ।
लोगों से बातचीत
1
त्योहार के सीजन में पुल की लाइटें जल जाती हैं, लेकिन बाद में बंद हो जाती हैं। फिलहाल काफी समय से लाइटें बंद हैं। पुल पर हादसों का खतरा रहता है। रात में
लाइटों का जलना अति आवश्यक है।
अभिनव गुप्ता
2
अगवानपुर ओवरब्रिज पर बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। नौ वर्ष में बिजली का कनेक्शन नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसलिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को संज्ञान लेना चाहिए।
ऋतिक विश्नोई
3
करोड़ों रूपये की लागत से बना ओवरब्रिज पर सिर्फ कनेक्शन नहीं है। इस वजह रोशनी एक बड़ी समस्या बन गई है। पुल हरिद्वार से मुरादाबाद को जोड़ता है। बड़ी संख्या में लोग रोजाना गुजरते हैं।
अंशुल गुप्ता
वर्जन
महाशिवरात्रि पर कांवड़ यात्रा के दौरान पुल की लाइटें जलाने का निर्देश मिलता है। इसके बाद पुल पर लाइटें शुरू कराई जाती है। बिजली को भी नगर पंचायत से जोड़ दिया जाता है।
गुलरेज खान, नपं अध्यक्ष अगवानपुर
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नौ सालों में गिरने के बाद विद्युत लाइट का पोल दोबारा खड़ा नहीं हुआ
अगवानपुर। एक तरफ जहां कांवड़ यात्रा के लिए तैयारियां चल रहीं हैं वहीं हरिद्वार मार्ग पर बना अगवानपुर ओवरब्रिज अंधेरे में हैं। व्यस्ततम मार्ग होने के कारण रात में वाहन टकरा जा रहे हैं। स्थानीय लोगों की शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
अगवानपुर पुल पर नौ साल पहले 34 स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं थीं। पुल रोशन रहता था। वर्तमान समय में स्थिति काफी खराब हो गई है। पुल घने अंधेरे में डूब गया है। अभी कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है। 1151.86 मीटर लंबा और 17 मीटर चौड़ा यह पुल अब हादसों को दावत दे रहा है। 2014 में इस पुल की नींव रखी गई थी। 2017 में यह पुल बनकर तैयार हुआ था। नौ साल बीतते-बीतते पुल की तस्वीर बदल गई। आज आधी से ज्यादा लाइटें बंद हैं। नौ खंभे उखड़कर गिर चुके हैं। 10 खंभे जर्जर हालत में हैं, जिन्हें लोहे की सपोर्ट और वेल्डिंग से किसी तरह रोका गया है। टूटे खंभों की जगह अब सिर्फ लटकते तार नजर आते हैं।
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सबसे खतरनाक है पुल का 45 डिग्री का तिरछा मोड़
अगवानपुर ओवरब्रिज पर रात में अंधेरा होने की वजह से वाहन डिवाइडर से टकरा जाते हैं, या बाल-बाल बचते हैं। स्थानीय लोग रोज जान हथेली पर रखकर गुजरते हैं। शिकायत के बाद बिजली जोड़कर लाइटें कुछ दिन चलाई जाती हैं, फिर अधिकारियों का ध्यान हटते ही अंधेरा लौट आता है। मरम्मत के नाम पर अधिकारी खानापूर्ति करते हैं। नए खंभे लगाने की बात तो दूर 46 करोड़ के पुल पर रोशनी के लिए कोई सुध लेने वाला नहीं है। अभी कांवड़ यात्रा इसी मार्ग से शुरू होगी। काफी संख्या में शिवभक्त इसी मार्ग से यात्रा करेंगे। समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो मार्ग पर कभी भी हादसा हो सकता है।
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इनसेट
नौ साल में पुल का बिजली कनेक्शन नहीं हुआ
मुरादाबाद की सीमा से बाहर के सभी पुलों पर लगी स्ट्रीट लाइटों के बिल का एमडीए भुगतान करता है। पाकबड़ा और प्रेमवंडरलैंड पुल पर लाइट मरम्मत का कार्य एमडीए ही करता है। वहीं अगवानपुर के ओवरब्रिज पर नौ साल में कनेक्शन तक नहीं हुआ।
लोगों से बातचीत
1
त्योहार के सीजन में पुल की लाइटें जल जाती हैं, लेकिन बाद में बंद हो जाती हैं। फिलहाल काफी समय से लाइटें बंद हैं। पुल पर हादसों का खतरा रहता है। रात में
लाइटों का जलना अति आवश्यक है।
अभिनव गुप्ता
2
अगवानपुर ओवरब्रिज पर बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। नौ वर्ष में बिजली का कनेक्शन नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसलिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को संज्ञान लेना चाहिए।
ऋतिक विश्नोई
3
करोड़ों रूपये की लागत से बना ओवरब्रिज पर सिर्फ कनेक्शन नहीं है। इस वजह रोशनी एक बड़ी समस्या बन गई है। पुल हरिद्वार से मुरादाबाद को जोड़ता है। बड़ी संख्या में लोग रोजाना गुजरते हैं।
अंशुल गुप्ता
वर्जन
महाशिवरात्रि पर कांवड़ यात्रा के दौरान पुल की लाइटें जलाने का निर्देश मिलता है। इसके बाद पुल पर लाइटें शुरू कराई जाती है। बिजली को भी नगर पंचायत से जोड़ दिया जाता है।
गुलरेज खान, नपं अध्यक्ष अगवानपुर