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Moradabad News: जिंदगी के बाद चुनाव भी हार गए सर्वेश सिंह
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मुरादाबाद। जिंदगी के बाद चुनाव भी हार गए सर्वेश सिंह। उन्हें सपा की रुचिवीरा ने बड़े अंदर से हरा दिया। मतदान के अगले ही सर्वेश सिंह की मृत्यु हो गई थी।
भाजपा ने सर्वेश सिंह को चौथी बार मुरादाबाद सीट पर प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतारा था। इससे पहले वह 2009, 2014 और 2019 में चुनाव लड़े थे। 2014 में उन्हें जीत दर्ज की थी, जबकि 2009 और 2019 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा सर्वेश सिंह ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट से पांच बार विधायक चुने गए थे। भाजपा ने जब उन्हें प्रत्याशी घोषित किया तो वह बीमार चल रहे थे। चुनाव प्रचार में भी वह कम ही देखे गए थे। उनके बेटे एवं बढ़ापुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक सुशांत सिंह ने अपने पिता के चुनाव प्रचार की कमान खुद संभाल रखी थी।
कई दिन तक सर्वेश सिंह अस्पताल में भर्ती रहे थे। 19 अप्रैल को मतदान वाले दिन सर्वेश सिंह कुछ मतदान केंद्रों पर गए और उन्होंने अपने गांव के बूथ पर मतदान भी किया, लेकिन मतदान होने के बाद उनकी तबीयत फिर से बिगड़ गई थी। उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मतदान के अगले ही दिन उनकी मृत्यु हो गई थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक समेत कई मंत्री सर्वेश सिंह के गांव रतूपुरा पहुंचे थे और परिवार से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त की थीं। सर्वेश सिंह की मृत्यु के बाद से ही लोगों के बीच चर्चाएं शुरू हो गई थी कि मुरादाबाद में उपचुनाव होगा या फिर नहीं होगा। भाजपा और सपा समर्थक और नेता दोनों ही मुरादाबाद सीट पर अपनी-अपनी जीत पक्की मानकर चल रहे थे, लेकिन मंगलवार को आए परिणाम ने सभी को चौंका दिया। मुरादाबाद सीट पर सर्वेश सिंह की तीसरी बार हार हो गई है। सपा की रुचिवीरा ने उन्हें एक लाख से ज्यादा वोटों से हरा दिया है।
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भाजपा ने सर्वेश सिंह को चौथी बार मुरादाबाद सीट पर प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतारा था। इससे पहले वह 2009, 2014 और 2019 में चुनाव लड़े थे। 2014 में उन्हें जीत दर्ज की थी, जबकि 2009 और 2019 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा सर्वेश सिंह ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट से पांच बार विधायक चुने गए थे। भाजपा ने जब उन्हें प्रत्याशी घोषित किया तो वह बीमार चल रहे थे। चुनाव प्रचार में भी वह कम ही देखे गए थे। उनके बेटे एवं बढ़ापुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक सुशांत सिंह ने अपने पिता के चुनाव प्रचार की कमान खुद संभाल रखी थी।
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कई दिन तक सर्वेश सिंह अस्पताल में भर्ती रहे थे। 19 अप्रैल को मतदान वाले दिन सर्वेश सिंह कुछ मतदान केंद्रों पर गए और उन्होंने अपने गांव के बूथ पर मतदान भी किया, लेकिन मतदान होने के बाद उनकी तबीयत फिर से बिगड़ गई थी। उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मतदान के अगले ही दिन उनकी मृत्यु हो गई थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक समेत कई मंत्री सर्वेश सिंह के गांव रतूपुरा पहुंचे थे और परिवार से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त की थीं। सर्वेश सिंह की मृत्यु के बाद से ही लोगों के बीच चर्चाएं शुरू हो गई थी कि मुरादाबाद में उपचुनाव होगा या फिर नहीं होगा। भाजपा और सपा समर्थक और नेता दोनों ही मुरादाबाद सीट पर अपनी-अपनी जीत पक्की मानकर चल रहे थे, लेकिन मंगलवार को आए परिणाम ने सभी को चौंका दिया। मुरादाबाद सीट पर सर्वेश सिंह की तीसरी बार हार हो गई है। सपा की रुचिवीरा ने उन्हें एक लाख से ज्यादा वोटों से हरा दिया है।
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