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Azam Khan News: आजम खां की जमानत पर बेटे अब्दुल्ला का ट्वीट, लिखा-सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद
Thu, 19 May 2022 12:38 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 19 May 2022 12:38 PM IST
सार
सपा विधायक आजम खां को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने पर उनके बेटे और स्वार से विधायक अब्दुल्ला आजम ने ट्वीट किया और लिखा कि सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां को आज सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली। आजम को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। उत्तर प्रदेश के रामपुर के कोतवाली थाने से जुड़े एक मामले में उन्हें यह राहत मिली है। आजम को अंतरिम जमानत मिलने पर उनके बेटे और स्वार से विधायक अब्दुल्ला आजम ने ट्वीट किया और लिखा कि सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद।
वहीं, गुरुवार को फैसला सुनाते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि लंबित मामलों में निचली अदालत से नियमित जमानत लें। नियमित जमानत मिलने तक अंतरिम जमानत जारी रहेगी। बता दें कि अदालत इस मामले में पहले ही सुनवाई पूरी कर चुकी थी और जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस एस गोपन्ना की पीठ ने फैसला सुनाया है।
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गौरतलब है कि 80 से अधिक मामलों में आजम खान पिछले 26 महीनों से सीतापुर जेल में बंद हैं। एक के बाद एक केस दायर होने से परेशान आजम के लिए यह राहत की खबर है। आजम खां को ट्रायल कोर्ट से अब तक 88 मामलों में जमानत मिल चुकी है लेकिन 89वें मामले में जमानत को लेकर ट्रायल शुरू होना था इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 का प्रयोग कर जमानत दे दी।
यूपी सरकार ने किया था जमानत याचिका का विरोध
सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई को उत्तर प्रदेश रामपुर जिले के कोतवाली थाने से जुड़े एक मामले में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां की अंतरिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां की जमानत याचिका का विरोध किया था और उन्हें भूमि कब्जा करने वाला और आदतन अपराधी करार दिया था।
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वहीं, गुरुवार को फैसला सुनाते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि लंबित मामलों में निचली अदालत से नियमित जमानत लें। नियमित जमानत मिलने तक अंतरिम जमानत जारी रहेगी। बता दें कि अदालत इस मामले में पहले ही सुनवाई पूरी कर चुकी थी और जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस एस गोपन्ना की पीठ ने फैसला सुनाया है।
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गौरतलब है कि 80 से अधिक मामलों में आजम खान पिछले 26 महीनों से सीतापुर जेल में बंद हैं। एक के बाद एक केस दायर होने से परेशान आजम के लिए यह राहत की खबर है। आजम खां को ट्रायल कोर्ट से अब तक 88 मामलों में जमानत मिल चुकी है लेकिन 89वें मामले में जमानत को लेकर ट्रायल शुरू होना था इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 का प्रयोग कर जमानत दे दी।
यूपी सरकार ने किया था जमानत याचिका का विरोध
सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई को उत्तर प्रदेश रामपुर जिले के कोतवाली थाने से जुड़े एक मामले में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां की अंतरिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां की जमानत याचिका का विरोध किया था और उन्हें भूमि कब्जा करने वाला और आदतन अपराधी करार दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ज़िंदाबाद ॥
— M.Abdullah Azam Khan (@AbdullahAzamMLA) May 19, 2022
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को लगाई थी फटकार
उत्तर प्रदेश राज्य की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने भी आजम खां की याचिका का विरोध किया। सुप्रीम कोर्ट ने पहले आजम खां की जमानत याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने में लंबी देरी पर नाराजगी व्यक्त की थी और इसे न्याय का उपहास कहा था।
उत्तर प्रदेश राज्य की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने भी आजम खां की याचिका का विरोध किया। सुप्रीम कोर्ट ने पहले आजम खां की जमानत याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने में लंबी देरी पर नाराजगी व्यक्त की थी और इसे न्याय का उपहास कहा था।