{"_id":"67a914897450d122490251ee","slug":"after-every-death-a-seal-of-pretense-quacks-get-away-with-it-moradabad-news-c-15-1-mbd1044-580112-2025-02-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: हर मौत के बाद दिखावे की सील, बच निकलते हैं झोलाछाप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: हर मौत के बाद दिखावे की सील, बच निकलते हैं झोलाछाप
विज्ञापन
मुरादाबाद। जिले में पिछले एक साल में झोलाछाप के अस्पताल में मौत के 15 मामले सामने आए हैं। हर मौत के बाद दिखावे के लिए स्वास्थ्य विभाग अस्पताल को सील करता है। पुलिस रिपोर्ट दर्ज करती है लेकिन कार्रवाई नहीं। अब तक दर्ज हुए सभी मुकदमों में कांठ के एक मामले को छोड़कर झोलाछाप कभी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए।
स्वास्थ्य विभाग ने भी दोबारा जांच नहीं की। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की साठ गांठ से अस्पताल दोबारा खुल गए। हर बार घटना होने पर चार दिन के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम जागती है और अभियान चलता है। इस बार भी विभाग ने यही दावा किया है। अगले पांच दिन तक कुंदरकी क्षेत्र में झोलाछापों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। सभी क्लीनिक व नर्सिंग होम पर नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि दो दिन में सबने अपनी डिग्री व पंजीकरण नहीं दिखाया तो क्लीनिक व नर्सिंग होम सील कर दिए जाएंगे। पाकबड़ा के मानवी नर्सिंग होम में गलत इलाज से महिला की मौत के बाद सील की कार्रवाई हुई थी। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग अब तक जांच पूरी नहीं कर पाया है। राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले अस्पताल संचालक की पत्नी स्वास्थ्य विभाग में ही एएनएम के पद पर थी।
बिना बोर्ड लगाए दो कमरों के मकानों में चल रहे अस्पताल
कुंदरकी क्षेत्र में झोलाछापों की बड़ी मंडी है। यहां घरों में बिना बोर्ड लगाए अस्पताल चल रहे हैं। झोलाछाप धड़ल्ले से डिलीवरी कर रहे हैं। यहां तक कि हर्निया का ऑपरेशन भी किया जा रहा है। इन झोलाछापों के यहां न तो कोई एनेस्थेटिस्ट है और न ही विशेषज्ञ सर्जन। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के रहमोकरम पर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। कुंदरकी के अलावा पाकबड़ा, बिलारी, मूंढापांडे, कांठ, ठाकुरद्वारा व मुरादाबाद शहर में ऐसे कई अस्पताल हैं, जिनका पंजीकरण नहीं है। 50 से ज्यादा अस्पताल सील लगने के बाद दूसरे नामों से खुल गए हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम से पड़ी थी फटकार
पाकबड़ा के झोलाछाप के गलत इलाज से मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को डीएम ने कड़ी फटकार लगाई थी। यहां तक कहा था कि यदि अब झोलाछाप के अस्पताल में मौत का मामला सामने आया तो एमओआईसी जिम्मेदार होंगे। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने इस चेतावनी को अनसुना कर झोलाछापों के खिलाफ अभियान नहीं चलाया। इसका नतीजा फिर एक मौत के रूप में सामने आया है। अब प्रशासनिक स्तर से कार्रवाई होने की उम्मीद है।
झोलाछापों की पौध को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं। मैंने जिले के पंजीकृत अस्पतालों के अलावा जिन झोलाछापों पर कार्रवाई हुई और जो दोबारा खुल गए हैं, उनकी भी रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
- अनुज सिंह, डीएम मुरादाबाद
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग ने भी दोबारा जांच नहीं की। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की साठ गांठ से अस्पताल दोबारा खुल गए। हर बार घटना होने पर चार दिन के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम जागती है और अभियान चलता है। इस बार भी विभाग ने यही दावा किया है। अगले पांच दिन तक कुंदरकी क्षेत्र में झोलाछापों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। सभी क्लीनिक व नर्सिंग होम पर नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि दो दिन में सबने अपनी डिग्री व पंजीकरण नहीं दिखाया तो क्लीनिक व नर्सिंग होम सील कर दिए जाएंगे। पाकबड़ा के मानवी नर्सिंग होम में गलत इलाज से महिला की मौत के बाद सील की कार्रवाई हुई थी। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग अब तक जांच पूरी नहीं कर पाया है। राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले अस्पताल संचालक की पत्नी स्वास्थ्य विभाग में ही एएनएम के पद पर थी।
विज्ञापन
बिना बोर्ड लगाए दो कमरों के मकानों में चल रहे अस्पताल
कुंदरकी क्षेत्र में झोलाछापों की बड़ी मंडी है। यहां घरों में बिना बोर्ड लगाए अस्पताल चल रहे हैं। झोलाछाप धड़ल्ले से डिलीवरी कर रहे हैं। यहां तक कि हर्निया का ऑपरेशन भी किया जा रहा है। इन झोलाछापों के यहां न तो कोई एनेस्थेटिस्ट है और न ही विशेषज्ञ सर्जन। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के रहमोकरम पर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। कुंदरकी के अलावा पाकबड़ा, बिलारी, मूंढापांडे, कांठ, ठाकुरद्वारा व मुरादाबाद शहर में ऐसे कई अस्पताल हैं, जिनका पंजीकरण नहीं है। 50 से ज्यादा अस्पताल सील लगने के बाद दूसरे नामों से खुल गए हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम से पड़ी थी फटकार
पाकबड़ा के झोलाछाप के गलत इलाज से मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को डीएम ने कड़ी फटकार लगाई थी। यहां तक कहा था कि यदि अब झोलाछाप के अस्पताल में मौत का मामला सामने आया तो एमओआईसी जिम्मेदार होंगे। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने इस चेतावनी को अनसुना कर झोलाछापों के खिलाफ अभियान नहीं चलाया। इसका नतीजा फिर एक मौत के रूप में सामने आया है। अब प्रशासनिक स्तर से कार्रवाई होने की उम्मीद है।
झोलाछापों की पौध को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं। मैंने जिले के पंजीकृत अस्पतालों के अलावा जिन झोलाछापों पर कार्रवाई हुई और जो दोबारा खुल गए हैं, उनकी भी रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
- अनुज सिंह, डीएम मुरादाबाद