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Moradabad News: धनतेरस पर धन धनाधन... कारोबार 850 करोड़
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मुरादाबाद। धनतेरस के मौके पर शुक्रवार को बाजार में खूब धनवर्षा हुई। सराफा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, बर्तन समेत सभी सेक्टरों में खरीदारों धूम रही। सुबह से लेकर देर रात तक ग्राहकों से बाजार गुलजार रहे। व्यापारी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज गुप्ता के अनुसार, इस बार 850 करोड़ का कारोबार हुआ है।
ग्राहकों को रिझाने के लिए व्यापारियों ने भी अपने प्रतिष्ठानों में खूब सजावट की थी। फूलों के साथ-साथ रंग-बिरंगी आर्टिफिशियल झालरें लगाईं। दूधिया रोशनी के बीच बाजारों में फैली इत्र की खुशबू ग्राहकों को आकर्षित कर रही थी। बर्तन बाजार में खास चकाचौंध रही। शहर ही नहीं, दूसरे जनपदों से भी लोग खरीदारी करने के लिए पहुंचे।
देर रात तक गुरहट्टी चौराहे से लेकर मंडी चौक व बुध बाजार, जीएमडी रोड पर लोग खरीदारी करते नजर आए। लाइनपार, डबल फाटक, कटघर, हरथला, नवीन नगर, बंगला गांव, लाजपत नगर, मझोली आदि क्षेत्रों में लोगों ने जमकर खरीदारी की। बड़े-बड़े शोरूम में ग्राहकों को भुगतान करने के लिए लंबी लाइनों में लगकर एक-एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
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मिष्ठान, मेवा, गोटा, रेडीमेड कपड़ा, फर्नीचर आदि प्रतिष्ठानों पर भीड़ लगी रही। मिट्टी की मूर्तियों की खरीदारी करने के लिए खासा रुझान रहा। लोगों ने लक्ष्मी-गणेश की छोटी प्रतिमा से मां दुर्गा व अन्य देवी-देवताओं की बड़ी प्रतिमा भी खरीदीं। गली-मोहल्लों में मिट्टी के दीये बेचने के लिए फेरी वाले घूमते रहे।
इलेक्ट्रॉनिक बाजार मानपुर में चाइनीज झालर, लैंप, झूमर, लेजर लाइट, दीये की खूब बिक्री हुई। इस दौरान सजावट के सामान की कीमत में उछाल आया तो इलेक्ट्रॉनिक्स और आभूषणों पर कारोबारियों ने छूट देकर ग्राहकों को लुभाया।
सराफा बाजार में बिखरी गहनों की चमक
मंडी चौक सराफा कमेटी की कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य नवीन रस्तोगी ने बताया कि उम्मीद के मुताबिक बाजार अच्छा गया है। चांदी के सिक्कों की मांग खूब रही है। चांदी के बर्तन और माता लक्ष्मी, भगवान गणेश, मछली और कछुए की मूर्तियां बिकीं। सोने के आभूषणों में हल्के वजन के टॉप्स, अंगूठी, चेन की बिक्री हुई है। बाजार गंज के अध्यक्ष नीरज अग्रवाल ने बताया कि सोने के भाव 1,44,200 प्रति तोला तो चांदी के भाव 192500 रुपये प्रति किलो हैं। चांदी के सिक्के, पायल, बर्तनों की बिक्री ज्यादा रही। गले में पहनने वाले सोने के सेट, अंगूठी, चेन, मंगलसूत्र की मांग ज्यादा रही। चांदी के सिक्कों में ओवल और सादा गोल सिक्का खरीदा गया है। सिक्कों में सौ फीसदी हॉलमार्क वाले सिक्के खूब बिके। दस ग्राम से सौ ग्राम तक का सिक्का लोगों ने लिया। लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां खूब खरीदी हैं। उम्मीद है कि दिवाली पर भी बाजार अच्छा रहेगा।
क्रॉकरी और बर्तन बाजार में छाया उल्लास
प्रमुख बाजार, शॉपिंग मॉल और गली-मोहल्लों में बर्तन की खरीदारी के प्रति लोगों का रुझान रहा। क्रॉकरी के उत्पाद भी लोगों ने पसंद किए। कॉपर के बर्तनों की सबसे ज्यादा मांग रही। स्टील के ब्रांडेड आइटम बोतल, जग, लोटा आदि की बिक्री हुई। महानगर अध्यक्ष उप्र उद्योग व्यापार मंडल अजय अग्रवाल ने बताया कि कॉपर, स्टील और एल्युमीनियम के आइटम लोगों ने ज्यादा खरीदे।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में रही धूम
ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। दोपहिया और चार पहिया वाहनों की काफी बिक्री धनतेरस पर हुई। गाड़ियां खरीदने के लिए लोग सुबह से ही शोरूम पहुंचने लगे दिन। पहले ही बुकिंग करा ली गई थी। फिर भी गाड़ी लेने के लिए उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। कुछ शोरूम में तो भीड़ का यह आलम था कि ग्राहकों के बैठने की कुर्सियां कम पड़ गई थीं। पूरा स्टाफ बिक्री में लगा रहा। कई जगहों पर शोरूम के बाहर टेंट लगाकर गाड़ियों को खड़ा किया गया था। रात एक बजे तक वाहनों की बिक्री के लिए शोरूम खुले थे और ग्राहक गाड़ी को लेने के इंतजार में बैठे हुए थे।
फर्नीचर खरीदने के लिए लोगों में दिखा उत्साह
अन्य सामान की तरह लोगों में फर्नीचर खरीदने के लिए भी जबरदस्त उत्साह रहा। सबसे ज्यादा मांग सोफा और मंदिर की रही। मंदिर में दक्षिण भारतीय स्टाइल का क्रेज था तो सोफा में एल-शेप सोफा की बिक्री ज्यादा हुई। बेड, कवर्ड, सेंटर टेबल की भी खरीदारी की। ज्यादातर फर्नीचर 20 हजार से दो लाख रुपये तक का था।
गेंदे के फूल के बढ़ गए भाव, 125 रुपये प्रति किलो बिका
घर, प्रतिष्ठान और बाजारों की सजावट में सबसे अधिक गेंदा के फूलों का इस्तेमाल किया गया। इसकी वजह से फूलों की कीमत में भी उछाल देखने को मिला। सौ रुपये किलो बिकने वाला गेंदा का फूल शुक्रवार को 125 रुपये किलो रहा। फूलों की माला के बजाय वजन के हिसाब से बिक्री की गई। जगह-जगह ठेलों पर फूलों की भरमार रही।
इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों पर ऑफर्स की बहार
सबसे ज्यादा ऑफर इलेक्ट्रॉनिक के उत्पादों पर रहे। इसकी वजह से लोगों ने भी दिल खोलकर खरीदारी की। टीवी, फ्रिज, गीजर, वॉशिंग मशीन, माइक्रोवेव, म्यूजिक सिस्टम, मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप की खरीदारी की। बड़े फ्रिज व वॉशिंग मशीन देखने में जुटे रहे। रात एक बजे तक ग्राहक आते रहे।
खूब बिकीं मिठाइयां और ड्राई फ्रूट्स के गिफ्ट पैक
लोगों ने पूजा और गिफ्ट के लिए मिठाई और खिलौनों की खरीदारी की। किराना दुकानों पर भी पैकिंग वाली मिठाई को खरीदने के लिए लोगों में उत्साह रहा। खील, खिलौने और बताशे के प्रति रुझान बरकरार रहा। दुकानदारों ने खील की 250 ग्राम के पैकेट में पैकिंग कर रखी है। थोक में खिलौने 92 रुपये प्रति किलो और फुटकर में 100 से 120 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। कटरा नाज के दुकानदार ईशान रस्तोगी ने बताया कि दो सौ रुपये से चार हजार रुपये तक का ड्राई फ्रूट्स के पैकेट मौजूद है। बॉक्स के 70 से 80 तरह के डिजाइन हैं। इसमें साइज, रंग, मेटल प्लेट, टोकरी, गिफ्ट हैंपर हैं। मिष्ठान विक्रेता संजय सिंह ने बताया कि ऑर्डर ज्यादा आए हैं। दूध और मावे की मिठाई की बिक्री कम रही लेकिन घी की मिठाइयों की तरफ लोगों का रुझान ज्यादा रहा। सोहनपापड़ी, बालूशाही, काजू की बर्फी, मूंग की दाल का रसगुल्ला, सोहन हलुआ, उड़द की दाल का लड्डू, काला रसगुल्ला, मैसूर पाक की मिठाई की बिक्री है। चॉकलेट और जूस के गिफ्ट पैक भी खरीदे गए हैं।
लक्ष्मी जी के पैरों के स्टीकर खूब बिके
प्रमुख बाजारों में दुकानों के अलावा सड़क किनारे अस्थायी दुकानों पर दिनभर ग्राहकों की भीड़ लगी रही। लक्ष्मी जी के पैरों वाले स्टीकर की मांग ज्यादा रही। कंडील, झूमर, वंदनवार, झालर, लक्ष्मी-गणेश की फोटो, मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर के श्रीयंत्र की खूब बिक्री हुई। वंदनवार में सलीन, फूल, मोती, नग के अलावा मेटैलिक डिजाइन की धूम रही। 80 रुपये से पांच हजार रुपये तक की वंदनवार की बिक्री हुई। मिट्टी के सादा और सजे हुए दीयों की खरीदारी हुई। मिट्टी के लक्ष्मी-गणेश नग, कुंदन से सजे हुए हैं। शगुन की वजह से मिट्टी के हैं। तीन सौ रुपये से एक हजार रुपये तक के हैं।
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ग्राहकों को रिझाने के लिए व्यापारियों ने भी अपने प्रतिष्ठानों में खूब सजावट की थी। फूलों के साथ-साथ रंग-बिरंगी आर्टिफिशियल झालरें लगाईं। दूधिया रोशनी के बीच बाजारों में फैली इत्र की खुशबू ग्राहकों को आकर्षित कर रही थी। बर्तन बाजार में खास चकाचौंध रही। शहर ही नहीं, दूसरे जनपदों से भी लोग खरीदारी करने के लिए पहुंचे।
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देर रात तक गुरहट्टी चौराहे से लेकर मंडी चौक व बुध बाजार, जीएमडी रोड पर लोग खरीदारी करते नजर आए। लाइनपार, डबल फाटक, कटघर, हरथला, नवीन नगर, बंगला गांव, लाजपत नगर, मझोली आदि क्षेत्रों में लोगों ने जमकर खरीदारी की। बड़े-बड़े शोरूम में ग्राहकों को भुगतान करने के लिए लंबी लाइनों में लगकर एक-एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
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मिष्ठान, मेवा, गोटा, रेडीमेड कपड़ा, फर्नीचर आदि प्रतिष्ठानों पर भीड़ लगी रही। मिट्टी की मूर्तियों की खरीदारी करने के लिए खासा रुझान रहा। लोगों ने लक्ष्मी-गणेश की छोटी प्रतिमा से मां दुर्गा व अन्य देवी-देवताओं की बड़ी प्रतिमा भी खरीदीं। गली-मोहल्लों में मिट्टी के दीये बेचने के लिए फेरी वाले घूमते रहे।
इलेक्ट्रॉनिक बाजार मानपुर में चाइनीज झालर, लैंप, झूमर, लेजर लाइट, दीये की खूब बिक्री हुई। इस दौरान सजावट के सामान की कीमत में उछाल आया तो इलेक्ट्रॉनिक्स और आभूषणों पर कारोबारियों ने छूट देकर ग्राहकों को लुभाया।
सराफा बाजार में बिखरी गहनों की चमक
मंडी चौक सराफा कमेटी की कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य नवीन रस्तोगी ने बताया कि उम्मीद के मुताबिक बाजार अच्छा गया है। चांदी के सिक्कों की मांग खूब रही है। चांदी के बर्तन और माता लक्ष्मी, भगवान गणेश, मछली और कछुए की मूर्तियां बिकीं। सोने के आभूषणों में हल्के वजन के टॉप्स, अंगूठी, चेन की बिक्री हुई है। बाजार गंज के अध्यक्ष नीरज अग्रवाल ने बताया कि सोने के भाव 1,44,200 प्रति तोला तो चांदी के भाव 192500 रुपये प्रति किलो हैं। चांदी के सिक्के, पायल, बर्तनों की बिक्री ज्यादा रही। गले में पहनने वाले सोने के सेट, अंगूठी, चेन, मंगलसूत्र की मांग ज्यादा रही। चांदी के सिक्कों में ओवल और सादा गोल सिक्का खरीदा गया है। सिक्कों में सौ फीसदी हॉलमार्क वाले सिक्के खूब बिके। दस ग्राम से सौ ग्राम तक का सिक्का लोगों ने लिया। लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां खूब खरीदी हैं। उम्मीद है कि दिवाली पर भी बाजार अच्छा रहेगा।
क्रॉकरी और बर्तन बाजार में छाया उल्लास
प्रमुख बाजार, शॉपिंग मॉल और गली-मोहल्लों में बर्तन की खरीदारी के प्रति लोगों का रुझान रहा। क्रॉकरी के उत्पाद भी लोगों ने पसंद किए। कॉपर के बर्तनों की सबसे ज्यादा मांग रही। स्टील के ब्रांडेड आइटम बोतल, जग, लोटा आदि की बिक्री हुई। महानगर अध्यक्ष उप्र उद्योग व्यापार मंडल अजय अग्रवाल ने बताया कि कॉपर, स्टील और एल्युमीनियम के आइटम लोगों ने ज्यादा खरीदे।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में रही धूम
ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। दोपहिया और चार पहिया वाहनों की काफी बिक्री धनतेरस पर हुई। गाड़ियां खरीदने के लिए लोग सुबह से ही शोरूम पहुंचने लगे दिन। पहले ही बुकिंग करा ली गई थी। फिर भी गाड़ी लेने के लिए उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। कुछ शोरूम में तो भीड़ का यह आलम था कि ग्राहकों के बैठने की कुर्सियां कम पड़ गई थीं। पूरा स्टाफ बिक्री में लगा रहा। कई जगहों पर शोरूम के बाहर टेंट लगाकर गाड़ियों को खड़ा किया गया था। रात एक बजे तक वाहनों की बिक्री के लिए शोरूम खुले थे और ग्राहक गाड़ी को लेने के इंतजार में बैठे हुए थे।
फर्नीचर खरीदने के लिए लोगों में दिखा उत्साह
अन्य सामान की तरह लोगों में फर्नीचर खरीदने के लिए भी जबरदस्त उत्साह रहा। सबसे ज्यादा मांग सोफा और मंदिर की रही। मंदिर में दक्षिण भारतीय स्टाइल का क्रेज था तो सोफा में एल-शेप सोफा की बिक्री ज्यादा हुई। बेड, कवर्ड, सेंटर टेबल की भी खरीदारी की। ज्यादातर फर्नीचर 20 हजार से दो लाख रुपये तक का था।
गेंदे के फूल के बढ़ गए भाव, 125 रुपये प्रति किलो बिका
घर, प्रतिष्ठान और बाजारों की सजावट में सबसे अधिक गेंदा के फूलों का इस्तेमाल किया गया। इसकी वजह से फूलों की कीमत में भी उछाल देखने को मिला। सौ रुपये किलो बिकने वाला गेंदा का फूल शुक्रवार को 125 रुपये किलो रहा। फूलों की माला के बजाय वजन के हिसाब से बिक्री की गई। जगह-जगह ठेलों पर फूलों की भरमार रही।
इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों पर ऑफर्स की बहार
सबसे ज्यादा ऑफर इलेक्ट्रॉनिक के उत्पादों पर रहे। इसकी वजह से लोगों ने भी दिल खोलकर खरीदारी की। टीवी, फ्रिज, गीजर, वॉशिंग मशीन, माइक्रोवेव, म्यूजिक सिस्टम, मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप की खरीदारी की। बड़े फ्रिज व वॉशिंग मशीन देखने में जुटे रहे। रात एक बजे तक ग्राहक आते रहे।
खूब बिकीं मिठाइयां और ड्राई फ्रूट्स के गिफ्ट पैक
लोगों ने पूजा और गिफ्ट के लिए मिठाई और खिलौनों की खरीदारी की। किराना दुकानों पर भी पैकिंग वाली मिठाई को खरीदने के लिए लोगों में उत्साह रहा। खील, खिलौने और बताशे के प्रति रुझान बरकरार रहा। दुकानदारों ने खील की 250 ग्राम के पैकेट में पैकिंग कर रखी है। थोक में खिलौने 92 रुपये प्रति किलो और फुटकर में 100 से 120 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। कटरा नाज के दुकानदार ईशान रस्तोगी ने बताया कि दो सौ रुपये से चार हजार रुपये तक का ड्राई फ्रूट्स के पैकेट मौजूद है। बॉक्स के 70 से 80 तरह के डिजाइन हैं। इसमें साइज, रंग, मेटल प्लेट, टोकरी, गिफ्ट हैंपर हैं। मिष्ठान विक्रेता संजय सिंह ने बताया कि ऑर्डर ज्यादा आए हैं। दूध और मावे की मिठाई की बिक्री कम रही लेकिन घी की मिठाइयों की तरफ लोगों का रुझान ज्यादा रहा। सोहनपापड़ी, बालूशाही, काजू की बर्फी, मूंग की दाल का रसगुल्ला, सोहन हलुआ, उड़द की दाल का लड्डू, काला रसगुल्ला, मैसूर पाक की मिठाई की बिक्री है। चॉकलेट और जूस के गिफ्ट पैक भी खरीदे गए हैं।
लक्ष्मी जी के पैरों के स्टीकर खूब बिके
प्रमुख बाजारों में दुकानों के अलावा सड़क किनारे अस्थायी दुकानों पर दिनभर ग्राहकों की भीड़ लगी रही। लक्ष्मी जी के पैरों वाले स्टीकर की मांग ज्यादा रही। कंडील, झूमर, वंदनवार, झालर, लक्ष्मी-गणेश की फोटो, मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर के श्रीयंत्र की खूब बिक्री हुई। वंदनवार में सलीन, फूल, मोती, नग के अलावा मेटैलिक डिजाइन की धूम रही। 80 रुपये से पांच हजार रुपये तक की वंदनवार की बिक्री हुई। मिट्टी के सादा और सजे हुए दीयों की खरीदारी हुई। मिट्टी के लक्ष्मी-गणेश नग, कुंदन से सजे हुए हैं। शगुन की वजह से मिट्टी के हैं। तीन सौ रुपये से एक हजार रुपये तक के हैं।