प्रशासन की कार्रवाई, जौहर यूनिवर्सिटी पहुंची राजस्व विभाग की टीम, जमीन की पैमाश शुरू
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चकरोड की जमीन के मामले में राजस्व परिषद में मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की द्वितीय अपील खारिज होने के बाद गुरुवार को राजस्व विभाग की टीम ने जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचकर जमीन की पैमाइश शुरू कर दी है। 11 में से चार गाटा संख्या की जमीन की पैमाइश का काम पहले दिन ही पूरा कर लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि पैमाइश शुक्रवार को भी जारी रहेगी।
मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की ओर से 24 जुलाई 2012 को एसडीएम टांडा के समक्ष वाद दायर करके चकरोड की जमीन विनिमय के आधार पर मांगी गई थी। एसडीएम टांडा ने 13 सितंबर 2012 को सामुदायिक उपयोग की लगभग 17 बीघा भूमि के विनिमय की अनुमति देकर उसे ट्रस्ट को दे दिया था। इस जमीन को जौहर यूनिवर्सिटी के परिसर में शामिल कर लिया गया था। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद इसकी शिकायत भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना ने मुख्यमंत्री से की थी।
मुख्यमंत्री द्वारा मामले में संज्ञान लिए जाने के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने राजस्व बोर्ड परिषद, प्रयागराज में चार वाद दायर कराए थे। तीन अगस्त 2018 को राजस्व बोर्ड परिषद द्वारा वाद चलाने की अनुमति प्रदान की गई थी। 20 अगस्त 2018 को राजस्व बोर्ड परिषद के इस आदेश के विरुद्ध आजम खां ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका दायर की। 26 अगस्त 2018 को उच्च न्यायालय ने राजस्व बोर्ड परिषद के फैसले को सही ठहराया और याचिका खारिज कर दी। 23 जनवरी 2019 को राजस्व बोर्ड ने अपने फैसले में मुरादाबाद कमिश्नर को इस वाद को चार हफ्ते में निस्तारित करने का आदेश दिया।
कमिश्नर की कोर्ट ने दो सितंबर 2019 को एसडीएम टांडा द्वारा जौहर ट्रस्ट को दी गई सरकारी चकरोड के जमीन के आदेश को निरस्त कर दिया था। कमिश्नर के आदेश के बाद जिला प्रशासन की ओर से ट्रस्ट को चकरोड की जमीन खाली करने का नोटिस दिया गया था। इसके बाद ट्रस्ट की ओर से राजस्व परिषद में द्वितीय अपील दायर की गई।
राजस्व परिषद ने नौ जनवरी 2020 को जौहर ट्रस्ट के द्वितीय अपील को खारिज कर दिया। राजस्व परिषद में आदेश खारिज होने के बाद गुरुवार को जिला प्रशासन ने जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचकर चकरोड की जमीन की पैमाइश शुरू कर दी है। पैमाइश कराने पहुंचे एसडीएम सदर पीपी तिवारी ने बताया कि कमिश्नर के आदेश और राजस्व परिषद में अपील खारिज होने के बाद चकरोड की जमीन की पैमाइश शुरू कराई गई है। अभी चार गाटा संख्या की जमीन की पैमाइश पूरी पाई है, शुक्रवार को भी पैमाइश कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि चकरोड की जमीन पर कुछ बिल्डिंग भी बनी हो सकती हैं। पैमाइश पूरी होने के बाद यह साफ हो पाएगा।
जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि चकरोड सार्वजनिक उपयोग की जमीन है। गलत तरीके से इसका विनिमय किया गया था। इस संबंध में कमिश्नर की कोर्ट का फैसला आ चुका है। राजस्व परिषद में द्वितीय अपील भी खारिज हो रही है। इसके बाद जौहर यूनिवर्सिटी में चकरोड की जमीन की पैमाइश कराई जा रही है। पैमाइश शुक्रवार को भी जारी रहेगी। अगर चकरोड की जमीन पर कोई निर्माण मिला तो उसे भी खाली कराया जाएगा। ,
आज हो सकती है बड़ी कार्रवाई
चकरोड की जमीन को कब्जे लेने के मामले में शुक्रवार को जिला प्रशासन की ओर से बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों को संकेत दिया है कि चकरोड की जमीन पर कोई निर्माण मिला तो उसे भी हटा दिया जाएगा। अगर जौहर यूनिवर्सिटी की किसी बिल्डिंग या दीवार को हटाने की कार्रवाई हुई तो यह अब तक सबसे बड़ी कार्रवाई होगी।