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लंबी पूछताछ के बाद हिरासत से रिहा हुए अब्दुल्ला आजम, बोलेे- यह गुंडाराज है

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर Published by: Prachi Priyam Updated Wed, 31 Jul 2019 10:29 PM IST
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धरने पर बैठे अब्दुल्ला आजम
धरने पर बैठे अब्दुल्ला आजम - फोटो : अमर उजाला
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शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार विधायक अब्दुल्ला आजम खां लगभग छह घंटे तक पुलिस की कस्टडी में रहकर पुलिस लाइन से बाहर आए तो उन्होंने पूरजोर तरीके से पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। अब्दुल्ला ने कहा, "मैंने पुलिस से सर्च वारंट के बारे में पूछा। उन लोगों के पास कोई आदेश नहीं था। यह अधिकारियों और पुलिसवालों का गुंडाराज है। यह विश्वविद्यालय हमारी धरोहर है, हम लोग इसे जाने नहीं देंगे, बचाएंगे। वे नहीं पकड़ सकते अगर वे चाहते हैं।
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अब्दुल्ला ने कहा कि पूरे प्रदेश में कानून नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में कानून नाम की कोई चीज होती तो जौहर यूनिवर्सिटी का गेट नहीं तोड़ा जाता, उन्नाव की बेटी को इंसाफ भी मिल गया होता। 

अब्दुल्ला ने कहा कि जुल्म और ज्यादती के विरोध में आज से शुरूआत हो गई है। जब शुरुआत हो गई है तो यह सिलसिला भी थम जाएगा। उन्होंने कहा कि रामपुर में पुलिस-प्रशासन भाजपा की एजेंट के तरह काम कर रही है। अधिकारी भाजपा को लोकसभा का चुनाव तो जीता नहीं पाए, अब विधानसभा के उपचुनाव में उसकी भरपाई करने की कोशिश की जा रही है।  

अधिकारी लखनऊ में बैठे अपने आकाओं को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर हम रामपुर पब्लिक स्कूल और जौहर यूनिवर्सिटी के लिए धरना दें तो जिले में धारा 144 लागू है। अगर भाजपा वाले धरना दें तो उनको पूरी छूट है। सांसद आजम खां का पुतला फूंका गया उस वक्त धारा 144 कहां थी। धारा 144 लागू था तो अधिकारियों ने आलियागंज में आकर धरना देने वालों से ज्ञापन क्यों लिया। विधायक ने कहा कि आज से शुरूआत हो गई है, गुरुवार को कई जिलों के सपाई यहां जुटेंगे।
 


बता दें कि आजम खान की यूनिवर्सिटी में बुधवार को लगातार दूसरे दिन छापा पड़ा, जिसमें यूनिवर्सिटी से वो मूर्तियां बरामद की गईं जो नवाबों के शासन काल में रामपुर क्लब से चोरी हो गई थीं। पुलिस ने कहा कि अब्दुल्ला पुलिस के कामकाज में बाधा डाल रहे थे, इसीलिए उन्हें हिरासत में लिया गया है। मदरसा आलिया से चोरी की गई किताबों की तलाश आज भी जारी है। 



मंगलवार को सांसद आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी में पुलिस ने छापा मारा था, जिसमें मदरसा आलिया से चोरी की गईं दो हजार से भी ज्यादा किताबें मिली थीं। अब्दुल्ला आजम यूनिवर्सिटी के सीईओ भी हैं। इसी संबंध में उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

साथ ही अब्दुल्ला आजम पर पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं, मंगलवार को भी पासपोर्ट के कागजातों में फर्जीवाड़े के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी। 

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